मां | Kavita maa
मां ( Maa ) मां को समर्पित एक कविता कहां है मेरी मां उससे मुझको मिला दो l हाथों का बना खाना मुझको खिला दो l दो पल की जिंदगी मुझको दिला दो l एक बार गुस्से से अपनी डांट पिला दो l फूल मेरे आंगन में मां तुम खिला दो…
मां ( Maa ) मां को समर्पित एक कविता कहां है मेरी मां उससे मुझको मिला दो l हाथों का बना खाना मुझको खिला दो l दो पल की जिंदगी मुझको दिला दो l एक बार गुस्से से अपनी डांट पिला दो l फूल मेरे आंगन में मां तुम खिला दो…
मौन बोलता है ( Maun bolata hai ) कभी-कभी एक चुप्पी भी बवाल खड़ा कर देती है। छोटी सी होती बात मगर मामला बड़ा कर देती है। मौन कहीं कोई लेखनी अनकहे शब्द कह जाती है । जो गिरि गिराए ना गिरते प्राचीर दीवारें ढह जाती है। मौन अचूक अस्त्र मानो धनुष…
गीतों को सौगात समझना ( Geeton ko saugaat samajhna ) काव्य भावों को समझ सको तो हर बात समझना मैंने लिखे हैं गीत नए गीतों को सौगात समझना दिल का दर्द बयां करते उर बहती भावधारा मधुर तराने प्यारे-प्यारे हर्षित हो सदन सारा शब्द शब्द मोती से झरते बनकर चेहरे की मुस्कान…
छिंदवाड़ा – साहित्य, संस्कृति एवं अध्यात्म जगत से जुड़ी अनुभूति शर्मा को साहित्य संस्कृति के क्षेत्र मे किये गए उत्कृष्ट कार्यो के लिए ‘शब्द आराधना सम्मान ‘ और ‘बेटी प्रतिभा’ सम्मान प्रदान किया। उल्लेखनीय है कि मधुकर शोध संस्थान संयोजक विनोद मिश्र जी द्वारा राष्ट्रीय मधुकर सम्मान समारोह का आयोजन बड़ी भव्यता के साथ हुआ…
चेहरे का नूर वो ही थी ( Chehre ka noor wo hi thi ) वो ही प्रेरणा वो ही उमंगे वो मेरा गुरूर थी भावों की अभिव्यक्ति मेरे चेहरे का नूर थी प्रेम की परिभाषा भी मेरे दिल की धड़कन भी खुशियों की प्यारी आहट संगीत की सरगम भी मौजों की लहरों…
राजस्थान री विशेषता ( भाषा राजस्थानी ) धोरां री आ धरती म्हारी रजवाड़ां री शान रण बांकुरा लड्या घणा भामाशाह री खान पुष्कर गलता तीर्थ जठै राणा रो स्वाभिमान नगर गुलाबी जयपुर प्यारो धोरां री मुस्कान बीकानेर जोधाणो घूमो जैसलमेर रेतीलो कोटा बूंदी हाडोती दमके आमेर रो कीलो मोठ ज्वार बाजरो…
मित्रता ( Mitrata ) सभी को रहती है मित्रता की आस, मित्र बिन जीवन बनता अधूरी सांस; मित्रों के साथ मिलता सुखद एहसास, अनुभूतियां रहती है सदैव आसपास। लड़ते झगड़ते रहना फिर भी साथ-साथ, हर मुश्किल में मित्र आगे बढ़ाता है हाथ, कभी नहीं छोड़े श्रीकृष्ण सुदामा का साथ, हर मुसीबत में मिलती है तिनके…
वो लड़की ( Woh ladki ) वो लड़की , दूनियाँ अपनी नई बनाती तो होगी , गीत चाहत का कोई गुनगुनाती तो होगी I तस्वीर कोई आँखों में सजाती तो होगी , खड़ी आइने के सामने मुस्कराती तो होगी । अनकही सी बातें आ जाती होंगी लबों पर , अनजाने से रिश्तों…
कृष्ण कन्हैया ( Krishna kanhaiya ) मदन मुरारी मोहन प्यारे, हे जग के करतार। मोर मुकुट बंसीवाला, तू गीता का है सार। चक्र सुदर्शन धारी माधव, मीरा के घनश्याम। विपद हरो हे केशव आकर, कर दो बेड़ा पार। नटवर नागर नंद बिहारी, अधर मुरलिया सोहे। रुनक झुनक बाजे पैजनिया, वैजयंती मन मोहे। यशोदा…
औरत ( Aurat ) कोई कह दे तेरा अस्तित्व नहीं मान ना लेना जहां थक कर हारते हैं सब वहीं शुरुआत करती है औरत जहां पूजती है दूजे को शक्ति रूपा पूजी जाती है औरत कहने को कह देते हैं अबला नव अंकुर को जन्म देती है औरत संघर्ष प्रकृति का नियम है संघर्षों…