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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • navalgadh ke sahityakar
    साहित्यिक गतिविधि

    नवलगढ़ के साहित्यकार भरतपुर में हुए सम्मानित

    ByAdmin May 20, 2023

    नवलगढ़ के साहित्यकार नगर भरतपुर में हुए सम्मानित काव्य के स्वर्णिम पुस्तक का विमोचन हुआ   काव्य गोष्ठी मंच, जयपुर एवं ब्रजवानी जन सेवा समिति, नगर के संयुक्त तत्वावधान मे साझा काव्य संकलन काव्य के मोती भाग – 2 का भव्य लोकार्पण, साहित्यकार सम्मान समारोह आज शनिवार को ब्रजभूमि की पावन धरा पर गंगा वाटिका…

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  • Jidhar dekhta hoon
    कविताएँ

    जिधर देखता हूं,उधर तू ही तू है | Jidhar Dekhta hoon

    ByAdmin May 19, 2023May 19, 2023

    जिधर देखता हूं,उधर तू ही तू है ( Jidhar dekhta hoon, udhar tu hi tu hai)    धरा चाहे घूमूं गगन चाहे छू लूं पवन बनकर चारो दिशाओं में ढूढूं कण कण में जलवा,तेरा हू -बहू है जिधर देखता हूं,उधर तू ही तू है।   इधर चाहे ढूढ़ूं उधर चाहे ढूढ़ूं मैं अनजान राही सा…

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  • Kinhi Kano se
    कविताएँ

    किन्हीं कानों से | Kinhi Kano se

    ByAdmin May 19, 2023May 19, 2023

    किन्हीं कानों से ( Kinhi kano se)    किसी की आंखों से, किन्हीं कानों से। कृपया मत देखो, कृपया मत सुनो।   केकई तो कान की कच्ची हो गई कुछ बात मंथरा कर्णप्रिय भर गई   राम राजतिलक होना तय हुआ भाग्य में बनवास जाना कर गई   कवि : रमाकांत सोनी सुदर्शन नवलगढ़ जिला झुंझुनू…

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  • Roshani
    शेरो-शायरी

    रौशनी | Roshani

    ByAdmin May 19, 2023

    रौशनी ( Roshani )   आप आए अंजुमन में साथ आई रौशनी देखिए कितने रुखों पे मुस्कराई रौशनी। बज़्म में तक़रीर बस थी झूठ पर ही चल रही एक सच मैने कहा तो खिलखिलाई रौशनी। बाद मुद्दत देखके सरकार हमको हंस दिये यूं लगा हरसू फ़िज़ा में आज छाई रौशनी। देख कर इंसाफ़ मिलते आज…

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  • Police par Kavita
    कविताएँ

    पुलिस | Police par Kavita

    ByAdmin May 19, 2023

    पुलिस ( Police )   हम हिन्दुस्तान के वीर सिपाही, मिलकर रहते है सब भाई भाई। चाहें कितनी हो यहाँ कठिनाई, पर खुशियों में बाॅंटे हम मिठाई।। कंधे पर रहती यह सदा बन्दूक, कोत में रखें है ऐसे कई सन्दूक। गोला बारूद, पिस्टल और गन, इनसे बचें नहीं कोई भी दुश्मन।। चाहें कितना कोई जोर…

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  • Hum kab Jagenge
    कविताएँ

    हम कब जागेंगे | Hum kab Jagenge

    ByAdmin May 19, 2023May 19, 2023

    हम कब जागेंगे? ( Hum kab jagenge )  अपनों की आवाज़ अपनों के खिलाफ बुलंद कराते हैं.. कुछ टुकड़े फेंक ललचाते हैं और हम, आपस में टकराते हैं! जाल यही हुक्मरानों की चाल यही राजघरानों की हमें बांट, लहू ये पीते हैं और लाशों पर फख्र से जीते हैं उनकी चालों के हम मुहरें हैं…

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  • Ghunghat
    कविताएँ

    नार नवेली दूर खड़ी मुख पर घुंघट डाल | Ghunghat

    ByAdmin May 18, 2023

    नार नवेली दूर खड़ी मुख पर घुंघट डाल ( Naar naveli door khadi mukh par ghunghat daal )    नार नवेली दूर खड़ी मुख पर घुंघट डाल। कब आएंगे साजना कब पूछे मोरा हाल शरमाती सकुचाती सी रेशम से काले बाल। गोरी गोरा मुखड़ा दमके नैना तीर कमाल। प्रियतम प्यारी नार नवेली मेहंदी रचे हाथ।…

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  • Kalam par kavita
    कविताएँ

    कलम ने जिंदगी आसान कर दी | Kalam par Kavita

    ByAdmin May 18, 2023

    कलम ने जिंदगी आसान कर दी ( Kalam ne zindagi aasan kar di )    बल जोश जज्बा उमंग भर दी हिम्मत हौसलों में जान कर दी चेतना की लौ जला मेरे मन में कलम ने जिंदगी आसान कर दी हर आंधी तूफ़ानों से भीड़ जाना हर बाधा मुश्किलों से टकराना कवि मन में ऐसी…

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  • Aam par Kavita
    कविताएँ

    भारत के आम | Aam par Kavita

    ByAdmin May 18, 2023

    भारत के आम ( Bharat ke aam )   फलों का राजा होता है आम, गर्मियों में आता है हर साल। खाते जिसे बच्चें, बुड्ढे जवान, सभी जगह मिलता हर हाल।। इससे जूस बनाके कोई पीते, कोई इसको ऐसे में चूस लेते। रस भरें आम सेहत खज़ाना, अमीर ग़रीब सभी इसे खाते।। भारत में जिसके…

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  • Koi to Hai
    कविताएँ

    कोई तो है | Koi to Hai

    ByAdmin May 18, 2023

    कोई तो है (मां पर कविता)    मन में जीवन में जीवन भर सदा के लिए दिल में बसी,                कोई तो है।   हर एक दुख में दर्द में सामने खड़ी हो जाती है ममता की मरहम लिए और हवा की सांसों सी सहला जाती है वह…..                 कोई तो है।  …

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