Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • Chhand in Hindi
    छंद

    चुगली रस | Chhand in Hindi

    ByAdmin June 22, 2022October 12, 2022

    चुगली रस ( Chugli Ras ) मनहरण घनाक्षरी   चुगलखोर कान में, भरते रहते बात। चुगली रस का सदा, रसपान वो करें।   कैकई कान की कच्ची, मंथरा की मानी बात। चौदह वर्ष राम को, वनवास जो करें।   चिकनी चुपड़ी बातें, मीठी मीठी बोलकर। कानाफूसी पारंगत, चुगलियां वो करें।   चुगली निंदा जो करे,…

    Read More चुगली रस | Chhand in HindiContinue

  • Satire in Hindi
    व्यंग्य

    दूरस्थ दर्शन | Satire in Hindi

    ByAdmin June 21, 2022

    दूरस्थ दर्शन ( Doorasth darshan )   दूरदर्शन वालों ने हमें दिखने का हक नही दिया केवल देखने का हक दिया है। उन्हे रंगीन देखने के लिये हमें सात हजार रूपये खर्च करना पडे । हमारी भी इच्छा है कि हमारे घर वाले और मोहल्ले वाले हमें मूर्ख डिब्बे में देखे। आंचलिक आम आदमी, आंचलिक…

    Read More दूरस्थ दर्शन | Satire in HindiContinue

  • Muhabbat geet
    शेरो-शायरी

    मुहब्बत तुझे दिल में उतार दिया | Muhabbat geet

    ByAdmin June 21, 2022June 26, 2022

    मुहब्बत तुझे दिल में उतार दिया ( Muhabbat tujhe dil mein utar diya )     मुहब्बत तुझे दिल से उतार दिया तेरी आरजू अब न करेगे हम   मिली नफ़रत प्यार से बहुत है प्यार की झलक कब मिली है   सजा बन गयी प्यार की लगी जिंदगी जल रही है ग़म से  …

    Read More मुहब्बत तुझे दिल में उतार दिया | Muhabbat geetContinue

  • Mahangai poem
    शेरो-शायरी

    आज आटा देख महंगा कर दिया | Mahangai poem

    ByAdmin June 20, 2022June 20, 2022

    आज आटा देख महंगा कर दिया ( Aaj aata dekh mahanga kar diya )     आज आटा देख महंगा कर दिया! मुफ़लिसी पर जुल्म ऐसा कर दिया   नोटबंदी ऐसी हुई है मुल्क में यार सारा रद्दी पैसा कर दिया   लड़ रहे है रहनुमा से नौजवां नौकरी का झूठ वादा कर दिया  …

    Read More आज आटा देख महंगा कर दिया | Mahangai poemContinue

  • Raat na hoti
    कविताएँ

    रात ना होती | Raat na hoti | Kavita

    ByAdmin June 20, 2022

    रात ना होती ( Raat na hoti )   मधुर ये बात ना होती, मधुर मुलाकात ना होती। धड़कनें थम गई होती, अगर ये रात ना होती।   खिलती हुई सुबहें, सुहानी शाम मस्तानी। हसीं पल ये प्यारे लम्हे, रात हो गई दीवानी।   सुहाने ये प्यारे जज्बात, दिलों की बात ना होती। हसरतें रह…

    Read More रात ना होती | Raat na hoti | KavitaContinue

  • Pita ek anmol ratan
    कविताएँ

    पिता एक अनमोल रतन | Pita ek anmol ratan kavita

    ByAdmin June 19, 2022June 20, 2022

    पिता एक अनमोल रतन  ( Pita ek anmol ratan )   विश्व शिल्पी पिता परिवार की जान है एक सहारा है जो देता सबको जीवन दान है हमारा रझक हमारी तीरों का कमान है वह पालन कर्त्ता सर्व समाज का मान है पिता एक अनमोल …   जीवन अर्पण समर्पण परिवार में धन-धान्य का व्यवस्थापक…

    Read More पिता एक अनमोल रतन | Pita ek anmol ratan kavitaContinue

  • Hunkar ki poetry
    शेरो-शायरी

    रंग नहीं है अब कोई भी | Hunkar ki poetry

    ByAdmin June 19, 2022June 22, 2022

    रंग नहीं है अब कोई भी ( Rang nahin hai ab koi bhi )   रंग नही हैं अब कोई भी, जीवन  की  रंगोली में।   जाने कितने जहर भरे हैं, अब लोगों की बोली में।   चेहरे पर भी इक चेहरा है, कैसे  किसको पहचाने,   भीड़ मे भी हुंकार अकेला, रंगहीन  इस  होली…

    Read More रंग नहीं है अब कोई भी | Hunkar ki poetryContinue

  • Pita kavita
    कविताएँ

    पिता | Pita kavita

    ByAdmin June 19, 2022

    पिता ( Pita )   खुशियों का खजाना है, वो प्यार का सागर है। सर पर ठंडी छाया, पिता प्रेम की गागर है।   गोद में लेकर हमको, दुनिया दिखलाते जो। अंगुली पकड़ हमारी, चलना सीखलाते वो।   तुतलाती बोली को, शब्दों का ज्ञान दिया। ठोकर खाई जब भी, हमको थाम लिया।   जब जब…

    Read More पिता | Pita kavitaContinue

  • Ishq ghazal
    शेरो-शायरी

    इश्क़ बस एक बार होता है | Ishq ghazal

    ByAdmin June 19, 2022

    इश्क़ बस एक बार होता है ( Ishq bas ek baar hota hai )   इश्क़ बस एक बार होता है कुछ दिनों का ही यार होता है   रात दिन याद है सताती फिर रात दिन इंतज़ार होता है   इश्क़ में कब किसे मिली खुशियां इश्क बस अश्कबार होता है   आपको क्या…

    Read More इश्क़ बस एक बार होता है | Ishq ghazalContinue

  • मनहरण घनाक्षरी
    छंद

    वरदान | Vardan Chhand

    ByAdmin June 19, 2022January 29, 2023

    वरदान ( Vardan ) मनहरण घनाक्षरी     जिंदगी वरदान से, कम ना समझ लेना। हंसी खुशी आनंद से, जीवन बिताइये। मात पिता आशीष दे, करो सेवा भरपूर। चरण छूकर प्यारे, वरदान लीजिए। साधु संत ऋषि मुनि, करे जप तप योग। वरदान से सिद्धियां, शुभ कार्य कीजिए। बड़े-बड़े महारथी, योद्धा वीर बलवान। कठोर तपस्या करें,…

    Read More वरदान | Vardan ChhandContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 593 594 595 596 597 … 837 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search