Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • Havaldar par kavita
    कविताएँ

    हवलदार है हम | Havaldar par kavita

    ByAdmin November 15, 2022November 15, 2022

     हवलदार है हम  ( Havaldar hai ham )    कई कहानियों का किरदार है हम, और पेशे से एक हवलदार है हम। भारतीय सेना की  पतवार है हम, चार्ज होल्डर एवं चौकीदार है हम।।   सेना पुलिस या पैरामिलिट्री फोर्स, अहम् स्तम्भ सबका होता ये रैंक। हेड़-कांस्टेबल दीवान एवं सार्जेंट, हवलदार भी  कहते  है यहीं …

    Read More हवलदार है हम | Havaldar par kavitaContinue

  • Kavita murdon ke shahar mein
    कविताएँ

    मुर्दों के शहर में | Kavita murdon ke shahar mein

    ByAdmin November 15, 2022

    मुर्दों के शहर में ( Murdon ke shahar mein )      फंस गऍं हम भी किसी के प्यार में, आ गऍं आज इस मुर्दों के शहर में। पड़ोसी पड़ोसी को नही पहचानता, बैठें है जबकि अपने-अपने घरों में।।   गाॅंव जैसा माहौल बोली में मिठास‌, नही है इन शहर की काॅलोनियों में। दूसरों की…

    Read More मुर्दों के शहर में | Kavita murdon ke shahar meinContinue

  • Hindi poem on khaki
    कविताएँ

    खाकी | Hindi poem on khaki

    ByAdmin November 15, 2022November 15, 2022

     खाकी  ( Khaki )    विजयी विश्व तिरंगा प्यारा घर-घर पर लहराएंगे, आन बान शान यही है इस के लिए मिट जाएंगे। सादा जीवन एवं उच्च-विचार खाकी अपनाएंगे, जीवन चाहें चार दिन का ऐसी पहचान बनाएंगे।।   गांव-शहर, समाज का नाम ऊंचा कर दिखाएंगे, आफिसर्स भले हम नही पर बच्चों को बनाएंगे। आये है इसी…

    Read More खाकी | Hindi poem on khakiContinue

  • Bal diwas kavita
    बाल साहित्य

    बाल दिवस पर विशेष बाल कविता | Bal diwas kavita

    ByAdmin November 14, 2022June 21, 2023

    बाल दिवस पर विशेष बाल कविता ( Bal diwas par vishesh bal kavita )      चाचा नेहरु न्यारे थें हम बच्चों के प्यारे थें चाचा फिर तुम आओ ना हमको गले लगाओ ना   दूर जहां तुम जाओगे बच्चों से मिल आओगे हमको साथ धुमाओ ना बच्चों से मिलवाओ ना,   गुब्बारे हम टांगेंगे…

    Read More बाल दिवस पर विशेष बाल कविता | Bal diwas kavitaContinue

  • Poem on Children’s day in Hindi
    कविताएँ

    बाल दिवस | Poem on Children’s day in Hindi

    ByAdmin November 14, 2022

    बाल दिवस ( Bal diwas )    चाचा नेहरू सबके प्यारे प्रथम प्रधानमंत्री हमारे। बच्चों की आंखों के तारे प्रेम करते बालक सारे।   भावी कर्णधार बालक है देश का सौभाग्य यही। बाल दिवस भारत मनाए चाचाजी ने बात कही।   हर्ष खुशी आनंद मौज से सब हंसते खेलते गाते। घर परिवार स्कूलों में मिलकर…

    Read More बाल दिवस | Poem on Children’s day in HindiContinue

  • Akanksha par kavita
    कविताएँ

    तृष्णा आकांक्षाओं का सागर | Akanksha par kavita

    ByAdmin November 14, 2022November 14, 2022

    तृष्णा आकांक्षाओं का सागर ( Trishna akankshaon ke sagar )    कामनाओं का ज्वार सा उठने लगा आकांक्षाओं का सागर ले रहा हिलोरे अभिलाषा विस्तार लेने लगी प्रतिफल मन की तृष्णा होने जो खत्म नहीं होती   कुछ पा लेने की इच्छा जैसे जागी कुछ करके समझने लगे बड़भागी तमन्नायें हंसी ख्वाब सा देखने लगी…

    Read More तृष्णा आकांक्षाओं का सागर | Akanksha par kavitaContinue

  • Poem on waqt
    कविताएँ

    वक्त बदलते देर ना लगती | Poem on waqt

    ByAdmin November 14, 2022

    वक्त बदलते देर ना लगती ( Waqt badalte der na lagti )    समय बड़ा बलवान भैया दुनिया में करतार की चलती। कब डूबी नैया पार हो जाए वक्त बदलते देर ना लगती। वक्त बदलते देर ना लगती संकट का समय आए तो साहस रखना धीरज धरना। सुखों का सागर उमड़े तो सबका आदर सम्मान…

    Read More वक्त बदलते देर ना लगती | Poem on waqtContinue

  • Hindi romantic kavita
    कविताएँ

    पूनम की रात हो पिया मेरे साथ हो | Hindi romantic kavita

    ByAdmin November 14, 2022

    पूनम की रात हो, पिया मेरे साथ हो ( Poonam ki raat ho piya mere sath ho )   पूनम की चाँदनी रात हो,पिया मेरे साथ हो | नजरे जरा झुकी हो,दिल से दिल की बात हो ||   फूलो के सेज हो,केवल मेरे पिया साथ हो | धीमी धीमी रौशनी हो,फिर सुनेहरी रात हो…

    Read More पूनम की रात हो पिया मेरे साथ हो | Hindi romantic kavitaContinue

  • Poem in Hindi on doodh ka karz
    कविताएँ

    दूध का क़र्ज़ | Poem in Hindi on doodh ka karz

    ByAdmin November 14, 2022November 14, 2022

     दूध का क़र्ज़ ( Doodh ka karz )      माँ का जगह कोई ले न सकता, दूध का क़र्ज़  उतार ना सकता। माँ ने कितनी ये ठोकर  है खाई, दूध  की लाज  रखना मेंरे भाई।।   न जानें कहां-कहां मन्नत माॅंगी, मंदिर, मस्जिद, चर्च  में  जाती। तू जग में आऐ अर्ज़ ये लगाती, पीड़ा…

    Read More दूध का क़र्ज़ | Poem in Hindi on doodh ka karzContinue

  • Bal vivah par kavita
    कविताएँ

    बंद कर दो बाल-विवाह | Bal vivah par kavita

    ByAdmin November 14, 2022November 14, 2022

    बंद कर दो बाल-विवाह ( Band kar do bal-vivah )   ख़ूब पढ़ाओं यह देनी एक सलाह, बन्द कर दो अब तो बाल-विवाह। लड़का एवं लड़की होने दो जवान, ना करना बचपन में जीवन स्वाह।।   क्या सही गलत यह नही पहचान, अभी है यह कच्चे घड़े के समान। चुनने दे इनको अपनी अपनी राह,…

    Read More बंद कर दो बाल-विवाह | Bal vivah par kavitaContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 547 548 549 550 551 … 835 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search