Pita par kavita in Hindi

पिता | Pita par kavita in Hindi

पिता

( Pita )

 

वह तो नहीं है पर
याद बहुत आती है
आगे बढ़ो खुश रहो
हर पल जियो
यह मेरे कानों में
आवाज आती है
गूंजते है शब्द उनके
पापा जैसे पास खड़े
पलक बंद करूं
तो छवि मुस्कुराती है
कितने दिन हो गए
बरसो ही गुजर गए
आज भी मुझे
मेरे बेटा मेरे लाल
हंसी खुशियों से
भरे वह पल
चश्मे से प्यारी आंखें
ताकती झांकती
आवाज देती
नजर मुझे आती है
काश आप जी पाते
काश आप सुन पाते
घर से निकलती हुई
गाड़ियों की आवाजों को
अपने पैरों खड़े हो
बेटे मेरे आगे बढ़ो
मिले मुझे सम्मान पत्रों
को पर शाबाशी देनेवाले
पापा आप साथ नहीं
ऐसा सब कहते हैं l
पर भावना में और
कल्पना में
प्रार्थना में याचना में
सुबह की लालिमा में
साझ के धुंधलके मे
कोई एक पल नहीं
जहां आप संग नहीं
जागते में सोते में
आंखों की कोरों में
बहते इन नीरो में
मुझ में समाहित
आप ही तो हो सही

❣️

डॉ प्रीति सुरेंद्र सिंह परमार
टीकमगढ़ ( मध्य प्रदेश )

यह भी पढ़ें :-

हिंदी भाषा | Poem Hindi bhasha

Similar Posts

  • Kavita | कुंभ की धार्मिक महत्व

    कुंभ की धार्मिक महत्व ( Kumbh ka dharmik mahatva )   सनातन धर्म की पौराणिकता को, याद दिलाता है यह कुंभ । बारह वर्षों में एक बार ही , आता है यह कुंभ ।   सभी देवों का धरती पर , होता जिस पल आगमन । संघ साधु संत के सानिध्य का , अवसर दे…

  • कैसी शिक्षा कैसा नाम | Kaisi Shiksha Kaisa Naam

    कैसी शिक्षा कैसा नाम  ( Kaisi shiksha kaisa naam )   क्या है उत्तर क्या है दक्षिण कैसी शिक्षा कैसा नाम भोली भाली कितनी प्यारी जनता को रोटी से काम भाड़ में जाए पढ़ना लिखना अच्छा जीवन अच्छा धाम जो होगा देखा जाएगा पैक बनेगा हर एक शाम किए बिना ही मेहनत कुछ भी राशन…

  • शादी डॉट कॉम

    “शादी डॉट कॉम “ आजकल कुछ लड़कियों की अजीब सी मानसिकता हो गई है,मिस्टर परफेक्ट ढूंढने के चक्कर में कुंवारी बैठी रहती है। कुछ तो 22 से 28 साल की उम्र में शादी करती है,कोई और 5 साल जीवन साथी तलाशने में लगाती है। मुश्किल से 12 से 15 साल साथ निभाती है,38 से 44…

  • हल्ला बोल | Kavita

    हल्ला बोल ( Halla Bol )   बोल मजूरे, हल्ला बोल ! खोल के रख दे सबकी पोल सारी दुनिया हो रही डाँवाडोल सोई जनता की आँखें खोल बोल मजूरे, हल्ला बोल । पहले तोल, फिर कुछ बोल दिमाग़ों के बंद दरवाज़ें खोल अब ना होने देंगे कोई झोल अंदर-बाहर के सच को टटोल ।…

  • तुम आओ तो, ईद हो जाये

    तुम आओ तो, ईद हो जाये न जाने कितनी बारपढ़ा है मैंने तुम्हारा चेहराखामोश-सी तुम्हारी आँखेइस बार तुम्हारी सदा कोएक अनुकृति से सजाया है मैंनेऔर—-देह को एक लिबास पहनाया हैकहो न, इस देह सेअब तो तोड़कर आ जायेसारी बंदिशे—-सारी जंजीरें—-सारे बंधन—-मेरे इस शहर,मेरी इस गली मेंऔर लाँघ जाओमेरे घर की चौखट को।साथ में लेकर आ…

  • याद शहीदों की | Kavita Yaad Shahidon Ki

    याद शहीदों की ( Yaad Shahidon Ki ) महा-समर में भारत के वीरों ने , प्राणों की भेंट अपनी चढ़ाई है बलिदानी हुए हैं सभी वो वीर , जिन्होंने सीने पर गोली खाई हैं।। पन्द्रह-अगस्त के दिन हम सब, देश की आजादी-पर्व मनाते हैं। जन-गण-मन राष्ट्र-गान गाकर, हम ध्वज हम अपना फहराते है।। भारत की…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *