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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Mobile par kavita
    कविताएँ

    ये मोबाइल मित्र भी शत्रु भी | Mobile par Kavita

    ByAdmin November 17, 2022September 21, 2024

    ये मोबाइल मित्र भी शत्रु भी ( Ye mobile mitra bhi shatru bhi )  ये मोबाईल हमारा है मित्र भी एवं यह है शत्रु भी, बहुत इसके फ़ायदे है और बहुत है नुकसान भी। रखता इसको अमीर भी रखता है सब ग़रीब भी, इसी से होता है वहम फिर भी यही है अहम भी।। मिलता…

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  • Shakki patni par kavita
    कविताएँ

    एक शक्की पत्नी | Shakki patni par kavita

    ByAdmin November 17, 2022

    एक शक्की पत्नी ( Ek shakki patni )    एक शक्की पत्नि अपने पति पर शक करने लगी, मन ही मन में उसके बारे में नई नई कहानी गढ़ने लगी। मेरा पति शाम को ऑफिस से देर से क्यों आता है ? शायद किसी लड़की के साथ गुलछर्रे उड़ाता है। छुट्टी के दिन भी क्यो…

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  • Kshamadan par kavita
    कविताएँ

    क्षमादान | Kshamadan par kavita

    ByAdmin November 17, 2022

    क्षमादान ( Kshamadan )   क्षमा दान यदि कर पाओ तो करके बन जाओ भगवान क्षमा हृदय की शांत अवस्था ईश्वरीय हो जाता इंसान,   जो देता है दान किसी को लौट वही फिर पाता है क्षमा दान है श्रेष्ठ दान में यह सच्चा धर्म बताता है,   मानवता का है एक लक्षण क्षमा दान…

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  • Kavi ke vishay par kavita
    कविताएँ

    जहां न पहुंचे रवि वहां पहुंचे कवि | Kavi ke vishay par kavita

    ByAdmin November 17, 2022

    जहां न पहुंचे रवि वहां पहुंचे कवि ( Jahan na pahunche ravi vahan pahunche kavi )    जहां नही पहुंच पाये रवि, पहुंच जाते वहां पर कवि। दिख जाती है उनकी छवि, जो होता लेखक एवं कवि।।   सोच-समझकर लेता काम, लिख देता वह मन के भाव। मन की बात दर्शाता है कवि, कविता से…

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  • R K Rastogi Ke Dohe
    दोहे

    आज के हालात पर कुछ दोहे | R K Rastogi Ke Dohe

    ByAdmin November 17, 2022December 15, 2022

    आज के हालात पर कुछ दोहे ( Aaj ke halat par kuch dohe )    भरोसा मत ना कीजिए,कुल की समझो लाज। पैंतीस टुकड़ों में कटा,श्रद्धा का बटा विश्वास।। भरोसा किसी पर न करे,सब पर आंखे मीच। स्वर्ण मृग के भेष में,आ सकता है मारीच।।   मां बाप के हृदय से,गर निकलेगी आह। कभी सफल…

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  • Poem shak ki bimari
    कविताएँ

    शक की बीमारी | Poem shak ki bimari

    ByAdmin November 17, 2022November 17, 2022

    शक की बीमारी ( Shak ki bimari )    कोई व्यक्ति ना पालना ये शक वाली बीमारी, छीन लेती है सुकून घर परिवार का ये हमारी। इसी शक से हो जाती अक्सर रिश्तों में दरारें, शक पर सुविचार एवं लिख रहा हूं में शायरी।।   आज-कल हर आदमी है इसी शक के घेरे में, पहले…

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  • Mehnat kavita
    कविताएँ

    मेहनत से सब कुछ पा सकते हैं | Mehnat kavita

    ByAdmin November 17, 2022

    मेहनत से सब कुछ पा सकते हैं ( Mehnat se sab kuchh pa sakte hain )    हर्ष खुशी मौज मिल जाये जीवन में आनंद आ सकते हैं पग पग खुशियां बरसे मेहनत से सब कुछ पा सकते हैं जीवन में आनंद आ सकते हैं   जो तूफान से टकराते है हौसलों से बढ़ते जाते…

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  • Kavita dil toh baccha hai ji
    कविताएँ

    दिल तो बच्चा है जी | Kavita dil toh baccha hai ji

    ByAdmin November 17, 2022

    दिल तो बच्चा है जी ( Dil toh baccha hai ji )    सुनता कहां किसी की कभी करता रहता ये मनमानियां दिलकश अदाएं इसकी बड़ी चुपचाप रहता संग खामोशियां किसी को बताता बिल्कुल नहीं मनमौजी बहुत करता नादानियां गुमसुम नहीं ये, यह मालूम है मुझे है पता दिल तो मशगूल अपनी ही धुन मैं…

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  • Bachchon ki poem
    कविताएँ

    बच्चे मन के सच्चे | Bachchon ki poem

    ByAdmin November 17, 2022

    बच्चे मन के सच्चे ( Bachche man ke sachche )    बच्चे मन के सच्चे होते छोटे-छोटे प्यारे प्यारे। खेलकूद में मस्त रहते जान से प्यारे नैन तारे।   नटखट नखरे बालक के भोली भोली बोली। सीधे-साधे अच्छे बालक करते हंसी ठिठोली।   निश्चल प्रेम वो बरसाते संस्कार करके धारण। तभी बालरुप में आते जगतपति…

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  • Jal hai to kal hai kavita
    कविताएँ

    जल है तो कल है | Jal hai to kal hai kavita

    ByAdmin November 16, 2022November 16, 2022

    जल है तो कल है ( Jal hai to kal hai )    पानी न बहाओं यारों कोई भी फ़िज़ूल, याद रखना हमेंशा नही करना है भूल। इसी से है जीवन ये हमारा एवं तुम्हारा, पेड़-पौधे जीव-जन्तु जीवित है समूल‌।।   वसुंधरा पर यें बहुत दूर-दूर तक फ़ैला, फिर भी कमी गाॅंव एवं शहर में…

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