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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Tamanna poem
    कविताएँ

    हर तमन्ना खाक होकर रह गई | Tamanna poem

    ByAdmin August 3, 2022

    हर तमन्ना खाक होकर रह गई ( Har tamanna khak hokar rah gai )   हर तमन्ना खाक होकर रह गई हसरतें सब राख हो कर रह गई   भुला दिया हमको हमारे अपनों ने प्यारी यादें सारी दरिया में बह गई   बन चले साथी सफर में अब कई प्यार की धारायें सब पीछे…

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  • Teri yad shayari
    शेरो-शायरी

    उसकी ही देखी राहें है | Teri yad shayari

    ByAdmin August 3, 2022

    उसकी ही देखी राहें है ( Uski hi dekhi rahen hai )     उसकी ही देखी राहें है काटी यादों में रातें है   यूं भूल नहीं पाया उसको याद बहुत आती बातें है   ख़ंजर मारा ऐसा दग़ा का निकली दिल से आहें है   देख उतारुं क्या वो सदका मख़मूर दग़ा जो…

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  • Samandar shayari in Hindi
    कविताएँ

    समंदर बन जाए | Samandar shayari in Hindi

    ByAdmin August 2, 2022

    समंदर बन जाए ( Samandar ban jaye )   आओ हम भी गीत कुछ ऐसे गाए दिल के जोड़े तार तराने बन जाए   सुहानी हो शाम महफिल सज जाए दरियादिल हो हम समंदर बन जाए   रिमझिम हो बारिश घटाएं छा जाए मदमाता हो सावन सुहाना आ जाए   ले गीतों की लड़ियां मधुरता…

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  • Bahar shayari
    शेरो-शायरी

    अब गुलों की बहार हो जाये | Bahar shayari

    ByAdmin August 2, 2022

    अब गुलों की बहार हो जाये ( Ab gulon ki bahar ho jaye )     अब गुलों की बहार हो जाये? टूटे  दिल को क़रार हो जाये   तू मिला है मुझे बहुत दिन में जाम इक आज यार हो जाये   मुंह चढ़ाना बहुत हुआ देखो प्यार अब तो इक़रार हो जाये  …

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  • Geet samarpan ke bol
    कविताएँ

    समर्पण के बोल कह सकते नहीं | Geet samarpan ke bol

    ByAdmin August 1, 2022

    समर्पण के बोल कह सकते नहीं !! ( Samarpan ke bol kah sakate nahin )   अस्त्र लाये कोईभी दुश्मनमगर,समर्पण के बोल कह सकते नहीं !! देश का अपमान करने जोखुले,ऐसे मुखके बोल सह सकते नहीं !!   बाँटी हमने शान्ति और सदभावना हर पड़ौसी और निर्बल को यहाँ मित्रताएँ दीं धरा के छोर तक,…

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  • Premchand Jayanti on behalf of "International Sahitya Sangam"
    साहित्यिक गतिविधि

    “अंतरराष्ट्रीय साहित्य संगम” की ओर से प्रेमचंद जयंती

    ByAdmin August 1, 2022

    भारतीय जनमानस का चितेरा लोक कथाकार प्रेमचंद की जयंती के अवसर पर “अंतरराष्ट्रीय साहित्य संगम” (साहित्यिक सांस्कृतिक संस्था) के तत्वावधान में संस्था के अध्यक्ष श्री देवेन्द्रनाथ शुक्ल की अध्यक्षता एवं संस्थापक एवं महासचिव डॉ. मुन्ना लाल प्रसाद के संचालन में उनकी विभिन्न रचनाओं पर एक वेबिनार का आयोजन किया गया। सबसे पहले सिंगापुर से उपस्थित…

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  • Poem kursi par haq
    कविताएँ

    कुर्सी पर हक | Poem kursi par haq

    ByAdmin August 1, 2022

    कुर्सी पर हक ( Kursi par haq )   दिल जिगर को तोल रहे, खुद को बाजीगर कहते। जनभावों संग खेल रहे हैं, मन में खोट पार्ले रहते।   वादों प्रलोभन में उलझा, खुद उल्लू सीधा करते। भ्रमित रहती जनता सारी, वो अपनी जेबें भरते।   कलाकार कलाबाजीयां, जादूगरी जिनको आती। नतमस्तक सारी दुनिया, उनकी…

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  • झुंझुनूं के 15 सहित 75 प्रतिभाओं का हुआ सम्मान
    साहित्यिक गतिविधि

    झुंझुनूं के 15 सहित 75 प्रतिभाओं का हुआ सम्मान

    ByAdmin August 1, 2022

    नवलगढ़।स्वर्णकार समाज के आदि पुरूष महाराजा अजमीढ़ देव मन्दिर के स्थापना दिवस पर 75 प्रतिभाओं का सम्मान किया गया जिसमें झुंझुनूं जिले के 15 प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। गुढ़ागौड़जी अध्यक्ष ओमप्रकाश सोनी ने बताया कि दक्षिणामुखी बालाजी मंदिर हाथोज महंत बालमुकुन्दाचार्य के सानिध्य में हुए समारोह की अध्यक्षता मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज के राष्ट्रीय…

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  • Pyar wali ghazal
    शेरो-शायरी

    तू प्यार की हमेशा दिल में चाह कर | Pyar wali ghazal

    ByAdmin July 31, 2022July 31, 2022

    तू प्यार की हमेशा दिल में चाह कर ? ( Tu pyar ki hamesha dil mein chah kar )     तू प्यार की हमेशा दिल में चाह कर ? नफ़रत की यूं न दिल में तू पनाह कर   तू डोर तोड़ मत रिश्तें वफ़ा भरी तू रिश्तें में वफ़ा से ही निबाह कर…

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  • Kavita mitra
    कविताएँ

    मित्र | Kavita mitra

    ByAdmin July 30, 2022

    मित्र ( Mitra )   लम्हे सुहाने हो ना हो,चाहत की बातें हो ना हो। प्यार हमेशा दिल में रहेगा,चाहे मुलाकात हो ना हो।   खुशियों में गम़ मे भी शामिल रहेगे। तुझसे अलग हो के कैसे रहेगे। बातें सभी दिल की तुमसे कहेगे। चाहे दिन खुशनुमा हो ना हो।   लम्हे सुहाने हो ना…

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