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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • बबुआ भैया का हुआ तकिया मेले में सम्मान
    साहित्यिक गतिविधि

    बैसवारे के मुंबई निवासी विधु भूषण बबुआ भैया का हुआ तकिया मेले में सम्मान

    ByAdmin January 6, 2023

    बैसवारे के मुंबई निवासी विधु भूषण बबुआ भैया का हुआ तकिया मेले में सम्मान   तकिया उन्नाव के ऐतिहासिक मेंले में कौमी एकता कवि सम्मेलन में मां की ममता, मां तुम्हे प्रणाम आदि सुप्रसिद्ध पुस्तको के लेखक कवि एवं राष्ट्रीय संस्था हृदयांगन साहित्यिक सामाजिक सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पंजीकृत संस्था मुंबई के संस्थापक अध्यक्ष शुक्ला खेड़ा…

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  • Poem khwahishon ka bojh
    कविताएँ

    ख्वाहिशों का बोझ | Poem khwahishon ka bojh

    ByAdmin January 6, 2023

    ख्वाहिशों का बोझ! ( Khwahishon ka bojh )   पराई आग पे रोटी सेंकने नहीं आता, रेजा-रेजा मुझे बिखरने नहीं आता। कत्ल कर देती हैं वे अपनी नजरों से, इल्जाम उनपे मुझे लगाने नहीं आता। गुनाह की रेत में मत दबा मेरा वजूद, झूठ की आग में जलने नहीं आता। मत छीनों जरूरत की चीजें…

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  • Amma
    विवेचना

    अम्मा | Amma

    ByAdmin January 6, 2023

    अम्मा ( Amma )   देखते ही देखते बाबूजी चल बसे और माँ बूढी से और ज्यादा बूढी हो गयी… आँखे उदास हो गयी पर चेहरे की चमक कम ना हो पायी। अगर आँखों को देखा जाए तो अब भी उसमें ळही प्यार वात्सल्य और अपनापन है जो मै देखता हूँ समझता हूँ पर चाह…

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  • Geet nirmal man ke darpan mein
    गीत

    निर्मल मन के दर्पण में | Geet nirmal man ke darpan mein

    ByAdmin January 5, 2023

    निर्मल मन के दर्पण में ( Nirmal man ke darpan mein )   पल रहे भाव अनुपम निर्मल मन के दर्पण में। सद्भावों की गंगा बहती प्रेम सुधारस अर्पण से। भाईचारा स्नेह बाटो भरो अनुराग आचरण में। विनय शील आभूषण है रहे नर हरि शरण में। निर्मल मन के दर्पण में मन मंदिर में करुणा…

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  • Kavita ketaki ka phool
    कविताएँ

    केतकी का फूल | Kavita ketaki ka phool

    ByAdmin January 5, 2023January 5, 2023

    केतकी का फूल ( Ketaki ka phool )   केतकी के फूल का भी अपना ही एक सफ़र रहा। प्रतिष्ठित रहा जो अपनी ही, शख्सियत के लिए सदा ही। जाना गया,वो माना भी गया हमेशा से बड़ा ही शाही रहा । किस्मत केतकी के फूल की अलग ही कहानी कहती हैं। सुंदर रहा वो अधुभूत…

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  • Kavita chal chhod de daru
    कविताएँ

    चल छोड़ दे दारू | Kavita chal chhod de daru

    ByAdmin January 5, 2023January 5, 2023

    चल छोड़ दे दारू ( Chal chhod de daru )   चल छोड़ दे दारू जरा तू फोड़ दे बोतल। मत लड़खड़ा प्यारे संभल संभल के चल। करना है नशा तो कर जरा तू स्वाभिमान का। धरती का लाल सपूत अन्नदाता किसान सा। अभिमान का त्याग करके संभाल अपनों को। शुभ कर्म कर संसार में…

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  • Kavita tumhare shehar ki fiza
    कविताएँ

    तुम्हारे शहर की फिज़ा | Kavita tumhare shehar ki fiza

    ByAdmin January 5, 2023January 5, 2023

    तुम्हारे शहर की फिज़ा ( Tumhare shehar ki fiza )   तुम्हारे शहर की अलग फिज़ा हैं प्यार तो जैसे बिका पड़ा है … हैं ये नीलामी अपने ही दिल की , जर्रे जर्रे पर फरेब छुपा पड़ा है … हर कोई राजा है अपने दिल का शतरंज दिल का यहां बिछा हुआ है ……

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  • Machhar par kavita
    कविताएँ

    कहते है मुझको मच्छर | Machhar par kavita

    ByAdmin January 5, 2023

    कहते है मुझको मच्छर ( Kehte hain mujhko machhar )   कहते है मुझको यहां सभी लोग मच्छर, में इंसानों का ख़ून पीता हूं घूम-घूमकर। घूमता रहता हूं में दिन रात और दोपहर, भूख मिटाता हूं में उनका ख़ून-चूसकर।। पुरुष अथवा महिला बच्चें चाहें वो वृद्ध, पीता हूं में रक्त इनका समझकर शहद। चीटी-समान हूं…

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  • Kavita andhi daud
    कविताएँ

    अंधी दौड़ | Kavita andhi daud

    ByAdmin January 4, 2023

    अंधी दौड़ ( Andhi daud )   नशा और उन्माद यह सर्द रात कैसा दौर आज नशा और उन्माद संस्कृति का विनाश प्रश्न पूछने पर बड़े बेतुके जवाब चुप रह जाते आप बिगड़ रहा समाज अंधी दौड़ कैसी भागमभाग बेकाबू गाड़ियां बेखौफ सवार अंधकार चहु ओर नीरसता सन्नाटा मौत का तांडव कहीं कोई दिखाता  …

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  • Khuddari par kavita
    कविताएँ

    खुद्दारी पे आँच आने न पाए | Khuddari par kavita

    ByAdmin January 4, 2023

    खुद्दारी पे आँच आने न पाए! ( Khuddari pe aanch aane na paye )   दीमाग पर अंधेरा जमने न पाए, यादों का मेला ओझल होने न पाए। ख्वाहिशों का कोई अंत नहीं भाई, माता-पिता की हबेली बिकने न पाए। एक जहां है इस जहां के और आगे, उस जहां का धन राख होने न…

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