• पिता | Pita kavita

    पिता ( Pita )   खुशियों का खजाना है, वो प्यार का सागर है। सर पर ठंडी छाया, पिता प्रेम की गागर है।   गोद में लेकर हमको, दुनिया दिखलाते जो। अंगुली पकड़ हमारी, चलना सीखलाते वो।   तुतलाती बोली को, शब्दों का ज्ञान दिया। ठोकर खाई जब भी, हमको थाम लिया।   जब जब…

  • इश्क़ बस एक बार होता है | Ishq ghazal

    इश्क़ बस एक बार होता है ( Ishq bas ek baar hota hai )   इश्क़ बस एक बार होता है कुछ दिनों का ही यार होता है   रात दिन याद है सताती फिर रात दिन इंतज़ार होता है   इश्क़ में कब किसे मिली खुशियां इश्क बस अश्कबार होता है   आपको क्या…

  • वरदान | Vardan Chhand

    वरदान ( Vardan ) मनहरण घनाक्षरी     जिंदगी वरदान से, कम ना समझ लेना। हंसी खुशी आनंद से, जीवन बिताइये। मात पिता आशीष दे, करो सेवा भरपूर। चरण छूकर प्यारे, वरदान लीजिए। साधु संत ऋषि मुनि, करे जप तप योग। वरदान से सिद्धियां, शुभ कार्य कीजिए। बड़े-बड़े महारथी, योद्धा वीर बलवान। कठोर तपस्या करें,…

  • कलाकार | Kalakar par kavita

    कलाकार ( Kalakar )   कला कौशलता दिखलाते कलाकार कहलाते हैं। अपने हुनर से दुनिया में यश परचम लहराते हैं।   चित्रकला संगीत साहित्य जिन से गहरा नाता है। सृजन शिल्प पारंगत विद्या में महारथ पाता है।   भित्तिचित्र काष्ठ कला हो या फिर आभूषण मानो। मीनाकारी रंगदारी देखो जढ़ाई घड़ाई सुंदर जानो‌   शिल्पकला…

  • मेरी नींद का ख्वाब हो तुम | Meri Neend ka Khwaab ho Tum

    मेरी नींद का ख़्वाब हो तुम ( Meri neend ka khwaab ho tum )   टूटे है भरम दिल के सभी तेरे दर से लौट आये हम   बस मेरा ख़्वाब था तू कोई हक़ीक़त नहीं   अगर किसी मोड़ पर मिल जाये कभी   तो निगाहें बचाकर पास से गुजर जाना   कभी याद…

  • छोटी छोटी खुशियां | Choti choti khushiyan chhand

    छोटी छोटी खुशियां ( Choti choti khushiyan )   बालक की मुस्कान भी, धीरे-धीरे तुतलाना। छोटी-छोटी खुशियों से, आंगन महक रहा।   जन्मदिन वर्षगांठ, शादी विवाह घर में। प्यारे प्यारे बोल मीठे, मनवा चहक रहा।   हर्ष खुशी घर आए, सबसे प्रेम जताये। अनमोल मोती प्रेम, मन में बरस रहा।   मेहमानों का आदर, सम्मान…

  • मोह | Moh chhand

    मोह ( Moh ) मनहरण घनाक्षरी   मोह माया के जाल में, फंस जाता रे इंसान। लोभ मोह तज जरा, जीवन संवारिये।   कोई पुत्र मोह करें, कोई दौलत का लोभ। लालच के अंधे बने, पट्टिका उतारिए।   ना बांधो मोहपाश में, करना है शुभ काज। सद्भावों के फूल खिला, चमन खिलाइए।   ना काया…

  • स्कूल चले हम | School chale hum | Chhand

    स्कूल चले हम ( School chale hum )   मनहरण घनाक्षरी   आओ स्कूल चले हम, होकर तैयार चले। पढ़ने को लेकर बस्ता, पाठशाला जा रहे।   खुल गई स्कूले सारी, मोटी मोटी फीस भारी। कापी किताबें लेकर, पढ़ने को जा रहे।   समय पर जगना, समय पर ही सोना। पहन ड्रेस हम भी, विद्यालय…

  • हैप्पी फादर्स डे | Happy Father’s Day

    हैप्पी फादर्स डे ( Happy Father’s Day )   बरसों हुए विदा हुए फिर नन्हीं सी तनया बन जाती हूं जाकर बाबला तेरे अंगना में….   वही महक,वही खुश्बू समा तेरी जूही की कली सी बन जाती हूं जाकर बाबला तेरी बगिया में…   अपने आसमानों से देख नई कोंपले फूटीं,नये बसेरे बने बाबला तेरे…

  • समय रुकता नहीं | Samay rukta nahi | Chhand

    समय रुकता नहीं ( Samay rukta nahi ) मनहरण घनाक्षरी   वक्त निकला जा रहा, समय रुकता नहीं। कालचक्र की गति को, जरा पहचानिए।   शनै शनै बीत रहा, हाथों से निकले रेत। पल पल हर घड़ी, समय को जानिए।   काल की नियति जानो, ठहरता नहीं वक्त। समय को बलवान, जीवन में मानिये।  …