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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Masoomiyat par Kavita
    कविताएँ

    मासूमियत | Masoomiyat par Kavita

    ByAdmin February 25, 2023

    मासूमियत ( Masoomiyat )    मासूम सी वो भोली भाली सूरत वो अल्हड़पन इठलाता सा निश्चल निर्भीक मासूमियत चेहरा कोई अनजाना सा दुनिया के आडंबर से दूर अपने आप में मशगूल बेखबर जहां के दुष्चक्रो से खिलता सा प्यारा फूल मधुर सी मिठास घोलता प्यार भरे मृदु वचन बोलता मासूमियत भरी नैनों में लगा बचपन…

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  • Kavita Bahe ja Rahe Hain
    कविताएँ

    जलधारा से बहे जा रहे हैं | Kavita Bahe ja Rahe Hain

    ByAdmin February 25, 2023

    जलधारा से बहे जा रहे हैं ( Jal dhara se bahe ja rahe hain )    गीत पुराने कहे जा रहे हैं, जलधारा से बहे जा रहे हैं। भाव सिंधु काबू रखो, कब से खड़े हम सहे जा रहे हैं। ये संसार दुखों का सिंधु, पग पग तूफां बने आ रहे हैं। बाधा मुश्किल अड़चन…

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  • Shikshak par Kavita
    कविताएँ

    शिक्षक होता युग निर्माता | Shikshak par Kavita

    ByAdmin February 25, 2023

    शिक्षक होता युग निर्माता ( Shikshak hota yug nirmata )    शिक्षक ही होता युग निर्माता, आदर्शों का वह पाठ पढ़ाता। वो मर्यादा, संस्कार सिखाता, भविष्य की बुनियाद ‌बनाता।। अज्ञानता से सबको उबारता, सद्गुणों का संदेश वह देता। अंधेरे से उजाला वो दिखाता, आध्यात्मिकता ज्ञान बताता।। सभी बच्चों का ध्यान रखता, बुद्धिमान व गुणवान बनाता।…

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  • Maharishi Valmiki par Kavita
    कविताएँ

    महर्षि वाल्मीकि | Maharishi Valmiki par Kavita

    ByAdmin February 25, 2023

    महर्षि वाल्मीकि ( Maharishi Valmiki )   बुरे कर्मों को छोड़कर सत्कर्मों में लगाया ध्यान, साधारण इंसा से बनें महर्षिवाल्मीकि भगवान। देवलोक के देवर्षि मुनि नारद जी के यह शिष्य, प्रचेता के ये दसवें पुत्र और संस्कृत के विद्वान।। महर्षिवाल्मिकी जीवन से मिलती प्रेरणा हजार, जो कभी राहगीर को लूटकर भरा पेट परिवार। आदिकवि एवं…

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  • Chhand Dhara Harsai
    कविताएँ

    धरा हरसाई | Chhand Dhara Harsai

    ByAdmin February 24, 2023

    धरा हरसाई  ( मनहरण घनाक्षरी )    वसुंधरा मुस्काई है, ऋतु बसंत आई है। खिलने लगे चमन, बहारें महकती। झूम उठी धरा सारी, नाच रहे नर नारी। पुष्प खिले भांति भांति, चिड़िया चहकती। अवनी अंबर सारे, नभ मे दमके तारे। वादियों में गूंज रही, धमाले धधकती। हरी भरी हरियाली, घर घर खुशहाली। रंगों की रंगत…

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  • Bhookh par Kavita
    कविताएँ

    भूख | Bhookh par Kavita

    ByAdmin February 24, 2023

    भूख ( Bhookh )   भूख की कामना है मिले रोटियां रहे सम्मान ना या बिके बेटियां भूख की आग जलती है बुझती कहां? इसके आगे ना दिखती है जन्नत जहां।   आग में जलते देखा है बच्चे जवां भूख से जो तड़प करके देते हैं जां रोटियां हो कई दिन पुरानी तो क्या भूख…

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  • Kavita Mere School ka Doodh
    कविताएँ

    मेरे स्कूल का दूध | Kavita Mere School ka Doodh

    ByAdmin February 24, 2023February 24, 2023

    मेरे स्कूल का दूध (एक घटना) ( Mere school ka doodh – Ek ghatna )    दुःख ही जीवन की कथा रही यह सदा  कष्ट  की व्यथा रही।   कब  तक  कोई लड़ सकता है! कब  तक  कष्टें  सह सकता है हो  सहनशक्ति   जब  पीर परे है  कौन  धीर  धर  सकता है?   मन …

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  • Kavita Khwabon mein Jalayegi
    कविताएँ

    ख्वाबों में जलाएगी | Kavita Khwabon mein Jalayegi

    ByAdmin February 24, 2023February 24, 2023

    ख्वाबों में जलाएगी! ( Khwabon mein Jalayegi )    ये जिस्म नहीं है बस आग बुझाने के लिए, अंतिम है इसका लक्ष्य मोक्ष पाने के लिए। अपनों से जंग बताओ कोई क्या लड़ेगा, अगर करो भी सौदा तो हार जाने के लिए। होता है गम बाढ़ के पानी के जैसा दोस्तों, बस साँसें टिकाए रखो…

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  • Kavita Mere Avgun Har lo na Prabhu
    कविताएँ

    मेरे अवगुण हर लो ना प्रभु | Kavita Mere Avgun Har lo na Prabhu

    ByAdmin February 24, 2023

    मेरे अवगुण हर लो ना प्रभु ( Mere avgun har lo na prabhu )    दर आया लेकर अरदास, मेरी झोली भर देना प्रभु। मैं मूरख नादान हूं ईश्वर, मेरे अवगुण हर लेना प्रभु। सृष्टि का संचार तुमसे ही, तुम ही पालनहारे प्रभु। भर देते भंडार सबके, सारे जग के रखवारे प्रभु। मन मंदिर में…

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  • Smrtiyon par Kavita
    कविताएँ

    स्मित स्मृतियों की मृदु मंथर वात | Smrtiyon par Kavita

    ByAdmin February 24, 2023

    स्मित स्मृतियों की मृदु मंथर वात ( Smit smrtiyon ki mrdu manthar waat )    स्मित स्मृतियों की मृदु मंथर वात हृदय उमड़ते भावों की नवप्रभात प्रिय मिलन की मधुर सी घड़ियां धड़कनों की डोरी सांसों की बात लबों के तराने दिलों का धड़कना लताओं की भांति हंसके लिपटना प्रित के सिंधु में हिलोरे हो…

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