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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Ek talash unchai chune ki
    यात्रा बृतान्त

    एक तलाश ऊंचाई छूने की | Ek talash unchai chune ki

    ByAdmin June 22, 2022July 17, 2022

    एक तलाश ऊंचाई छूने की ( Ek talash unchai chune ki ) मैं प्रयागराज जिले के एक छोटे से गाँव से ताल्लुक़ रखता हूँ, जब मैं घर और था तो नोकरी करने की सोची हालाकि घरवाले बोलते थे कि नोकरी करने से बेहतर है कि खुद का कोई बिजनेस चालू करो ,घर मे खेतीबाड़ी होने…

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  • Varsha ritu aayi
    कविताएँ

    वर्षा ऋतु आई | Varsha ritu aayi | Chaupai

    ByAdmin June 22, 2022

    वर्षा ऋतु आई ( Varsha ritu aayi )   घेरे घटा सघन नभ घोरा । चमके चपला करहि अजोरा ।।१ सन सन बहे तेज पुरवाई । लागत हौ बरखा ऋतु आई ।।२ आगम जानिके खग मृग बोले । अति आनंद ह्रदय में घोले।।३ प्रेम मगन वन नाचे मोरा । पपिहा करे पिउ पिउ चहु ओरा।।४…

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  • Kahin kisi mod par
    कविताएँ

    कहीं किसी मोड़ पर | Kahin kisi mod par | Kavita

    ByAdmin June 22, 2022

    कहीं किसी मोड़ पर ( Kahin kisi mod par )   फूल खिलने मन मिलने लगे महक गई वादियां मनमीत मिले संगीत सजे लो होने लगी शादियां आओ आओ सनम मिलो प्रेम की हसीं रोड पर फिर मिलेंगे हम जाने कब कहीं किसी मोड़ पर   राहे खुल सी गई बातें घुल सी गई जुबां…

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  • Chhand in Hindi
    छंद

    चुगली रस | Chhand in Hindi

    ByAdmin June 22, 2022October 12, 2022

    चुगली रस ( Chugli Ras ) मनहरण घनाक्षरी   चुगलखोर कान में, भरते रहते बात। चुगली रस का सदा, रसपान वो करें।   कैकई कान की कच्ची, मंथरा की मानी बात। चौदह वर्ष राम को, वनवास जो करें।   चिकनी चुपड़ी बातें, मीठी मीठी बोलकर। कानाफूसी पारंगत, चुगलियां वो करें।   चुगली निंदा जो करे,…

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  • Satire in Hindi
    व्यंग्य

    दूरस्थ दर्शन | Satire in Hindi

    ByAdmin June 21, 2022

    दूरस्थ दर्शन ( Doorasth darshan )   दूरदर्शन वालों ने हमें दिखने का हक नही दिया केवल देखने का हक दिया है। उन्हे रंगीन देखने के लिये हमें सात हजार रूपये खर्च करना पडे । हमारी भी इच्छा है कि हमारे घर वाले और मोहल्ले वाले हमें मूर्ख डिब्बे में देखे। आंचलिक आम आदमी, आंचलिक…

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  • Muhabbat geet
    शेरो-शायरी

    मुहब्बत तुझे दिल में उतार दिया | Muhabbat geet

    ByAdmin June 21, 2022June 26, 2022

    मुहब्बत तुझे दिल में उतार दिया ( Muhabbat tujhe dil mein utar diya )     मुहब्बत तुझे दिल से उतार दिया तेरी आरजू अब न करेगे हम   मिली नफ़रत प्यार से बहुत है प्यार की झलक कब मिली है   सजा बन गयी प्यार की लगी जिंदगी जल रही है ग़म से  …

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  • Mahangai poem
    शेरो-शायरी

    आज आटा देख महंगा कर दिया | Mahangai poem

    ByAdmin June 20, 2022June 20, 2022

    आज आटा देख महंगा कर दिया ( Aaj aata dekh mahanga kar diya )     आज आटा देख महंगा कर दिया! मुफ़लिसी पर जुल्म ऐसा कर दिया   नोटबंदी ऐसी हुई है मुल्क में यार सारा रद्दी पैसा कर दिया   लड़ रहे है रहनुमा से नौजवां नौकरी का झूठ वादा कर दिया  …

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  • Raat na hoti
    कविताएँ

    रात ना होती | Raat na hoti | Kavita

    ByAdmin June 20, 2022

    रात ना होती ( Raat na hoti )   मधुर ये बात ना होती, मधुर मुलाकात ना होती। धड़कनें थम गई होती, अगर ये रात ना होती।   खिलती हुई सुबहें, सुहानी शाम मस्तानी। हसीं पल ये प्यारे लम्हे, रात हो गई दीवानी।   सुहाने ये प्यारे जज्बात, दिलों की बात ना होती। हसरतें रह…

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  • Pita ek anmol ratan
    कविताएँ

    पिता एक अनमोल रतन | Pita ek anmol ratan kavita

    ByAdmin June 19, 2022June 20, 2022

    पिता एक अनमोल रतन  ( Pita ek anmol ratan )   विश्व शिल्पी पिता परिवार की जान है एक सहारा है जो देता सबको जीवन दान है हमारा रझक हमारी तीरों का कमान है वह पालन कर्त्ता सर्व समाज का मान है पिता एक अनमोल …   जीवन अर्पण समर्पण परिवार में धन-धान्य का व्यवस्थापक…

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  • Hunkar ki poetry
    शेरो-शायरी

    रंग नहीं है अब कोई भी | Hunkar ki poetry

    ByAdmin June 19, 2022June 22, 2022

    रंग नहीं है अब कोई भी ( Rang nahin hai ab koi bhi )   रंग नही हैं अब कोई भी, जीवन  की  रंगोली में।   जाने कितने जहर भरे हैं, अब लोगों की बोली में।   चेहरे पर भी इक चेहरा है, कैसे  किसको पहचाने,   भीड़ मे भी हुंकार अकेला, रंगहीन  इस  होली…

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