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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Diwali shubh kamna
    कविताएँ

    दीपावली शुभकामना | Diwali shubh kamna

    ByAdmin October 24, 2022October 24, 2022

    दीपावली शुभकामना ( Deepawali shubh kamna )   सम्बन्धों के दीप जलाये तुमने देकर प्यार मेरे घर आँगन में करते रहे सदा उजियार !   सारे जीवन यह अपनापन बना रहे हममें दुनिया को बाँटें हम मिलकर खुशियों के उपहार !   अनजाने अनचाहे जो भी आयें अब अवरोध अपने विश्वासों से उन पर पा…

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  • Happy Diwali Hindi Poem
    कविताएँ

    उजालों की तरफ जाना दीवाली है | Happy Diwali Hindi Poem

    ByAdmin October 24, 2022October 24, 2022

    उजालों की तरफ जाना दीवाली है ( Ujalon ki taraf jana diwali hai )   अंधेरों से उजालों की तरफ जाना दीवाली है। किसी की नम निगाहों में खुशी लाना दीवाली है।।   अगर रोता मिले कोई कभी उसको हँसा देना निराशा को जहां देखो, वहाँ आशा जगा देना   किसी गिरते को बाहों में,…

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  • Shayari on aankhen
    शेरो-शायरी

    आन बान है आँखें | Shayari on aankhen

    ByAdmin October 24, 2022October 24, 2022

    आन बान है आँखें ( Aan baan hai aankhen )     देखती  आन बान है आँखें इश्क़  की वो ज़ुबान है आँखें !   किस तरह से उसे दिखा दूँ घर वो बड़ी बदगुमान है आँखें   दुश्मन कश्मीर ले नहीं सकता सरहद की निगेहबान है आँखें   आरजू है यही हंसी देखूँ जो…

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  • Diwali kavita in Hindi
    कविताएँ

    दीपावली पर कविता | Diwali Kavita in Hindi

    ByAdmin October 23, 2022November 1, 2024

    दीपावली पर कविता ( Diwali par kavita ) ( 2 ) आने वाला एक त्योहार, दिया जले उसमें दो चार। कुछ थे रंग बिरंगे वाले, कुछ थे कच्ची मिट्टी वाले। कुछ में घी और कुछ में धागे। बच्चे भी थे रात को जागे, दीपावली के जगमग रात में ।खुशियों का संचार है,एक दूसरे को सब…

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  • Diwali par kavita in Hindi
    कविताएँ

    आती नहीं दिवाली कभी हमारे घर | Diwali par kavita in Hindi

    ByAdmin October 23, 2022October 24, 2022

    आती नहीं दिवाली कभी हमारे घर ( Aati nahi diwali kabhi hamare ghar )   आती नहीं दीवाली तुम क्यों, कभी हमारे छोटे घर। हर बार तुम क्यों जाती हो, बड़े शहर और मोटे घर।।   बाबा कहते हैं अपने घर, नहीं मिठाई मीठी है अम्मा कहती किस्मत है सब, हांडी सारी रीती है सालों…

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  • Nikaah shayari
    शेरो-शायरी

    हाँ साथ में मेरे होता जो निकाह तेरा | Nikaah shayari

    ByAdmin October 23, 2022October 23, 2022

    हाँ साथ में मेरे होता जो निकाह तेरा ( Haan saath mein mere hota jo nikaah tera )     हाँ साथ में मेरे  होता जो निकाह  तेरा मैं तो हर हाल में कर लेता निबाह तेरा   के धूप फ़िर लगेगी मुझको न तन्हाई की जो ज़ुल्फ़ का अगर मिल जाये पनाह तेरा  …

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  • Kaise bharenge zakhm
    कविताएँ

    कैसे भरेंगे जख्म | Pollution poem in Hindi

    ByAdmin October 22, 2022October 22, 2022

    कैसे भरेंगे जख्म? ( Kaise bharenge zakhm )   ये घाटी, ये वादी, सब महकते फूलों से, काश, ये आसमान भी महकता फूलों से। फूलों से लदे मौसम ये मटमैले दिख रहे, समझ लेते प्रकृति का असंतुलन,फूलों से।   कंक्रीट के जंगल में अमराइयाँ न ढूंढों, लकड़हारे भी जाकर सीख लेते फूलों से। कटे जंगल,…

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  • Dhanteras par kavita
    कविताएँ

    धनतेरस | Dhanteras par kavita

    ByAdmin October 22, 2022October 24, 2024

    धनतेरस ( Dhanteras ) धन की देवी लक्ष्मी, सुख समृद्धि भंडार। यश कीर्ति वैभव दे, महालक्ष्मी ध्याइये। नागर पान ले करें, धूप दीप से पूजन। दीप जला आरती हो, रमा गुण गाइए। रिद्धि सिद्धि शुभ लाभ, सब सद्गुण की दाता। खुशियां बरसे घर, दीपक जलाइए। रोली मोली अक्षत ले, पूजन थाल सजाएं। मन वचन कर्म…

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  • “एसटीएम प्राइवेट लिमिटेड” के फेसबुक पटल  द्वारा  “Seven Beats” म्यूजिकल शो का आयोजन
    साहित्यिक गतिविधि

    “एसटीएम प्राइवेट लिमिटेड” के फेसबुक पटल द्वारा “Seven Beats” म्यूजिकल शो का आयोजन

    ByAdmin October 22, 2022

    “एसटीएम प्राइवेट लिमिटेड” संस्था जो कला के क्षेत्र में नवांकुरों को संवारने के लिए कर्तव्यवद्ध है वो हर बार एक अनोखा कदम उठा कर सभी को आश्चर्य में डाल देता है। “19 अक्टूबर” को “एसटीएम प्राइवेट लिमिटेड” के फेसबुक पटल द्वारा आयोजित “Seven Beats” म्यूजिकल शो के अन्तर्गत एक होनहार बाल गायिका “शुभोमिता नाथ” की…

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  • Watan ki khushboo
    कविताएँ

    वतन की खुशबू | Watan ki khushboo

    ByAdmin October 21, 2022October 21, 2022

    वतन की खुशबू! ( Watan ki khushboo )   मेरी हर साँस में रहती है वतन की खुशबू, मुझे कितनी अजीज है इस चमन की खुशबू। उतर के आ जाओ ऐ! आसमां में रहनेवालों, रखी है बाँध के वो गंग-ओ-जमन की खुशबू।   यहाँ फजाओं में गूँजती हैं ऋषियों की सदाएँ, वही ऋचाएँ बढ़ाती हैं…

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