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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Kisan
    कविताएँ

    हम गांवों के किसान | Kisan

    ByAdmin May 29, 2023

    हम गांवों के किसान ( Hum gaon ke kisan )    हम है गांवों के ग़रीब किसान, करते-रहते है खेतों पर काम। मिलता नही हमको पूरा दाम, लगे रहते खेतों में सवेरे शाम।। पत्नी बच्चे और ‌सभी घरवाले, करते है काम खेतों पर साथ। मिलता है हमें रोटी एवं प्याज, मिलजुल कर खाते हम साथ।।…

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  • Jab nash manuj par chhata hai
    कविताएँ

    जब नाश मनुज पर छाता है | Jab Nash

    ByAdmin May 28, 2023

    जब नाश मनुज पर छाता है ( Jab nash manuj par chhata hai )    जब नाश मनुज पर छाता है, बल बुद्धि विवेक हर जाता है। अंधकार पग पग पर होता, किस्मत कोसकर तब नर रोता। नर की नजर में हितेषी भी, बैरी समान सा लगता है। कदम-कदम पर मुश्किलें अपार, दुख तकलीफों से…

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  • Toote Dil ki Peer
    कविताएँ

    टूटे दिल की पीर | Toote Dil ki Peer

    ByAdmin May 28, 2023May 28, 2023

    टूटे दिल की पीर ( Toote dil ki peer )    टूटे दिल की पीर भला अब कौन जाने। कौन सुनेगा फरियाद दर्द भरे अफसाने। कौन जाने हाल उन बुड्ढे मां और बाप के। आने लगे औलाद को जूते अब नाप के। कौन सुनेगा किसको सुनाएं दर्द दबाए बैठे हैं। कौन जाने अश्कों के मोती…

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  • Khafa si Nazar
    शेरो-शायरी

    ख़फ़ा सी नज़र | Khafa si Nazar

    ByAdmin May 27, 2023

    ख़फ़ा सी नज़र ( Khafa si nazar )   ख़फ़ा ख़फा सी नज़र सनम की बिला वज़ह के अड़ी हुई है टिकी रहे हर घड़ी हमीं पर नजर नहीं हथकड़ी हुई है। नहीं लिखा वो लक़ीर में जब भला मुकद्दर बने कहां से मगर वही दिल कि चाह है बस निगाह उस पर गड़ी हुई…

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  • Kab tak Ladoge
    कविताएँ

    कब तक लड़ोगे | Kab tak Ladoge

    ByAdmin May 27, 2023May 27, 2023

    कब तक लड़ोगे ( Kab tak ladoge )   कब तक लड़ोगें अपनों से, पूरे दिन पूरे रात सम्मान से जीने के लिए। तरसते रहेंगे लड़ते रहेंगे यूं ही। कभी जवान तो कभी नौजवान कभी महिला तो कभी किसान, कसूर क्या है इन सबका जो आज लड़ रही हैं देश के पहलवान। नाज था जिन…

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  • Jawani
    मुक्तक

    जो ना मचले जवानी जवानी नहीं | Jawani

    ByAdmin May 27, 2023

    जो ना मचले जवानी जवानी नहीं ( Jo na machle jawani jawani nahi )    जो ना मचले जवानी जवानी नहीं। कह ना सके कहानी कहानी नहीं। दिल का दर्द उभर लब तक आया। गले ना पत्थर आंख का पानी नहीं। याद ना दिलाए निशानी निशानी नहीं। उड़ानें भर ना सके भाई वो रवानी नहीं।…

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  • Beta
    कविताएँ

    बेटा | Beta

    ByAdmin May 26, 2023

    बेटा ( Beta )   झूले में पड़े रो-रो कर मां को बुलाने वाले गोदी से ना उतरने की जिद करने वाले बिना मां की लोरी के ना सोने वाले लकड़ी के गडले को पकड़ के खेलने वाले मां के आंचल में दौड़ कर छुपने वाले मिट्टी के सने हाथ मुंह पर रख हंसने वाले…

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  • Jeth ki Dupahari
    कविताएँ

    जेठ की दुपहरी | Jeth ki Dupahari

    ByAdmin May 26, 2023

    जेठ की दुपहरी ( Jeth ki Dupahari )   तू चलना मत छोड़ना, आगे बढ़ना मत छोड़ना। सफलता मिले या ना मिले, पीछे मुड़कर कभी ना देखना।। तू परेशानियों से ना घबरा, जेठ की दुपहरी से मत कतरा। डगमगा मत अपनें पाँवो से, दौड़ता चल अपनी रफ्तार से।। तू दौड़ में प्रथम भले ही ना…

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  • Kavi Satya Bolta hai
    कविताएँ

    कवि सत्य बोलता है | Kavi Satya Bolta hai

    ByAdmin May 25, 2023

    कवि सत्य बोलता है ( Kavi satya bolta hai )   हर बात वो क़लम से लिख देता है, और सभी तक फिर पहुँचा देता है। क़लम ही है कलमकार की ताकत, बेबसी व लाचारी भी लिख देता है।। लिख देता वो कविता और कहानी, सोच-समझकर सुना देता ज़ुबानी। हर एक शब्द का करके माप-दण्ड,…

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  • Vishwa Bandhutva
    कविताएँ

    विश्व बंधुत्व | Vishwa Bandhutva

    ByAdmin May 25, 2023May 25, 2023

    विश्व बंधुत्व  ( Vishwa Bandhutva )    चले  हाथों  में  हाथ ,  लेके   बताने बंधुत्व  भावना  को , सबमें  जगाने बांटते  हो  क्यों  आपसी, प्यार  को चाहते   हो  क्यों  छुपाना , हार  को सत्य  के  पथ  पर चलें  हम,एक हो बंधु  सम  रिस्तें  सभी  के , नेक हो, कामना  बंधुत्व  का, मन  में…

    Read More विश्व बंधुत्व | Vishwa BandhutvaContinue

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