• गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर हुआ कवि सम्मेलन और मुशायरा

    बरेली, ऑल इंडिया कल्चरल एसोसिएशन एवं जिला समारोह समिति के संयुक्त तत्वावधान में स्थानीय संजय गाँधी कम्युनिटी हॉल में गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर कवि सम्मेलन और मुशायरे का आयोजन हुआ। इस अवसर पर विनय सागर जायसवाल ने कहा सर भी झुकते हैं लाखों नमन के लिए, जान देते हैं जो भी, वतन के…

  • देश हमारा है

    देश हमारा है ( गीत )* देश हमारा है, सरकार हमारी है,क्यों न निभाई, हमने जिम्मेदारी है?*नियम व्यवस्था का पालन हम नहीं करें,दोष गैर पर निज, दोषों का नहीं धरें।खुद क्या बेहतर कर सकते हैं, वही करें।सोचें त्रुटियाँ कितनी कहाँ सुधारी हैं?…*भाँग कुएँ में घोल, हुए मदहोश सभीकिसके मन में किसके प्रति आक्रोश नहीं?खोज-थके, हारे…

  • कल गणतंत्र दिवस की भोर हैं

    कल गणतंत्र दिवस की भोर हैं कल गणतंत्र दिवस की भोर है,मेरा मन आत्म विभोर है।चारों ओर तिरंगे का शोर है,रंगोली लाइट द्वार सजे चारों ओर हैं।कल गणतंत्र दिवस की भोर हैं,मेरा मन आत्म विभोर है।। लहरा रहा तिरंगा देखो कैसी शान से,गूंजेगा कल देश गौरव गान से।सजा देश केसरिया श्वेत हरे रंग से,चारों ओर…

  • जय गणतंत्र

    जय गणतंत्र सभी देशवासियों का एक ही मूल मंत्र ।संविधान की सुरक्षा हो जय गणतंत्र ।जय गणतंत्र! जय गणतंत्र! जय गणतंत्र! ना कोई भूखा रहे ना कोई प्यासा रहे ।स्वस्थ रहे भारत आरोग्य पाचन तंत्र ।जय गणतंत्र! जय गणतंत्र! जय गणतंत्र! सभी को न्याय मिले सभी को समता ।भेदभाव ना रहे ऐसा हो शासन तंत्र…

  • कविता जीवन की परिभाषा है

    कविता जीवन की परिभाषा है दिल को छूकर कविता धड़कन बन जाती हैजुदाई में किसी रूह की तड़पन बन जाती हैबच्चा हंसता है तो कविता होठों पर मुस्काती हैहर किसी की आह में खुदा का खत बन जाती है। जब कोई बच्ची बस पानी पीकर सो जाती हैभूख की दारुण दशा देख कविता रो जाती…

  • स्मृति गीत

    स्मृति गीत हरि ओम तत्सत्हरि ओम तत्सत्हरि ओम तत्सत् बरगद-छाँह न रही शीश पर मन बेकल है।फ़िक्र युगों की लेकिन निश्चित एक न पल है।सहा न जाए वर्तमान आराध्य भविष्यत्हरि ओम तत्सत्हरि ओम तत्सत्हरि ओम तत्सत् रहे जान से प्यारे जो वे गए जान से।रोक न पाए कलप रहे मद-मोह मान से।क्षत-विक्षत युग-युग से जीवन…

  • नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 128वीं जयंती पर बसुरिया में काव्य संध्या का आयोजन

    साली चौका रोड साहित्य समाचार संतोष अग्रवाल,सागर, द्वारासर्व प्रथम मां सरस्वती जी का पूजन एवं नेता सुभाष चन्द्र बोस जी के तेल चित्र का मुख्य अथिति एवं कविजनों द्वारा पूजन किया गया । इस अवसर पर क्षेत्रीय कवियों ने अपनी-अपनी रचनाओं के माध्यम से नेताजी सुभाष चंद्र बोस को याद किया सर्वप्रथम गोष्ठी का आगाज…

  • किशोरी

    रत्ना एक 13 वर्षीय किशोरी है, जो अन्य किशोरों की तरह ही अपने जीवन का आनंद ले रही है। लेकिन उसके जीवन में एक दुखद घटना घटती है, कि जो लड़की सभी के साथ मित्रवत व्यवहार करती है, वह अपने जीवन से घृणा करने लगती है। मेरे अनुसार सभी किशोर एक जैसी समस्याएँ और विचार…

  • गौरवान्वित भारत

    “गौरवान्वित भारत” गौरवान्वित भारत का इतिहास लिखों,सर्वसम्मानित भारत की बात लिखों, उन बलिदानियों की राख सेदुश्मनों का विनाश लिखों, छल कपट से रहित अपने नयेभारत का इतिहास लिखों, गुलामी के जंजीर को तोड़वीरता का पहचान लिखों, रण में बैठी उन विरांगनाओं का त्याग लिखों, देश की आन के खातिर जान देने वालों का बारम्बार इतिहास…

  • दिल फ़रेब इस हंसी का क्या कहना

    दिल फ़रेब इस हंसी का क्या कहना दिल फ़रेब इस हंसी का क्या कहना।आपकी दिलकशी का क्या कहना। आपके मरमरी से क़ालिब पर।चांद की चांदनी का क्या कहना। दिल परेशान हैं गुलाबों के।आपकी नाज़ुकी का क्या कहना। लूट लेती है आन में दिल को।ह़ुस्न की कजरवी का क्या कहना। इस पे क़ुर्बान सीमो-ज़र सारे।प्यार की…