Kavita Apne Bhagya ke

हम अपने भाग्य के निर्माता स्वयं है | Kavita Apne Bhagya ke

हम अपने भाग्य के निर्माता स्वयं है

( Hum apne bhagya ke nirmata swayam hai )

 

हर एक इंसान मे होता है कोई न कोई हुनर,
अलग-अलग काम करता ये है उसका कर्म।
अपने आप को कोई समय से ही जगा लेता,
लेकिन कई नींद में अपनी उम्र निकाल देता।।

किसी का छिप जाता किसी का छप जाता,
टेलिविज़न पर आकर सुर्खियों में आ जाता।
इन अखबारों एवं पत्रिकाओं में उसका नाम,
क्योंकि स्वयं होता अपने भाग्य का निर्माता।।

अपने-अपने कर्मो का फल होता यही भाग्य,
और शुभ कर्म का फल ही होता है सौभाग्य।
जो लगाता है अपना जीवन अशुभ कर्मों में,
उस का पारितोषिक ही होता है यह दुर्भाग्य।।

जीवन पथ में सब को नही मिलती सफलता,
दूसरों का मुँह ताकने वाले पाते है विफलता।
ईश्वर ने दिया है सब को एक जैसा ही स्वरुप,
बुद्धि, स्मरण शक्ति जोश होश कार्य क्षमता।।

 

रचनाकार : गणपत लाल उदय
अजमेर ( राजस्थान )

 

Similar Posts

  • जय भारत | Jay Bharat

    जय भारत ( Jay Bharat )    फिर से अलख जगाना होगा बुझती ज्योत को उठाना होगा संचार विहीन सुप्त चेतना हुयी प्राण सुधारस फिर भरना होगा.. छूट रहे हैं सब अपने धरम करम निज स्वार्थ ही है अब बना मनका मरी भावना रिश्तों मे अपने पन की घृणित कर्म नही हो,सनातन का.. हिंदी होकर…

  • किताबें

    किताबें *** खाली अलमारियों को किताबों से भर दो, बैठो कभी तन्हा तो निकाल कर पढ़ लो। हो मन उदास तो- उठा लो कोई गीत गजल या चुटकुले कहानियों की किताब, पढ़कर भगा लो अवसाद। ये जीवनसाथी हैं, दोस्त हैं। दवा हैं, मार्गदर्शक हैं। समय समय पर उन्हें निहारो, समझो परखो विचारो। गूढ़ बात अपना…

  • इस्लाम का पैग़म्बर | Islam ka Paigambar

    इस्लाम का पैग़म्बर ( Islam ka Paigambar )   अल्लाह के हुक़्मरान से ये धर्म जिन्होंने बनाया, जिनके विचारों का ये धर्म इस्लाम है कहलाया। ईद मिलाद-उन-नबी पर्व उनकी याद में मनाया, जो मीठी-ईद एवं ईद-उल-फितर है कहलाया।। भारत संग कई देशों ने इसे धूम-धाम से मनाया, पैग़म्बर मोहम्मद साहब की याद सबको आया। मुख्यतः…

  • दिल से आगाज़ | Poem on valentines day in Hindi

    दिल से आगाज़ ( Dil se aagaaz ) दिल से आगाज़ , रूह पर अंजाम हो ऐसा ‘फसाना लिख जाता है यह…. इश्क खुद ना मुक्कम्मल रहकर भी मुक्कम्मल कर जाता है यह….इश्क कभी दीदार-ए-चांद,कभी इक ‘ बूंद ‘की खातिर चकोर सा कभी, तो किसी को पपीहा सा तरसा जाता है यह… इश्क #HappyValentinesDay लेखिका…

  • ढ़ाई आखर प्रेम के (दोहे)

    ढ़ाई आखर प्रेम के ( दोहे ) ( मंजूर के दोहे ) ***** १) ढ़ाई आखर प्रेम के,पंडित दियो बनाय। सद्भावना के पथ चले,जग को हिंद सुहाय।। २) ढ़ाई आखर प्रेम के,मित्रता दियो बढ़ाए। शत्रुता मिटाकर शत्रु जन,करने सलाह आए।। ३) ढ़ाई आखर प्रेम के, हैं उच्च शक्ति के पुंज। तमस मिटा रौशन करें,हर ले…

  • संगीत | Poem in Hindi on music

    संगीत ( Sangeet )   थिरक उठते साज सारे संगीत सबको प्यारा लगे स्वर लहरियां जब बजे झंकार करे इकतारा बजे   सात सुरों की तान छेड़े गीतों के तराने सभी मन में उमंगे जगे संगीत के बजते तार कभी   गीत गजल मधुर मधुर कर्णप्रिय धुन प्यारी ढोल ताशे साज बाजे बांसुरी की तान…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *