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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Lakshya par kavita
    कविताएँ

    लक्ष्य पर संधान | Lakshya par kavita

    ByAdmin December 20, 2022

     लक्ष्य पर संधान  ( Lakshya par sandhan )    रास्ता बहुत कठिन था हमारा पर मंजिल पाना ज़रूरी था हमारा। तलब थी यही इस मन में जो हमारी कोई अनहोनी ना हो जाएं इच्छा थी हमारी।। मज़बूत था इरादा और पक्का था हमारा वादा जिन्दा पकड़ आएं तो ठीक नही तो फिर शूट। देश आन्तरिक…

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  • Geet mere ghar aayi ek nanhi pari
    गीत

    मेरे घर आई एक नन्ही परी | Geet mere ghar aayi ek nanhi pari

    ByAdmin December 20, 2022

    मेरे घर आई एक नन्ही परी ( Mere ghar aayi ek nanhi pari )    महका आंगन सारा सुन बिटिया की किलकारी। दादी अम्मा दौड़ी आई देखने सूरत प्यारी। मेरे घर आई एक नन्ही परी रोशन घर का कोना-कोना रिश्तों में बहारें आई। सबके चेहरे पे खुशियां अधरों पे मुस्काने छाई। मंगल गीत बंदनवार बधाई…

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  • Ishrar par kavita
    कविताएँ

    मत करो इसरार जी | Ishrar par kavita

    ByAdmin December 20, 2022May 2, 2024

    मत करो इसरार जी ( Mat karo ishrar ji )   हर किसी को चाहिए, अधिकार ही अधिकार जी। कोई भी करता नहीं , कर्तव्यहित व्यवहार जी।। बिन दिए मिलता नहीं है, बात इतनी जान लो, प्यार गर पाना है तो, देना पड़ेगा प्यार जी।। दूसरो को दोगे इज्जत, होगी तब हासिल तुम्हें, कब भला…

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  • Ahankaar par kavita
    कविताएँ

    अहंकार | Ahankaar par kavita

    ByAdmin December 20, 2022

    अहंकार ( Ahankaar )    किस बात का गुरूर,क्यों नर मगरूर तू। क्या तुमने कर दिया, क्यों नशे में चूर तू। गर्व ही करना कर, वतन की शान पर। बोल मीठे बोल प्यारे, हो जा मशहूर तू। मत कर अभिमान, नशे में होकर चूर। चंद सांसों का खेल है, जी ले भरपूर तू। हम हैं…

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  • Aughad dani par kavita
    कविताएँ

    औघड़ दानी | Aughad dani par kavita

    ByAdmin December 20, 2022December 20, 2022

    औघड़ दानी ( Aughad dani )   जब कोई ना हो सहारा रिश्तो के बंधन से हारा फिरता जब तू मारा मारा देता एक ही साथ तुम्हारा औघड़ दानी बाबा प्यारा जिसने भवसागर को तारा मिले नदी को जैसे किनारा वह हरता है संकट सारा वह जाने कष्ट है हमारा करता जीवन में उजियारा जो…

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  • Hindustan par kavita
    कविताएँ

    हिंदुस्तान | Hindustan par kavita

    ByAdmin December 19, 2022December 19, 2022

    हिंदुस्तान! ( Hindustan )   मोहब्बत की जमीं का नाम है हिंदुस्तान, अनेकता में एकता का नाम है हिंदुस्तान। अखिल विश्व को जो मानता अपना कुटुंब, उस वसुधैव कुटुंबकम का नाम है हिंदुस्तान। जिस पावन धरती पर राम वन गमन किये, उस त्याग – तपस्या का नाम है हिंदुस्तान। देश की आजादी में चूमें फांसी…

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  • Vajpayee ji par kavita
    कविताएँ

    कुशल राजनीतिज्ञ थे वाजपेयी ‌| Vajpayee ji par kavita

    ByAdmin December 19, 2022

    कुशल राजनीतिज्ञ थे वाजपेयी ‌ ( Kushal rajnitigya the Vajpayee )   अपनें आदर्शों से बनाई जिन्होंने ख़ास पहचान, ऐसे कुशल राजनीतिज्ञ‌ थें वें प्रधानमंत्री महान। अटल जिनके इरादें एवं अटल बिहारी था नाम, ढ़ेर कविताएं लिखी इन्होंने बरसे‌ जिससे ज्ञान।।   वें प्रेरणादायक ऐसी रचनाएं हुई प्रसिद्ध संसार, ज्ञान ध्यान वें करते रोज़ाना सबसे…

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  • Apnatva par kavita
    कविताएँ

    अपनत्व दिखावा तो नहीं | Apnatva par kavita

    ByAdmin December 19, 2022December 19, 2022

    अपनत्व दिखावा तो नहीं ( Apnatva dikhawa to nahi )   अपनापन अनमोल भाई कोई दिखावा तो नहीं। अपनों से परिवार सुखी कोई छलावा तो नहीं। अपनो की महफिल में महके खिलते चमन दिलों के। दिखावे की दुनिया में मिलते कदम कदम पे धोखे। घट घट प्रेम सरिताएं बहती पावन प्रेम की रसधार। सुख आनंद…

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  • हृदयांगन की साहित्यिक यात्रा कानपुर होकर पहुंची हरिद्वार
    साहित्यिक गतिविधि

    हृदयांगन की साहित्यिक यात्रा कानपुर होकर पहुंची हरिद्वार

    ByAdmin December 19, 2022

    हृदयांगन की साहित्यिक यात्रा कानपुर होकर पहुंची हरिद्वार   साहित्य,सामाजिक,सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक राष्ट्रीय संस्था हृदयांगन परिवार साहित्यिक यात्रा अनवरत मुंबई से चलकर उन्नाव लखनऊ कानपुर होते हुए देहरादून की पावन नगरी हरिद्वार पहुंची। संस्था के संस्थापक अध्यक्ष विधु भूषण त्रिवेदी विद्यावाचस्पति जी ने राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी विनय शर्मा दीप को बताया। 11 दिवसीय हृदयांगन‌ संस्था…

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  • Imandari par kavita
    कविताएँ

    ईमानदारी | Imandari par kavita

    ByAdmin December 18, 2022December 18, 2022

    ईमानदारी ( Imandari )    ईमानदारी बहुत दुखी है झूठ का बोलबाला है लूट खसोट निरंतर जारी निकल रहा दिवाला है   दीन ईमान की बातें सारी जनभाषण में बह जाती है छल कपट का राज हो रहा ईमानदारी दब जाती है   मेहनत मजदूरी जो करते सदा चलते सीना तान अटल रहे सच्चाई पर…

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