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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Chinta par kavita
    कविताएँ

    चिंता की रेखाएं | Chinta par kavita

    ByAdmin December 16, 2022December 16, 2022

    चिंता की रेखाएं ( Chinta ki rekhayen )   जीवन पथ है सरल,सरस कोमल किसलय सा फिर मधुर जीवन क्यों ,हो जाता है विषमय सा   खिच जाती है आर ,पार जीवन के पथ पर दिख जाती है खिंची, तनी उभरी मस्तक पर   कहती करुण असहन, वेदना मनुष्यता का जीवन-सुख बिनु तड़प, तड़प मन…

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  • Emotional short story in Hindi
    कहानियां

    स्त्री घर की देवी | Emotional short story in Hindi

    ByAdmin December 16, 2022December 16, 2022

    स्त्री घर की देवी ( Stree ghar ki devi )   सुधा … ( जोर से आवाज लगाते हुई सासू मां ) दरवाजे , पर कोई हैं देखो तो जरा में पूजा पर बैठी हूं। सुधा जाकर दरवाजा खोलती है, आज बाहर से उनके मामा ससुर जी को देख वह चौक गई आखिर इतने दिन…

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  • कलाम कोचिंग क्लासेज कैम्पस में गर्भस्थ शिशु संरक्षण समिति द्वारा कवि सम्मेलन
    साहित्यिक गतिविधि

    कलाम कोचिंग क्लासेज कैम्पस में गर्भस्थ शिशु संरक्षण समिति द्वारा कवि सम्मेलन

    ByAdmin December 16, 2022

    कलाम कोचिंग क्लासेज कैम्पस में गर्भस्थ शिशु संरक्षण समिति द्वारा कवि सम्मेलन   नवलगढ़ कलाम कोचिंग क्लासेज कैम्पस में चिड़ावा से आये सुप्रसिद्ध कवि श्री नगेन्द्र शर्मा के सम्मान में एक विशाल कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया । सबसे पहले कवि सम्मेलन के अतिथि कवि को मुख्य अतिथि बनाया गया और कवि सम्मेलन की…

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  • laghu katha Hindi mein
    कहानियां

    समझौता | laghu katha Hindi mein

    ByAdmin December 15, 2022December 15, 2022

    समझौता ( Samjhauta ) “मुझे माफ़ कर दो राज।” “मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई।” “अलगाव के इन तीन सालों ने मुझे बहुत सारें सबक़ सिखाये है और अब मुझे मेरी ग़लतियाँ समझ में आ चुकी है।” फोन पर कल्पना एक ही साँस में कहती चली गई। “बस कल्पना बस।” “अब मैं समझौते की दुनिया…

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  • Svadhyaya par doha
    दोहे

    स्वाध्याय | Svadhyaya par doha

    ByAdmin December 15, 2022December 15, 2022

    स्वाध्याय ( Svadhyaya )   स्वाध्याय जो नित्य करें, मनन करें सुविचार। चित उज्जवल पावन बने, बहे नेह रसधार। उर उजियारा हो सखे, जगे ज्ञान यशदीप। महके चमन जीवन का, मधुर बजे संगीत। पठन अरू पाठन करे, मनन करे दिन-रात। बुध्दिबल यश वैभव बढ़े, मिले सुधीजन साथ।   रचनाकार : रमाकांत सोनी सुदर्शन नवलगढ़ जिला झुंझुनू ( राजस्थान…

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  • Poem apni chabi nihar
    कविताएँ

    अपनी छवि निहार | Poem apni chabi nihar

    ByAdmin December 15, 2022December 15, 2022

    अपनी छवि निहार ( Apni chabi nihar )   अपनी छवि निहार , सुध भूद खोई बैठी नयन राह देखे मेरे , सखियों से दूरी होई।। दिनभर चली पवन , पर कम न हुई तपन , पानी से भीगा तन, फिर भी प्यासा ये मन ।। अटखेलियां करती में, तुम बिन नीरस होई, फिर से…

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  • यूनिट एक सौ पैंसठ | Unit 165 par kavita
    कविताएँ

    यूनिट एक सौ पैंसठ | Unit 165 par kavita

    ByAdmin December 15, 2022

    यूनिट एक सौ पैंसठ ( Unit 165 )    काल का भी होगा नही १६५ पर आघात, क्यों कि हम पर है महाकालेश्वर का हाथ। निकले है हम सभी वतन सुरक्षा के लिए, ईश्वर को भी पता है हम करते नही घात।। उम्मीद का दीपक हमने बुझने नही दिया, कई चट्टानें चक्रव्यूह यू ही पार…

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  • Kavita Ae China
    कविताएँ

    ऐ चीन | Kavita Ae China

    ByAdmin December 15, 2022December 15, 2022

    ऐ चीन ( Ae China )    ऐ! चीन तेरा जीना हराम कर देंगे, तेरा सारा वार हम नाकाम कर देंगे। तवांग में अभी तूने जो की थी घुसपैठ, फिर किया हिमाकत तो ढेर कर देंगे।   राफेल, सुखोई भी हैं इंतजार में, हम जिनपिंग की नाक में दम कर देंगे। गलवान में ऐ! ड्रैगन…

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  • Batwara par kavita
    कविताएँ

    बटवारे का ख़्याल | Batwara par kavita

    ByAdmin December 14, 2022December 13, 2022

    बटवारे का ख़्याल ( Batware ka khayal )    ना कोई रियासते है न ही ‌हाथी-घोड़े, बटवारा केवल है ये बर्तन थोड़े-थोड़े। बटवारे हुये जिनके अनेंको है किस्से, अब क्या समझाएं तुम हो पढ़ें लिखें।। बटवारे के लिए हुआ यह महाभारत, दिन में होता युद्ध शाम पूछते हालत। सभी परिवारों का आज यही है हाल,…

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  • Saman nagrik sanhita par kavita
    कविताएँ

    समान नागरिक संहिता | Saman nagrik sanhita par kavita

    ByAdmin December 13, 2022December 13, 2022

    समान नागरिक संहिता! ( Saman nagrik sanhita )    देर -सबेर सरकार यूनिफार्म सिविल कोड लानेवाली है, क़ानून की नजर में हमें समान सूत्र में बाँधनेवाली है। शादी,तलाक,एडॉप्शन,विरासत के लिए होगा समान क़ानून, जमीन -जायदाद के बँटवारे में वही राह दिखानेवाली है।   अलग -अलग क़ानून से देखो न्यायपालिका पर है बोझ पड़ता, इस नये…

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