Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • Maa poem in Hindi
    कविताएँ

    मांँ जीवन की भोर | Maa poem in Hindi

    ByAdmin June 23, 2022

    मांँ जीवन की भोर ( Maa jeevan ki bhor )   मांँ तो फिर भी मांँ होती है हर मर्ज की दवा होती। आंँचल में संसार सुखों का हर मुश्किलें हवा होती।   मोहक झरता प्रेम प्यार बहाती पावन संस्कार से। आशीष स्नेह मोती बांटती माता अपने दुलार से।   मांँ की ममता सुखसागर पल…

    Read More मांँ जीवन की भोर | Maa poem in HindiContinue

  • Andekha gareeb
    शेरो-शायरी

    अनदेखा गरीब | Andekha gareeb

    ByAdmin June 23, 2022June 23, 2022

    इसलिए मैं हुआ अनदेखा गरीब हूँ! ( Isliye main hua andekha gareeb hoon )     इसलिए मैं हुआ अनदेखा गरीब हूँ! मैं अमीरों में था यूं तन्हा गरीब हूँ   तू अमीर तुझसे क्या दोस्ती है मेरी सुन ज़रा बात तू मैं  यारा गरीब हूँ   इतनी मिलती नहीं है मजदूरी मुझे कैसे आटा…

    Read More अनदेखा गरीब | Andekha gareebContinue

  • Sapno ki gahrai
    कविताएँ

    सपनों की गहराई | New kavita

    ByAdmin June 23, 2022

    सपनों की गहराई ( Sapno ki gahrai )   कितने  हंसी  ख्वाब, कितने  हंसी  स्वप्न मेरे। सपनों की गहराई, थाह नापने लगे नयन मेरे। मधुर मधुर मीठे मीठे, भावन से प्यारे प्यारे। मन को लुभाते स्वप्न, दिल को सुहाते सारे। कल्पनाओं की उड़ान, सपनों का सुंदर संसार। सारे जहां से प्यारा लगे, खुशियों का हमें…

    Read More सपनों की गहराई | New kavitaContinue

  • Ek talash unchai chune ki
    यात्रा बृतान्त

    एक तलाश ऊंचाई छूने की | Ek talash unchai chune ki

    ByAdmin June 22, 2022July 17, 2022

    एक तलाश ऊंचाई छूने की ( Ek talash unchai chune ki ) मैं प्रयागराज जिले के एक छोटे से गाँव से ताल्लुक़ रखता हूँ, जब मैं घर और था तो नोकरी करने की सोची हालाकि घरवाले बोलते थे कि नोकरी करने से बेहतर है कि खुद का कोई बिजनेस चालू करो ,घर मे खेतीबाड़ी होने…

    Read More एक तलाश ऊंचाई छूने की | Ek talash unchai chune kiContinue

  • Varsha ritu aayi
    कविताएँ

    वर्षा ऋतु आई | Varsha ritu aayi | Chaupai

    ByAdmin June 22, 2022

    वर्षा ऋतु आई ( Varsha ritu aayi )   घेरे घटा सघन नभ घोरा । चमके चपला करहि अजोरा ।।१ सन सन बहे तेज पुरवाई । लागत हौ बरखा ऋतु आई ।।२ आगम जानिके खग मृग बोले । अति आनंद ह्रदय में घोले।।३ प्रेम मगन वन नाचे मोरा । पपिहा करे पिउ पिउ चहु ओरा।।४…

    Read More वर्षा ऋतु आई | Varsha ritu aayi | ChaupaiContinue

  • Kahin kisi mod par
    कविताएँ

    कहीं किसी मोड़ पर | Kahin kisi mod par | Kavita

    ByAdmin June 22, 2022

    कहीं किसी मोड़ पर ( Kahin kisi mod par )   फूल खिलने मन मिलने लगे महक गई वादियां मनमीत मिले संगीत सजे लो होने लगी शादियां आओ आओ सनम मिलो प्रेम की हसीं रोड पर फिर मिलेंगे हम जाने कब कहीं किसी मोड़ पर   राहे खुल सी गई बातें घुल सी गई जुबां…

    Read More कहीं किसी मोड़ पर | Kahin kisi mod par | KavitaContinue

  • Chhand in Hindi
    छंद

    चुगली रस | Chhand in Hindi

    ByAdmin June 22, 2022October 12, 2022

    चुगली रस ( Chugli Ras ) मनहरण घनाक्षरी   चुगलखोर कान में, भरते रहते बात। चुगली रस का सदा, रसपान वो करें।   कैकई कान की कच्ची, मंथरा की मानी बात। चौदह वर्ष राम को, वनवास जो करें।   चिकनी चुपड़ी बातें, मीठी मीठी बोलकर। कानाफूसी पारंगत, चुगलियां वो करें।   चुगली निंदा जो करे,…

    Read More चुगली रस | Chhand in HindiContinue

  • Satire in Hindi
    व्यंग्य

    दूरस्थ दर्शन | Satire in Hindi

    ByAdmin June 21, 2022

    दूरस्थ दर्शन ( Doorasth darshan )   दूरदर्शन वालों ने हमें दिखने का हक नही दिया केवल देखने का हक दिया है। उन्हे रंगीन देखने के लिये हमें सात हजार रूपये खर्च करना पडे । हमारी भी इच्छा है कि हमारे घर वाले और मोहल्ले वाले हमें मूर्ख डिब्बे में देखे। आंचलिक आम आदमी, आंचलिक…

    Read More दूरस्थ दर्शन | Satire in HindiContinue

  • Muhabbat geet
    शेरो-शायरी

    मुहब्बत तुझे दिल में उतार दिया | Muhabbat geet

    ByAdmin June 21, 2022June 26, 2022

    मुहब्बत तुझे दिल में उतार दिया ( Muhabbat tujhe dil mein utar diya )     मुहब्बत तुझे दिल से उतार दिया तेरी आरजू अब न करेगे हम   मिली नफ़रत प्यार से बहुत है प्यार की झलक कब मिली है   सजा बन गयी प्यार की लगी जिंदगी जल रही है ग़म से  …

    Read More मुहब्बत तुझे दिल में उतार दिया | Muhabbat geetContinue

  • Mahangai poem
    शेरो-शायरी

    आज आटा देख महंगा कर दिया | Mahangai poem

    ByAdmin June 20, 2022June 20, 2022

    आज आटा देख महंगा कर दिया ( Aaj aata dekh mahanga kar diya )     आज आटा देख महंगा कर दिया! मुफ़लिसी पर जुल्म ऐसा कर दिया   नोटबंदी ऐसी हुई है मुल्क में यार सारा रद्दी पैसा कर दिया   लड़ रहे है रहनुमा से नौजवां नौकरी का झूठ वादा कर दिया  …

    Read More आज आटा देख महंगा कर दिया | Mahangai poemContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 588 589 590 591 592 … 832 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search