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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Kalakar par kavita
    कविताएँ

    कलाकार | Kalakar par kavita

    ByAdmin June 18, 2022

    कलाकार ( Kalakar )   कला कौशलता दिखलाते कलाकार कहलाते हैं। अपने हुनर से दुनिया में यश परचम लहराते हैं।   चित्रकला संगीत साहित्य जिन से गहरा नाता है। सृजन शिल्प पारंगत विद्या में महारथ पाता है।   भित्तिचित्र काष्ठ कला हो या फिर आभूषण मानो। मीनाकारी रंगदारी देखो जढ़ाई घड़ाई सुंदर जानो‌   शिल्पकला…

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  • Meri neend kam khwaab ho tum
    शेरो-शायरी

    मेरी नींद का ख्वाब हो तुम | Meri Neend ka Khwaab ho Tum

    ByAdmin June 18, 2022January 29, 2023

    मेरी नींद का ख़्वाब हो तुम ( Meri neend ka khwaab ho tum )   टूटे है भरम दिल के सभी तेरे दर से लौट आये हम   बस मेरा ख़्वाब था तू कोई हक़ीक़त नहीं   अगर किसी मोड़ पर मिल जाये कभी   तो निगाहें बचाकर पास से गुजर जाना   कभी याद…

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  • Choti choti khushiyan
    कविताएँ

    छोटी छोटी खुशियां | Choti choti khushiyan chhand

    ByAdmin June 17, 2022

    छोटी छोटी खुशियां ( Choti choti khushiyan )   बालक की मुस्कान भी, धीरे-धीरे तुतलाना। छोटी-छोटी खुशियों से, आंगन महक रहा।   जन्मदिन वर्षगांठ, शादी विवाह घर में। प्यारे प्यारे बोल मीठे, मनवा चहक रहा।   हर्ष खुशी घर आए, सबसे प्रेम जताये। अनमोल मोती प्रेम, मन में बरस रहा।   मेहमानों का आदर, सम्मान…

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  • Moh chhand
    छंद

    मोह | Moh chhand

    ByAdmin June 17, 2022October 12, 2022

    मोह ( Moh ) मनहरण घनाक्षरी   मोह माया के जाल में, फंस जाता रे इंसान। लोभ मोह तज जरा, जीवन संवारिये।   कोई पुत्र मोह करें, कोई दौलत का लोभ। लालच के अंधे बने, पट्टिका उतारिए।   ना बांधो मोहपाश में, करना है शुभ काज। सद्भावों के फूल खिला, चमन खिलाइए।   ना काया…

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  • School chale hum
    छंद

    स्कूल चले हम | School chale hum | Chhand

    ByAdmin June 16, 2022October 12, 2022

    स्कूल चले हम ( School chale hum )   मनहरण घनाक्षरी   आओ स्कूल चले हम, होकर तैयार चले। पढ़ने को लेकर बस्ता, पाठशाला जा रहे।   खुल गई स्कूले सारी, मोटी मोटी फीस भारी। कापी किताबें लेकर, पढ़ने को जा रहे।   समय पर जगना, समय पर ही सोना। पहन ड्रेस हम भी, विद्यालय…

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  • हैप्पी फादर्स डे
    कविताएँ

    हैप्पी फादर्स डे | Happy Father’s Day

    ByAdmin June 16, 2022June 16, 2022

    हैप्पी फादर्स डे ( Happy Father’s Day )   बरसों हुए विदा हुए फिर नन्हीं सी तनया बन जाती हूं जाकर बाबला तेरे अंगना में….   वही महक,वही खुश्बू समा तेरी जूही की कली सी बन जाती हूं जाकर बाबला तेरी बगिया में…   अपने आसमानों से देख नई कोंपले फूटीं,नये बसेरे बने बाबला तेरे…

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  • Samay rukta nahi
    छंद

    समय रुकता नहीं | Samay rukta nahi | Chhand

    ByAdmin June 16, 2022October 12, 2022

    समय रुकता नहीं ( Samay rukta nahi ) मनहरण घनाक्षरी   वक्त निकला जा रहा, समय रुकता नहीं। कालचक्र की गति को, जरा पहचानिए।   शनै शनै बीत रहा, हाथों से निकले रेत। पल पल हर घड़ी, समय को जानिए।   काल की नियति जानो, ठहरता नहीं वक्त। समय को बलवान, जीवन में मानिये।  …

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  • Sant Kabir Das
    कविताएँ

    संत कबीर दास | Sant Kabir Das par kavita

    ByAdmin June 15, 2022

    संत कबीर दास ( Sant Kabir Das )     आडंबर दिखावे का, करते सदा विरोध। कबीर दास के दोहे, जनचेतना ला रहे।   अल्लाह के बंदे बने, राम के आराधक भी। संप्रदाय सद्भाव के, प्रसून खिलाते रहे।   उपदेश मन भाए, वचन राह दिखाएं। संत कबीर के दोहे, सबके मन भाते रहे।   सभी…

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  • Purwa bayar bahe
    कविताएँ

    पुरवा बयार बहे | Purwa bayar bahe

    ByAdmin June 15, 2022

    पुरवा बयार बहे ( Purwa bayar bahe )   केतकी गुलाब जूही चम्पा चमेली, मालती लता की बेली बडी अलबेली। कली कचनार लागे नार तू नवेली, मन अनुराग जगे प्रीत सी पहेली।   पुरवा बयार बहे तेज कभी धीमीं, बगियाँ में पपीहे की पीप रंगीली। बारिशों की बूँदे बनी काम की सहेली, रागवृत रति संग…

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  • Hain kal ke hi janaze
    शेरो-शायरी

    हैं कल के ही जनाजे, कान्धे बदल गये हैं | Hain kal ke hi janaze | Ghazal

    ByAdmin June 15, 2022

    हैं कल के ही जनाजे, कान्धे बदल गये हैं! ( Hain kal ke hi janaze,kandhe badal gaye hain )     हैं कल के ही जनाजे, कान्धे बदल गये हैं! चेहरे बदल गये ‌ हैं , मातम बहल गये हैं!   तूफान जैसा आया, लगता है आजकल तो खामोश कातिलों से , सीने  दहल  गये…

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