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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Geet man ke haare haar hai
    गीत

    मन के हारे हार है | Geet man ke haare haar hai

    ByAdmin December 2, 2022December 3, 2022

    मन के हारे हार है ( Man ke haare haar hai ) मन के हारे हार है नर मन के जीते जीत मनमौजी मनवा फिरे मन उमड़ती प्रित मनमयूरा झूम के नाचे चलती मस्त बयार है बुलंद हौसला उर भर लो मन के हारे हार है मन के हारे हार है मन मुस्काता मन इठलाता…

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  • Hindi chhand kavita
    कविताएँ

    लगन | Hindi chhand kavita

    ByAdmin December 2, 2022

    लगन ( Lagan )  मनहरण घनाक्षरी   मीरा सी लगन लगे, मन में उमंग जगे। प्रेम की तपन कोई, उर मे जगाइए।   मौसम सुहाना छाए, काली घटा घिर आए। मन में लगन जगे, जतन बढ़ाइए।   काम कोई छोटा नहीं, कर्मठ को टोटा नहीं। मेहनत लगन से, शुभ फल पाइए।   आमद अच्छी कमाओ,…

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  • Poem on Jazbaat in Hindi
    कविताएँ

    जज़्बातों की दास्तान | Poem on Jazbaat in Hindi

    ByAdmin December 1, 2022December 1, 2022

    जज़्बातों की दास्तान ( Jazbaaton ki dastaan )   जीवन की आधी रातें सोच-विचार में और आधे दिन बेकार हो गए, जो थे आंचल के पंछी अब हवा के साहूकार हो गए, हर रोज़ कहती है ज़िंदगी मुझसे जाओ तुम तो बेकार हो गए, हम भी ठहरे निरे स्वाभिमानी, लगा ली दिल पर चोट गहरी,…

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  • Sainik par kavita
    कविताएँ

    मैं सैनिक हूँ | Sainik par kavita

    ByAdmin December 1, 2022

    मैं सैनिक हूँ  ( Main sainik hoon )    मैं हूॅं भारतीय  सेना का वीर, आग हवा कांटे चाहें हो नीर। सर्दी गर्मी चाहे वर्षा चले घोर, रखता सदा रायफल सिर मोर।।   चाहें हो जाऍं सुबह से शाम, करता नही कभी में आराम। घुसनें न दूं दुश्मन अपनी और, हो जाऍं  रात  चाहे फिर …

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  • मां बाप बेवजह बदनाम होते है
    कविताएँ

    मां बाप बेवजह बदनाम होते है | Poem dedicated to parents in Hindi

    ByAdmin December 1, 2022

    मां-बाप बेवजह बदनाम होते है ( Maa-baap bewajah badnaam hote hai )      शिक्षा संस्कार देते हमें अंगुली पकड़ सीखलाते हैं। लाड प्यार से पालन करते वो प्रेम सुधा बरसाते हैं। उन्नति मार्ग सदा दिखलाते बीज संस्कारी बोते हैं। भली सीख देते मां-बाप बेवजह बदनाम होते हैं।   संघर्षों से खुद भीड़ जाते शीतल…

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  • मां के आंगन की मिट्टी
    कविताएँ

    मां के आंगन की मिट्टी | Dr. Preeti Parmar Poetry

    ByAdmin December 1, 2022

    मां के आंगन की मिट्टी ( Maan ke aangan ki mitti )    दो पल के लिए मेरे मन उस रास्ते से गुजर जाऊं मां के आंगन की मिट्टी अपने आंचल में भर लाउ मां के आंचल की खुशबू अपनी सांसों में भर लाऊं आम के पेड़ और झूला धमाचौकड़ी का मंजर अपनी आंखों में…

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  • Harivansh Rai Bachchan par kavita
    कविताएँ

    राष्ट्रवादी कवि हरिवंशराय बच्चन | Harivansh Rai Bachchan par kavita

    ByAdmin December 1, 2022December 1, 2022

    राष्ट्रवादी कवि हरिवंशराय बच्चन ( Rashtrawadi kavi harivansh rai bachchan )      हिन्दी साहित्य में जिनका यह आदरणीय स्थान, हरिवंश राय बच्चन है ऐसी शख्सियत का नाम। कई कथाएं कई कविताएं एवं गीतों में योगदान, महान कवियों में लिया जाता है आपका नाम।।   सहज-सरल और उत्साह भरी रचनाएं है अपार, कभी हृदय पीड़ा…

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  • Geet uth jaag musafir
    कविताएँ

    उठ जाग मुसाफिर भोर भई | Geet uth jaag musafir

    ByAdmin December 1, 2022

    उठ जाग मुसाफिर भोर भई ( Uth jaag musafir bhor bhai )    चार दिन की चांदनी है, दो दिन का मेला है। झूठी जग की माया है, झुठा हर झमेला है। मन की आंखें खोल प्राणी, मत पाल तमन्नायें नई। उठ जाग मुसाफिर भोर भई, उठ जाग मुसाफिर भोर भई।   खाली हाथ आया…

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  • Poem on zindagi in Hindi
    कविताएँ

    जिन्दगी का गुलिस्तां | Poem on zindagi in Hindi

    ByAdmin December 1, 2022

    जिन्दगी का गुलिस्तां ! ( Zindagi ka gulistan )    झुकता है आसमां भी झुकाकर तो देखो, रूठने वाले को तू मनाकर तो देखो। प्यार में होती है देखो ! बेहिसाब ताकत, एक बार जीवन में अपनाकर तो डेखो।   सिर्फ दौलत ही नहीं सब कुछ संसार में, किसी गरीब का आंसू पोंछकर तो देखो।…

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  • Geet apno se pyar pata hoon
    कविताएँ

    अपनों से प्यार पाता हूं | Geet apno se pyar pata hoon

    ByAdmin December 1, 2022

    अपनों से प्यार पाता हूं ( Apno se pyar pata hoon )    रिश्तो की डगर पर जिम्मेदारी खूब निभाता हूं जीवन के उतार-चढ़ाव में संभल कर जाता हूं घर परिवार कुटुंब समाज सदा स्नेह लुटाता हूं अपनापन अनमोल है अपनों से प्यार पाता हूं अपनों से प्यार पाता हूं   मात पिता की सेवा…

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