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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Kavita izzat
    कविताएँ

    इज्जत चाहते हो तो इज्जत करो | Kavita izzat

    ByAdmin October 6, 2022

    इज्जत चाहते हो तो इज्जत करो ( Izzat chahte ho to izzat karo )   मिले मान मर्यादा हमको दुनिया में सम्मान मिले। हौसलों को मिले सफलता ना कोई व्यवधान मिले।   सब करे सम्मान हमारा ऐसा कोई शुभ काम करो। इज्जत चाहते हो जहां में सबका तुम सम्मान करो।   इज्जत करने वालों को…

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  • Ghazal Ishq - e - Junoon
    शेरो-शायरी

    इश्क़ ए जुनूँ. | Ghazal Ishq – e – Junoon

    ByAdmin October 6, 2022October 6, 2022

    इश्क़ ए जुनूँ. ( Ishq – e – Junoon )   दिले कैफियत में तुम्हारी खैरियत मिलाए बैठे हैं अपने अर्श में तुम्हारा अक्स मिलाए बैठे हैं क्या हुआ जो आसमाँ का चाँद हो तुम साहब फिर भी शिद्दत से तुम्ही पर नज़रें गड़ाए बैठे है।   इश्क़ जुनून बना है जाने क्या असर ये…

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  • Kavita kaagaz ke putle mat funko
    कविताएँ

    कागज के पुतले मत फूंको | Kavita kaagaz ke putle mat funko

    ByAdmin October 6, 2022October 6, 2022

    कागज के पुतले मत फूंको ( Kaagaz ke putle mat funko )     कागज के पुतले मत फूंको मन का अंधियारा दूर करो। जो दंभ छिपाये बैठे हो वो अंतर्मन अभिमान चूर करो।   लूट खसोट बेईमानी काले कारनामों की भरमार। जालसाजी रिश्वतखोरी अब फैल रहा है भ्रष्टाचार।   अभिमान को नष्ट करो जो…

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  • Ghazal tere aansu
    शेरो-शायरी

    तेरे आंसू | Ghazal tere aansu

    ByAdmin October 5, 2022

    तेरे आंसू ( Tere Aansu )   दिलो दिमाग में दिन रात रहा करते है। तेरे आंसू मेरी ऑंखों से बहा करते हैं।। टूटने का सबब पत्ते से पूछना न कभी, हिज़्र के दर्द से मकां भी ढहा करते हैं।। बमुश्किल मिलता है पल भर का सुकूं, उम्र भर गम इसी के लिए सहा करते…

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  • Kavita aaj bhi hoon
    कविताएँ

    आज भी हूँ | Kavita aaj bhi hoon

    ByAdmin October 5, 2022October 5, 2022

    आज भी हूँ ( Aaj bhi hoon )   मैं मर चुका हूं ये कौन कह रहा है, मैं कल भी कालजयी था आज भी हूं l मेरा जीवन हर कल में स्थिर रहा है , मैं कल भी था असुराधिपति आज भी हूँll   रावण है जब तक इस जग में , राम तेरा…

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  • Zakhm shayari
    शेरो-शायरी

    अपनों ने ज़ख्मों को रोज कुरेदे है | Zakhm shayari

    ByAdmin October 5, 2022October 5, 2022

    अपनों ने ज़ख्मों को रोज कुरेदे है ( Apno ne zakhmon ko roj kurede hai )     किसने दामन के  ग़म दर्द समेटे है ! अपनों ने ज़ख्मों को रोज कुरेदे है   कैसे ख़ुशबू फैले फ़िर ये उल्फ़त की रूठे फूलों से क्यों  यार  बगीचे है   सबने  ज़ख्मों पर रगड़ा रोज नमक…

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  • Kavita lakshman moorchhit
    कविताएँ

    लक्ष्मण मूर्छित | Kavita lakshman moorchhit

    ByAdmin October 4, 2022

    लक्ष्मण मूर्छित ( lakshman moorchhit )   मेघ समान गर्जना करता हुआ मेघनाथ जब आया। अफरा-तफरी मची कटक में रचता मायावी माया। आया इंद्रजीत रणयोद्धा बाणों पर बाण चले भारी। नागपाश बंधे राम लखन भयभीत हुई सेना सारी। देवलोक से आए नारद जी गरूड़ राज को बुलवाओ। रघुनंदन नागपाश बंधन को प्यारे रामभक्त हटवाओ। महासमर…

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  • Kar muhabbat ka yahan chaya khuda
    शेरो-शायरी

    कर मुहब्बत का यहाँ छाया ख़ुदा | Kar muhabbat ka yahan chaya khuda

    ByAdmin October 4, 2022October 4, 2022

    कर मुहब्बत का यहाँ छाया ख़ुदा ( Kar muhabbat ka yahan chaya khuda )     मैं पढ़ूं कलमा करुं सज़दा ख़ुदा! जीस्त  भर  हो ऐसा लम्हा ख़ुदा   नफ़रतों की धूप ढ़ल जाये यहाँ कर मुहब्बत का यहाँ छाया ख़ुदा   जिंदगी में दोस्त कोई भेज दें हूँ बड़ा ही जीस्त में तन्हा ख़ुदा…

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  • Lanka Dahan Par Kavita
    कविताएँ

    लंका दहन | Lanka Dahan Par Kavita

    ByAdmin October 3, 2022

    लंका दहन ( Lanka Dahan )   जामवंत ने याद दिलाया हनुमत सब बल बुद्धि समाया। सौ योजन सिंधु कर पारा रामभक्त है बजरंग अवतारा।   सीता माता की सुधि लेने जब हनुमान जी धाये। लंका में जा अशोक वाटिका मां सीता दर्शन पाए।   मुद्रिका डाली सन्मुख सिया राम नाम गुण गाए। विस्मित माता…

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  • lakshman murcha shakti baan
    नाटक

    लक्ष्मण मूर्छा शक्ति बाण | lakshman murcha shakti baan

    ByAdmin October 3, 2022

    लक्ष्मण मूर्छा शक्ति बाण ( lakshman murcha shakti baan ) आलेख   रावण का पुत्र मेघनाथ जिसमें इन्द्र तक को जीत लिया था। वह इंद्रजीत कहलाता था। उसकी पत्नी सुलोचना एक पतिव्रता नारी थी। सतीत्व के बल के कारण उसने तपस्या करके अनेक अमोध शक्तियां प्राप्त कर ली थी। रामादल में मेघनाथ युद्ध करने आया…

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