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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Poem sena ki chahat
    कविताएँ

    सेना की चाहत | Poem sena ki chahat

    ByAdmin July 27, 2022

    सेना की चाहत ( Sena ki chahat )   मैं भारतीय सेना की आन,बान और शान हूं।     पर देश द्रोहियों के लिए मौत का सामान हूं।। भारत माता की रक्षा का चाहत लिए कटिबद्ध हूं।     अपने प्राण न्यौछावर करता देश का वीर जवान हूं।। जन्म देने वाली माँ से मैं भले…

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  • Ghazal aatishbajiyan
    शेरो-शायरी

    चल रहीं थीं वहां आतिशबजियाँ | Ghazal aatishbajiyan

    ByAdmin July 27, 2022

    चल रहीं थीं वहां आतिशबजियाँ ( Chal rahi thi wahan aatishbajiyan )   चल रहीं थीं वहाँ आतिश बाजियाँ, लोग सब समझे सवेरा हो गया घर से निकले तो हुये हैरान जब, सिर्फ कुछ पल में अन्धेरा हो गया !!   गली, कूचे, गाँव, कस्बे और शहर, पूछते थे आँखों आँखों में सवाल जिसके आने…

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  • Poem teri meri yaari
    कविताएँ

    तेरी मेरी यारी | Poem teri meri yaari

    ByAdmin July 26, 2022

    तेरी मेरी यारी ( Teri meri yaari )   होठों की हंसी मुस्कान वो खिलती प्यारी फुलवारी सावन की मस्त बहार है वो जग में तेरी मेरी यारी   विश्वास प्रेम की मूरत जहां सद्भावों की गंगा बहती आनंद हर्ष की बरसाते हर पल छाई खुशियां रहती   तेरी मेरी हर धड़कन में पहचानी जाती…

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  • Samjha rahe samajhdari se
    शेरो-शायरी

    समझा रहा समझदारी से | Ghazal

    ByAdmin July 26, 2022July 26, 2022

    समझा रहा समझदारी से ( Samjha rahe samajhdari se )   समझा रहा समझदारी से, साकी यह मयखाने में ! गांधीजी का ध्यान रखो सब,पीने और पिलाने में !!१   सही और असली ‘गांधी’ हो, तब पा सकते हर सुविधा कड़ी सजाऍं होंगी नकली- गांधी के मिल जाने में !!२   सुनकर स्वर विरोध के…

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  • जिले का साहित्य इतिहास तैयार करेगी साहित्य अकादमी
    साहित्यिक गतिविधि

    जिले का साहित्य इतिहास तैयार करेगी साहित्य अकादमी

    ByAdmin July 25, 2022July 25, 2022

    छिंदवाड़ा – साहित्य अकादमी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद, मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग भोपाल द्वारा जिले का साहित्यिक गजेटियर (जिले का साहित्य इतिहास) तैयार करने का निर्णय लिया है जिले की वर्तमान भौगोलिक एवं राजस्व सीमाओं तथा पारंपरिक ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए साहित्य, कला और संस्कृति की रचनाशीलता को इसका केन्द्रीयभाव मानते हुए साहित्य…

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  • Ghazal khuda aur muhabbat
    शेरो-शायरी

    ख़ुदा और मुहब्बत | Ghazal khuda aur muhabbat

    ByAdmin July 25, 2022

    ख़ुदा और मुहब्बत ( Khuda aur muhabbat )     आ ज़रा मिलनें मुझे बस एक लम्हे के लिए! आ निभाने आज तू अब हर उस वादे के लिए   हां करेगा वो मुराद पूरी दिल की  अल्लाह सब तू बना दे रोठी उस दरवेश भूखे के लिए   बात हो उससे मुहब्बत की सकूं…

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  • Goongi shaamen
    कविताएँ

    गूंगी शामें | Goongi shaamen | Kavita

    ByAdmin July 24, 2022

    गूंगी शामें ( Goongi shaamen )   जाने कैसा आलम छाया खामोशी घर घर छाई है मोबाइल में मस्त सभी अब कहां प्रीत पुरवाई है   गूंगी शामें सन्नाटा लेकर करती निशा का इंतजार फुर्सत नहीं लोगों को घर में कर लें सुलह विचार   अब कहां महफिले सजती रंगीन शामें रही कहां संगीत सुरों…

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  • जमाने में मेरा हाल | Zamane mein mera haal
    कविताएँ

    जमाने में मेरा हाल | Zamane mein mera haal

    ByAdmin July 24, 2022July 23, 2022

    जमाने में मेरा हाल ( Zamane mein mera haal )   बदजात जमाने से मेरा हाल न पूछों जो जानना हो कुछ मेरे पास तुम आओ मैं बेहतर बताऊंगा दूसरे से यार न पूछों मैं चलता चला जाऊंगा फिर ठहर नही पाऊंगा दूसरे से मेरी मंजिल को मेरे यार न पूछो बदजात जमाने से मेरा…

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  • Sab kuchh badal gaya ab
    कविताएँ

    सब कुछ बदल गया अब | Kavita sab kuchh badal gaya ab

    ByAdmin July 23, 2022

    सब कुछ बदल गया अब ( Sab kuchh badal gaya ab )   सब कुछ बदल गया अब तो बदला आलम सारा कहां गई वो प्रीत पुरानी बहती सद्भावों की धारा   दूर देश से चिट्ठी आती पिया परदेश को जाना पनघट गौरी भरें गगरिया हंस-हंसकर बतलाना   बदल गया अब रहन सहन सब शिक्षा…

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  • Poem anakahee
    कविताएँ

    अनकही | Poem anakahee

    ByAdmin July 23, 2022

    अनकही ( Anakahee )   चलिये ना कुछ बात करें मैं अपने दिल की बात कहूँ कुछ छुपे हुए से राज कहूँ तुम अपने मन की परते खोलो सहज जरा सा तुम भी हो लो मैं अपनी कहानी कह दूंगी जो बंधी है मन के भीतर गिरहें सभी मैं खोलूंगी तुम भी अपने घाव दिखाना…

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