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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Kavita banna hai sena ka jawan
    कविताएँ

    बनना है सेना का जवान | Kavita banna hai sena ka jawan

    ByAdmin December 11, 2022December 11, 2022

    बनना है सेना का जवान ( Banna hai sena ka jawan )     जन्म हुआ था जब मेरा इस धरती पर, खुशियाॅं नही थी परिवार के चेहरों पर। लेकिन ख़ुश था यह  सारा प्यारा जहां, ये धरती‌ अंबर प्रकृति और गगन यहां।।   ख़ुशी थी मेंरे ‌माॅं एवं बापू के चेहरे पर, लेकिन झलकी…

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  • विश्व मानवाधिकार दिवस पर कवि गोष्ठी आयोजित
    साहित्यिक गतिविधि

    विश्व मानवाधिकार दिवस पर कवि गोष्ठी आयोजित

    ByAdmin December 11, 2022December 11, 2022

    विश्व मानवाधिकार दिवस पर कवि गोष्ठी आयोजित   नवलगढ़, नाहर सिंह पार्क के पास सेकसरिया वस्त्र भण्डार में राष्ट्रीय शब्दाक्षर साहित्यिक संस्था के तत्त्वावधान में मानवाधिकार दिवस पर कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया । कार्यक्रम की अध्यक्षता व्यवसायी राममोहन सेकसरिया ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ कवि सज्जन जोशी थे। कवि गोष्ठी में…

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  • Poem in Hindi on jeevan
    कविताएँ

    जीवन ही कुछ ऐसा है | Poem in Hindi on jeevan

    ByAdmin December 11, 2022December 11, 2022

    जीवन ही कुछ ऐसा है  ( Jeevan hi kuch aisa hai )    जीवन ही कुछ ऐसा है  समझो दुःख के जैसा है सोंचते हो सुख है जीवन कभी नही यह वैसा है।   देख ले पापा का जीवन जीना सुबहो शाम तक, कैसे कैसे खोजते सुख खेत से खलियान तक।   पेड़ ना फलता…

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  • Manav adhikar par kavita
    कविताएँ

    मानव के अधिकार समझें | Manav adhikar par kavita

    ByAdmin December 11, 2022December 11, 2022

    मानव के अधिकार समझें ( Manav ke adhikar samjhe )    देश-दुनिया के इतिहास में यह दिन भी है ख़ास, जागरुक करें पूरे विश्व को ऐसी रखनी है आस। १० दिसंबर को मनाता है यह दिवस हर इन्सान, मानव के अधिकार समझाएं करें ऐसे ये प्रयास।।   जिसमे शामिल है सबको ये स्वतंत्रता अधिकार, स्वास्थ्य…

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  • Kavita mera dost
    कविताएँ

    मेरा दोस्त मुझसे रूठा ऐसा | Kavita mera dost

    ByAdmin December 11, 2022December 11, 2022

    मेरा दोस्त मुझसे रूठा ऐसा ( Mera dost mujhse rootha aisa )    आज फिर एक-बार हुआ ऐसा, मेरा दोस्त मुझसे रूठा है ऐसा। ना बोलकर गया न खबर दिया, दिल के दुखः गम सब पी गया।।   चला गया मुझको ऐसे छोड़कर, वापस नहीं आऍंगा वो लौटकर। सेना में जीवन का खेल निराला, कौन…

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  • Prerna Dene Wali Kavita In Hindi
    कविताएँ

    संम्भाल अपने होश को | Prerna Dene Wali Kavita In Hindi

    ByAdmin December 11, 2022December 11, 2022

    संम्भाल अपने होश को ( Sambhal apne hosh ko )     उत्साह भर कर्मों में अपने जीवन जीना सीख ले, छोड़ अपनों का सहारा खुद भाग्य रेखा खींच ले।   भीड़ में है कौन सीखा जिंदगी के सीख को, हाथ बांधे ना मिला है मांगने से भीख को।   ढाल ले खुद को ही…

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  • जब भी कोई काम करो | Kavita jab bhi koi kaam karo
    कविताएँ

    जब भी कोई काम करो | Kavita jab bhi koi kaam karo

    ByAdmin December 10, 2022December 10, 2022

    जब भी कोई काम करो ( Jab bhi koi kaam karo )   जब भी कोई काम करो कोई मुझे देख रहा है यही सोचकर करो दिल पर जरा हाथ रखो उसने सही कहा तभी करो नफरतों कि आंधियों में झूठा दोष किसी को ना दो ईमान से इनाम के हकदार तुम बन जाते हो…

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  • Matdan par kavita
    कविताएँ

    मतदान | Matdan par kavita

    ByAdmin December 10, 2022April 22, 2024

    मतदान  ( Matdan )  ( 3 ) पलट दो सत्ता को पलट दो आवाम पर्व है लोकतंत्र का चलो चले करें मतदान लालच बुरी बला है संकट इससे कहां टला है स्वयं में स्वतंत्र बनो नहीं तुम परतंत्र बनो वोट हमारी पूंजी है समर्थ देश की कुंजी है जात धर्म मजहब से ऊपर देश हमारा…

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  • Poem hans lo jara
    कविताएँ

    हंस लो जरा मुस्कुरा लो | Poem Hans lo Jara

    ByAdmin December 10, 2022June 30, 2024

    हंस लो जरा मुस्कुरा लो ( Hans lo jara muskura lo )    हंस लो जरा मुस्कुरा लो जिंदगी है चार दिन की खुशियां तुम मना लो कल किसने देखा है खिली सरसों के जैसे हंसो खिलखिला लो तुम पतझड़ की आंधी में टूट बिखर जाओगे जब यादों के पन्नों मे बस फिर रह जाओगे…

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  • Chaaploosi par kavita
    कविताएँ

    चापलूसी एक हूनर | Chaaploosi par kavita

    ByAdmin December 10, 2022

    चापलूसी एक हूनर ( Chaaploosi ek hoonar )    चापलूसी भी एक कला है जो चमचागिरी कहलाती। सत्ता के गलियारों में यह नेताओं को बहुत लुभाती।   चापलूसी के दम पे कई शहरों में ठेकेदार बन आए। मीठी चाशनी में भीगे शब्द मोहक रसीले खूब भाए।   चमचों की संगठित टीम चापलूसी का हुनर रखते।…

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