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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Hindi Poem Ladki
    कविताएँ

    लड़की हुई है धीरे से कहने वालों | Hindi Poem Ladki

    ByAdmin January 23, 2023

    लड़की हुई है धीरे से कहने वालों ( Ladki hui hai dhire se kahne walon )   अब हमें पहचानो गाॅंवो शहरों में रहने वालों, कम नही है हम किसी से सिर ऊॅंचा उठालो‌। लड़की हुई है, इस तरह धीरे से कहने वालों, देख लो परिणाम हमारा बेटियो को पढ़ालो।। ऊॅंच-नीच के भेदभाव से अपनें…

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  • Naya Ujala Poem in Hindi
    गीत

    क्षितिज पार नया उजाला | Naya Ujala Poem in Hindi

    ByAdmin January 22, 2023January 22, 2023

    क्षितिज पार नया उजाला ( Kshitij par naya ujala )   हौसला भर चलो यारों, पड़े मुश्किलों से पाला है। खिड़की खोल देखो, क्षितिज पार नया उजाला है। क्षितिज पार नया उजाला है रोशन जिंदगी कर लो, प्रेम की सरिता बहती है। सारे तीर्थों की गंगा, मां के श्रीचरणों में रहती है। भर लो झोली…

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  • शुभम संस्था ने किया नगर के साहित्यकारों का सम्मान
    साहित्यिक गतिविधि

    शुभम संस्था ने किया नगर के साहित्यकारों का सम्मान

    ByAdmin January 22, 2023

    शुभम संस्था ने किया नगर के साहित्यकारों का सम्मान   बरेली। शुभम मैमोरियल साहित्यिक सामाजिक जन कल्याण समिति के तत्वावधान में रविवार को कवयित्री सत्यवती सिंह सत्या के आई.वी.आर.आई. रोड शिव नगर कालोनी स्थित आवास पर काव्य गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें नगर के चार प्रमुख साहित्यकारों का सम्मान किया गया।…

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  • Lalach par Kavita
    कविताएँ

    लालच के दुष‌‌‌ परिणाम | Lalach par Kavita

    ByAdmin January 22, 2023January 22, 2023

    लालच के दुष‌‌‌ परिणाम ( Lalach ke dushparinam )   सभी की नस- नस में दौड़ता ख़ून हो रहा पानी, जिंदगी खेलती उसी से जो बेहतर हो खिलाड़ी। लालच बला बुरी है न रचना कभी कोई षड़यंत्र, सोच समझकर काम करे शिक्षा का ये मूलमंत्र।। परिश्रम सभी इतना करो कि किस्मत बोल उठें, ले ले…

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  • Geet Narayan ko Paoon
    गीत

    नर से नारायण को पाऊं | Geet Narayan ko Paoon

    ByAdmin January 22, 2023

    नर से नारायण को पाऊं ( Nar se Narayan ko paoon )   ढूंढ रहा तुझको नाथ, मैं कहो किधर को जाऊं। करो कृपा करुणासागर, नर से नारायण को पाऊं। मंदिर में दीप जलाता,आलोकित हृदय कर दाता। मन का हर कोना दमके, रोशन करो विधाता। सुंदर सुमनहार बुन, सुरभित लेकर पुष्प चढ़ाऊं। महका दो मन…

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  • Poem in Hindi on Basant Ritu
    कविताएँ

    ऋतुएँ हैं अनेक पर बसंत ऋतु सर्वश्रेष्ठ | Poem in Hindi on Basant Ritu

    ByAdmin January 22, 2023

    ऋतुएँ हैं अनेक पर बसंत ऋतु सर्वश्रेष्ठ ( Rituyen hain anek par basant ritu sarvashreshth )   यह बसंत ऋतु लायी फिर से प्यारी सी सुगन्ध, ये प्रकृति निभाती सबके साथ‌‌ समान सम्बन्ध। यह जीने की वस्तुएं सभी को उपलब्ध कराती, शुद्ध हवा एवं अमृत जल हम सबको पिलाती।। इस प्रकृति की लीलाएं वसुंधरा पर…

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  • Poem in Hindi on Corona
    कविताएँ

    हिरण्यकश्यप बना कोरोना | Poem in Hindi on Corona

    ByAdmin January 22, 2023

    हिरण्यकश्यप बना कोरोना ( Hiranyakashyap bana corona )    में हूँ वैश्विक महामारी यह कोविड़, चाईना से आया हूँ में यह कोविड़। ख़ुद को ऐसा सब बनाओं शोलिड़, पास नही आऊंगा में यह कोविड़।। यह दूरी सबसे आप बनाकर रहना, सुरक्षा उपाय ऐसा अपनाते रहना। ज्यादा भीड़-भाड़ में कोई न जाना, भक्त प्रहलाद बनकर दिखलाना।।…

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  • अवध | Awadh par Kavita
    कविताएँ

    अवध | Awadh par Kavita

    ByAdmin January 21, 2023

    अवध ( Awadh )   रत्नजडित सिंहासन पर,अभिषेक राम का होगा। भारत की पहचान विश्व में, मन्दिर राम से होगा। भगवा ध्वँज पिताम्बर तुलसी, राम नाम गुँजेगा। शंख चक्र कोदण्ड धनुष संग,अवध नगर सँवरेगा। सरयू तट पर दीप करोडो, जगमग जग दमकेगा। भाव भक्ति से भरे भक्तों का,नयन मगर छलकेगा। रामचरित्र मानस गुँजेगा सरयू जी…

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  • Kavita Apne Bhagya ke
    कविताएँ

    हम अपने भाग्य के निर्माता स्वयं है | Kavita Apne Bhagya ke

    ByAdmin January 21, 2023

    हम अपने भाग्य के निर्माता स्वयं है ( Hum apne bhagya ke nirmata swayam hai )   हर एक इंसान मे होता है कोई न कोई हुनर, अलग-अलग काम करता ये है उसका कर्म। अपने आप को कोई समय से ही जगा लेता, लेकिन कई नींद में अपनी उम्र निकाल देता।। किसी का छिप जाता…

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  • Bahu par Kavita
    कविताएँ

    साक्षात लक्ष्मी घर आई | Bahu par Kavita

    ByAdmin January 21, 2023

    साक्षात लक्ष्मी घर आई ( Sakshat laxmi ghar aayi )    घर-परिवार में हमारे अनेंको खुशियाॅं लाई, वो बहु नही हमारे घर साक्षात लक्ष्मी आई। किया मान सम्मान एवं सबका रखा ध्यान, एक बेटी गयी तो दूसरी बेटी बनकर आई।। माताजी-बाबूजी इस तरह होने लगे तैयार, जैसे थे ही नही कभी वे इस घर में…

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