भूल जाने का उसे ए रब असर दे | Ghazal bhool
भूल जाने का उसे ए रब असर दे ( Bhool jane ka rab use asar de ) भूल जाने का उसे ए रब असर दे सब्र ऐसा जिंदगी भर रब मगर दे बेरुख़ी से देखना वो छोड़ दे वो ए ख़ुदा उसको मुहब्बत की नज़र दे के न जाने हाल क्या…
भूल जाने का उसे ए रब असर दे ( Bhool jane ka rab use asar de ) भूल जाने का उसे ए रब असर दे सब्र ऐसा जिंदगी भर रब मगर दे बेरुख़ी से देखना वो छोड़ दे वो ए ख़ुदा उसको मुहब्बत की नज़र दे के न जाने हाल क्या…
मुस्कुराना चाहिए ( Muskurana chahiye ) गीत कोई प्यारा लगे तो गुनगुनाना चाहिए। देख कोई अपना लगे तो मुस्कुराना चाहिए। प्यार में शर्ते नहीं संबंध निभाना चाहिए। हंसकर सबसे मिले प्रेम जताना चाहिए। अपनापन अनमोल मोती खूब लूटाना चाहिए। पल दो पल हमको भी सदा मुस्कुराना चाहिए। आंधी तूफान आते जाते…
सभी अपने वादे से ही बदल रहा है वो ( Sabhi apne wade se hi badal raha hai wo ) सभी अपनें वादे से ही बदल रहा है वो मुहब्बत का फूल पैरों कुचल रहा है वो कभी नहीं मेहनत से तो कमाया पैसा है हराम की दौलत पैकर उछल रहा है…
नवलगढ़ के साहित्यकार कवि रमाकांत सोनी होंगे राष्ट्रीय शब्दाक्षर पदाधिकारी साहित्य सेमिनार में शरीक ‘शब्दाक्षर’ साहित्यकारों का भव्य अखिल भारतीय साहित्य समारोह तमिलनाडु, चेन्नई में आयोजित किया जा रहा है जिसमें कवि रमाकांत सोनी सुदर्शन झुंझुनू राजस्थान का प्रतिनिधित्व करेंगे और राजस्थानी भाषा में काव्य पाठ कर प्रदेश का गौरव बढ़ायेंगे। कार्यक्रम दिनांक 6,7,8 अगस्त…
हुस्न भरी वो गुल आंखें है ( Husn bhari wo gul aankhen hai ) हुस्न भरी वो गुल आंखें है ? उल्फ़त से महकी सांसें है जो क़िस्मत में न लिखा मेरी उसके ही आते सपनें है रब देख मिला दे उससे अब आती रोज़ बहुत यादें है दीदार करुं…
हर तमन्ना खाक होकर रह गई ( Har tamanna khak hokar rah gai ) हर तमन्ना खाक होकर रह गई हसरतें सब राख हो कर रह गई भुला दिया हमको हमारे अपनों ने प्यारी यादें सारी दरिया में बह गई बन चले साथी सफर में अब कई प्यार की धारायें सब पीछे…
उसकी ही देखी राहें है ( Uski hi dekhi rahen hai ) उसकी ही देखी राहें है काटी यादों में रातें है यूं भूल नहीं पाया उसको याद बहुत आती बातें है ख़ंजर मारा ऐसा दग़ा का निकली दिल से आहें है देख उतारुं क्या वो सदका मख़मूर दग़ा जो…
समंदर बन जाए ( Samandar ban jaye ) आओ हम भी गीत कुछ ऐसे गाए दिल के जोड़े तार तराने बन जाए सुहानी हो शाम महफिल सज जाए दरियादिल हो हम समंदर बन जाए रिमझिम हो बारिश घटाएं छा जाए मदमाता हो सावन सुहाना आ जाए ले गीतों की लड़ियां मधुरता…
अब गुलों की बहार हो जाये ( Ab gulon ki bahar ho jaye ) अब गुलों की बहार हो जाये? टूटे दिल को क़रार हो जाये तू मिला है मुझे बहुत दिन में जाम इक आज यार हो जाये मुंह चढ़ाना बहुत हुआ देखो प्यार अब तो इक़रार हो जाये …
समर्पण के बोल कह सकते नहीं !! ( Samarpan ke bol kah sakate nahin ) अस्त्र लाये कोईभी दुश्मनमगर,समर्पण के बोल कह सकते नहीं !! देश का अपमान करने जोखुले,ऐसे मुखके बोल सह सकते नहीं !! बाँटी हमने शान्ति और सदभावना हर पड़ौसी और निर्बल को यहाँ मित्रताएँ दीं धरा के छोर तक,…