• डॉ. प्रीतम कुमार झा की कविताएं | Dr. Pritam Kumar Jha Poetry

    नज़र नज़र ढूंढती है मेरी उस नज़र को, बनाया है जिसने सभी को दीवाना, सभी काम गड़बड़ हुए कुछ हैं ऐसे,  कि दिल सबके गाते उन्हीं का तराना. ये उल्फत, ये चाहत, शरारत, नज़ाकत,  सभी हैं भरे कूट कर उनमें ऐसे, ये शोखी, ये आदत, शिकायत, मोहब्बत, समझ में न आये कहूँ किसको कैसे. के…

  • महाकुंभ: प्राचीनता एवं आधुनिकता का अद्भुत संगम

    वर्तमान समय में प्रयागराज में लगने वाले महाकुंभ की चर्चा भारत ही नहीं बल्कि संपूर्ण विश्व में सुनाई दे रही है। कुंभ की परंपरा तो हजारों वर्ष पुरानी है लेकिन इस वर्ष का महाकुंभ आध्यात्मिक दृष्टि ही से ही नहीं बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इसका एक बड़ा कारण यह भी है कि…

  • वतन की आबरू हर हाल में बचानी है

    वतन की आबरू हर हाल में बचानी है सियासी नफ़रतों की आग ये बुझानी हैख़ुलूस प्यार वफ़ा से ही जीत पानी है ये धर्म मज़हबों की जंग अब तो बंद करोहरेक शख़्स में इंसानियत जगानी है इरादे हमने ज़माने में कर दिये ज़ाहिरवतन की आबरू हर हाल में बचानी है सबक ये हमको बुजुर्गों से…

  • आकाश में जब तिरंगा लहराता

    आकाश में जब तिरंगा लहराता जब कोयल गीत सुनाती है।जब भंवरा नगमे गाता है।।पुरवाई शौर मचाती है।जब बादल झूम के आता है।। जब बात निकलती है हर सू ।दिलदारों की मतवालों की।।जब याद सताती है हमको।इस देश पे भरनें वालों की।। तोपों के दहन खुल जाते हैं ।बंदूके गरजनें लगती है ।।आकाश का दिल थर्राता…

  • लेखक संविधान के

    लेखक संविधान के हमारा संविधान हमें जीने का स्वतंत्र अधिकार देता हैहमारा संविधान हम सबको हमारा स्वाभिमान देता है।सबसे ज्यादा योगदान डॉ भीमराव अंबेडकर जी का रहा,जिसको पूरा देश संविधान का गौरव मान देता है।। प्रेम बिहारी नारायण रायजादा संविधान के सुलेखक है,नंदलाल बोस,राम मनोहर सिन्हा मूल संस्करण वेदक है।शांतिनिकेतन के कलाकारों द्वारा सुशोभित किया…

  • देशभक्ति

    देशभक्ति हमारा तन-मन मिट्टी का गुणगान करता हैयही वह भूमि जिस पर अभिमान करता है जहाँ का हर बच्चा देश की सेवा करता हैंमॉ भारती के आँचल की रक्षा करता हैं कभी भी हम भारतीय डरते नहीं मौत सेसिहर जाते दुश्मन सारे हमारे खौफ से तीन रंग रंगीन कपडा नहीं ये हमारी शान हैलहराता हुआ…

  • आज़ाद है

    आज़ाद है कहने अपनी बात को अब हर सुख़न आज़ाद हैबंदिशें कोई नहीं अब हर कहन आज़ाद है हर गली हर शह्र और आज़ाद है ये हर पहरसाँस लेते चैन से हम ये पवन आज़ाद है नफ़रतों के दायरों को तोड़ डालो मिल के सबइल्तिजा बस अम्न की है, अब वतन आज़ाद है टूटी ज़जीरें…

  • इज्जत की खातिर

    “हेलो, क्या यह रीना के घर का नंबर है?” “हाँ जी, मैं रीना का पिता नरेंद्र बोल रहा हूँ।आप कौन हो और कहाँ से बोल रहे हो? आपको रीना से क्या काम है?” नरेंद्र ने कहा। “मैं रीना के कॉलेज का प्रिंसिपल बोल रहा हूँ। आज कक्षा 12 के बच्चों का इंग्लिश का वायवा है।…

  • महात्मा गांधी के महाप्रयाण दिवस

    महात्मा गांधी के महाप्रयाण दिवस अहिंसा को हम जीवन में लाए ।प्रभु को भीतर घट में बसा लें ।मोक्ष की और कदम बढ़ाये ।सद्ज्ञान की रोशनी जगा लें ।आत्मा के अज्ञान को हटायें ।क्रोध , मान , माया ,लोभ को छोड़े ।सबसे मैत्री , प्रेमभाव जगा लें ।जीवन की सौरभ को हम महकायें ।होनी को…

  • रहे दिलों में मुहब्बत वतन की

    रहे दिलों में मुहब्बत वतन की दुआ मांगता हूँ हमेशा अमन की ?रहे दिलों में मुहब्बत वतन की न बरसात हो नफ़रतों की कभी भीसलामत रहे बस बहारें वतन की मेरी जान कुर्बान है इस वतन परयहीं आरज़ू है मेरे यार मन की वतन से करो प्यार इतना दिलों सेहमेशा महके हर कली ही चमन…