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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Essay in Hindi on Indian working women
    निबंध

    घर और नौकरी : क्या भारतीय कामकाजी महिलाओं के साथ उचित है? | निबंध

    ByAdmin September 19, 2022October 31, 2022

    घर और नौकरी : क्या भारतीय कामकाजी महिलाओं के साथ उचित है? ( Home and Job: Is it fair to Indian working women? : Essay in Hindi )   भारत में महिलाओं का स्थान कुछ साल पहले तक घर परिवार की चहारदीवारी तक ही सीमित माना जाता था। शिक्षा के प्रचार और प्रसार से देश…

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  • Hindi mein satire
    व्यंग्य

    अथ वार्तालाप खबर एवं सम्वाददाता | Hindi mein satire

    ByAdmin September 18, 2022

    अथ वार्तालाप खबर एवं सम्वाददाता   वह खबर संवाददाता के पीछे पड़ी हुई थी और सम्वाददाता उससे पीछा छुड़ाकर भाग रहा था। आखिर कार उस खबर ने सम्वाददाता को उसी प्रकार दबोच लिया जैसे खलनायक नायिका को पकड़ता हैै। खबर रूआंसी होकर बोली “प्रिय सम्वाददाता, तुम तुझसे इस तरह क्यों भाग रहे हो जैसे उधारखाता…

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  • Ukraine par ek ghazal
    शेरो-शायरी

    यूक्रेन पर एक ग़ज़ल | Ukraine par ek ghazal

    ByAdmin September 18, 2022September 18, 2022

    यूक्रेन पर एक ग़ज़ल ( Ukraine par ek ghazal )     पड़ोसी मुल्क दुश्मन वो बना था ? वतन से बेवज़ह मेरे लड़ा था   निकले है देखकर आंसू आंखों से यहाँ तो हर मकाँ देखो जला था   गुलिस्तां ख़ाक ऐसी की अदू ने यहाँ गुल बद्दुआ देता रहा था   लेने मासूमो…

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  • Vishwakarma ji par kavita
    कविताएँ

    सृजन के देव विश्वकर्मा | Vishwakarma ji par kavita

    ByAdmin September 17, 2022

    सृजन के देव विश्वकर्मा ( Srijan ke dev vishwakarma )   नवसृजन के आदिदेव सृजक विश्वकर्मा महाराज। अस्त्र-शस्त्र आयुध पूजा साधक करते पूर्ण काज।   कलाकार करे ध्यान आपका झोली विद्या से भरते। भवन निर्माण कला कौशल शिल्पी साधना करते।   भित्ति चित्र काष्ठकला स्वर्ण रजत भूषण जवाहरात। मुंह बोले मूर्तिकलाये चित्रकारी की हो अनोखी…

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  • Narendra Modi par kavita
    कविताएँ

    नमो नमो मोदी हरे | Narendra Modi par kavita

    ByAdmin September 17, 2022

    नमो नमो मोदी हरे ( Namo Namo Modi Hare )     नमो नमो स्वर लहरी से, जनमानस झूम रहा। राम मय हुआ राष्ट्र, जन जन भक्ति में घूम रहा।   दिल्ली दिल जनता का, अब मोदी दरबार बना। अखिल भारती भूमंडल में, सब खुशियां रहे मना।   सिंहासन पे शेर देश का, लाल किले…

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  • Ghazal too na nafrat kiya kar
    कविताएँ

    तू न नफ़रत किया कर | Ghazal too na nafrat kiya kar

    ByAdmin September 17, 2022September 17, 2022

    तू न नफ़रत किया कर ( Too na nafrat kiya kar )     किसी से मगर तू न नफ़रत किया कर सभी से मगर तू मुहब्बत किया कर   बहुत डाट मिलती है मां बाप की ही नहीं घर किसी से शिक़ायत किया कर   गुनाहों से तेरी नहीं जीस्त होगी ख़ुदा की मगर…

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  • Poem Bhakt Se Bhagwan
    कविताएँ

    भक्त से भगवान | Poem Bhakt Se Bhagwan

    ByAdmin September 16, 2022

    भक्त से भगवान  ( Bhakt se bhagwan )   भक्त से भगवान का रिश्ता अनोखा होता हैl जब जब बजेगी बांसुरिया राधा को आना होता हैl द्रौपदी की एक पुकार पर वचन निभाना पड़ता हैl लाज बचाने बहना की प्रभु को आना पड़ता हैl मीरा के विश के प्याले को अमृत बनाना पड़ता हैl कृष्ण…

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  • kavita abhiyanta
    कविताएँ

    अभियंता | kavita abhiyanta

    ByAdmin September 15, 2022

    अभियंता ( Abhiyantā )   हे अभियंता शिल्प नियंता तुम सृजन के आधार। बुद्धि विवेक ज्ञान के सागर हो सच्चे रचनाकार।   गुण माप तोल सब रखते रचते कीर्तिमान। गढ़ लेते कृति आप बने जीवन का आधार।   सकल जगत को देकर जाते निर्माणों की सौगात। याद करे दुनिया सारी जुबा पे होती सुहानी बात।…

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  • Pita par kavita in Hindi
    कविताएँ

    पिता | Pita par kavita in Hindi

    ByAdmin September 15, 2022

    पिता ( Pita )   वह तो नहीं है पर याद बहुत आती है आगे बढ़ो खुश रहो हर पल जियो यह मेरे कानों में आवाज आती है गूंजते है शब्द उनके पापा जैसे पास खड़े पलक बंद करूं तो छवि मुस्कुराती है कितने दिन हो गए बरसो ही गुजर गए आज भी मुझे मेरे…

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  • Pata hai
    विवेचना

    पता है | Pata hai

    ByAdmin September 15, 2022

    पता है ( Pata hai )   जब विश्वास टूटता है, उस वेदना का कोई परिसीमन नहीं होता, क्यों कि हर टूटने वाली चीज़ भी दोबारा जोड़ी जा सकती है, लेकिन जब मन टूटता है, तब चाहे सारे हालात पहले की तरह हो जायें, हम खुद को नकार कर भरोसा दोबारा भी बनाने की कोशिश…

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