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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Nav Varsh 2023 par kavita
    कविताएँ

    नव वर्ष 2023 | Nav Varsh 2023 par kavita

    ByAdmin December 31, 2022December 31, 2022

    नव वर्ष 2023 ( Nav Varsh 2023 )    नव वर्ष नूतन वर्ष की सभी को शुभकामनाएं पुष्पित पल्लवित होते रहे यही है दुआएं कदम दर कदम बढ़े जाएं यही कामनाएं राष्ट्रहित जन कल्याण की हो प्रबल भावनाएं कलुषित विचार त्याग हो नयी धारणाएं जाति धर्म विद्वेष से परे नया समाज बनाए   डॉ प्रीति…

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  • साहित्यकारों ने कहा अलविदा 2022
    साहित्यिक गतिविधि

    साहित्यकारों ने कहा अलविदा 2022

    ByAdmin December 31, 2022

    साहित्यकारों ने कहा अलविदा 2022 छिंदवाड़ा – साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद, संस्कृति विभाग, मध्यप्रदेश शासन, भोपाल की इकाई पाठक मंच (बुक क्लब) छिंदवाड़ा द्वारा नववर्ष की पूर्व संध्या पर राय भवन, दुर्गा चौक, छिंदवाड़ा में अलविदा -2022 कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ कौशल किशोर श्रीवास्तव ने की…

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  • Kavita annapurna ho tum hamare ghar ki
    कविताएँ

    अन्नपूर्णा हो तुम हमारे घर की | Kavita annapurna ho tum hamare ghar ki

    ByAdmin December 30, 2022

    अन्नपूर्णा हो तुम हमारे घर की ( Annapurna ho tum hamare ghar ki )   अन्न-पूर्णा हो तुम हमारे घर की, काम भी घर के सारे तुम करती। कभी प्रेम करती कभी झगड़ती, सारे दुख: व गम तुम सह जाती।। हर घर कहते तुझको गृह लक्ष्मी, कोई कहे रानी व कोई महारानी। काम करे दिन…

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  • Abhinandan Nav Varsh Tumhara
    कविताएँ

    अभिनंदन नव वर्ष तुम्हारा | Kavita Abhinandan Nav Varsh Tumhara

    ByAdmin December 30, 2022

    अभिनंदन नव वर्ष तुम्हारा  ( Abhinandan Nav Varsh Tumhara )    आओ नये वर्ष में यह संकल्प करें, बीती बातों को नजर अन्दाज करें। दिये जो जख़्म हमें पुराने साल ने, मिलकर खुशियों से उन्हें नष्ट करें।। आपसी मतभेद सबसे हम मिटाऍं, घर परिवार में फिर से प्यार बढा़ऍं। समाज देश में अपनी प्रतिष्ठा लाऍं…

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  • Kavita jata hua December
    कविताएँ

    जाता हुआ दिसंबर | Kavita jata hua December

    ByAdmin December 30, 2022

    जाता हुआ दिसंबर ( Jata hua December )   जाता हुआ ये दिसंबर देखो कुछ कह रहा है, बीते साल की स्मृतियों को , खुशियों संग विदा किया हैं।। आने वाले समय के भव्य , स्वागत के लिए तत्पर खड़ा मुख मंडल पर मुस्कान लिए, जाता हुआ ये दिसंबर कुछ कह रहा ।। आओ समेट…

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  • साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मंच सन्दर्श के बैनर तले साहित्य संगोष्ठी
    साहित्यिक गतिविधि

    साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मंच सन्दर्श के बैनर तले साहित्य संगोष्ठी

    ByAdmin December 30, 2022

    “यश विला” में साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मंच सन्दर्श के बैनर तले साहित्य के अनुष्ठान में आचार्य कवि नगेन्द्र शर्मा चिड़ावा को साहित्य -रत्न से अलंकृत व साहित्य संगोष्ठी   नवलगढ़ साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मंच सन्दर्श के बैनर तले स्थान “यश -विला” में चिड़ावा निवासी आचार्य कवि श्री नगेन्द्र शर्मा चिड़ावा के सम्मान में एक विशाल…

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  • Poem on rupees in Bhojpuri
    भोजपुरी

    रोपया | Poem on rupees in Bhojpuri

    ByAdmin December 30, 2022January 20, 2023

    ” रोपया “ ( Ropya )    रोपया के ना कवनो जात जे के ज्यादा उहे बाप उहे दादा उहे भाई चाहे हो क‌ईसनो कमाई रोपया से समान मिलेला जित धरम अउर शान मिलेला रोपया से सब कुछ खरीदाला कोट कचहरी अउर न्याय बिकाला रोपया में बा अ्इसन बात रोपया के ना कवनो जात रोपया…

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  • Ahir Regiment par kavita
    कविताएँ

    अहीर रेजिमेंट | Ahir Regiment par kavita

    ByAdmin December 30, 2022

    अहीर रेजिमेंट! ( Ahir Regiment )   सरहद पे दुश्मन की पैनी निगाहें, फिर से अहीर रेजिमेंट बनाएँ। यदुवंशियों की है लंबी कहानी, चीन भी देखा है इनकी जवानी। आओ उस हक़ को वापस दिलाएँ, फिर से अहीर रेजिमेंट बनाएँ, सरहद पे दुश्मन की पैनी निगाहें, फिर से अहीर रेजिमेंट बनाएँ। आँसू से आँचल कभी…

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  • Guru Gobind Singh Ji Par Kavita
    कविताएँ

    सिखों के दसवे गुरु गुरुगोबिंद सिंह जी | Guru Gobind Singh Ji Par Kavita

    ByAdmin December 28, 2022

    सिखों के दसवे गुरु गुरुगोबिंद सिंह जी ( Poem on Guru Gobind Singh Ji in Hindi ) सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी महान, याद करता रहेगा आपको सदैव ही सारा जहान। पौष-शुक्ला सप्तमी को हुआ था आपका जन्म, सन्त और लेखक बनकर बनाई अमिट पहचान।। प्रकाश पर्व के रूप में जन्मोत्सव मनाता…

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  • Belana-chauki par Bhojpuri kavita
    भोजपुरी

    बेलना-चौकी | Belana-chauki par Bhojpuri kavita

    ByAdmin December 28, 2022January 20, 2023

    बेलना-चौकी ( Belana-chauki )   तोहरा का बनेके बा बेलना या चौकी बेलना दबावेला, बजावेला, घुमावेला चौकी देखेला, सहेला, निभावेला चौकि जानेला, मानेला, पहचानेला बेलना कुचलेला, उछलेला, ठुकरायेला बेलना जब-जब फिसलेला चौकि तब-तब रोकेला बेलना बार-बार उमड़ के जायेला चौकि ‌‌‌रुक शांत हो मुसकरायेला दुनु के क‌इसन मेल बा बेलना अउर चौकि के क‌इसन खेल…

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