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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Divya anubhuti
    छंद

    दिव्य अनुभूति | Divya anubhuti | Chhand

    ByAdmin May 28, 2022October 12, 2022

    दिव्य अनुभूति ( Divya anubhuti ) मनहरण घनाक्षरी   साधना आराधना से, दिव्य अनुभूति पाई। त्याग तप ध्यान योग, नित्य किया कीजिए‌।   हरि नाम सुमिरन, जपो नित अविराम। राम राम राम राम, भज लिया कीजिए।   मंदिर में दीप कोई, जलाता ले भक्तिभाव। रोशन यह जग सारा, ध्यान किया कीजिए।   घट घट वासी…

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  • Dharti ki pukar
    कविताएँ

    धरती की पुकार | Kavita dharti ki pukar

    ByAdmin May 28, 2022

    धरती की पुकार ( Dharti ki pukar )   जब धरती पे काल पड़ जाए हिमपात भूकंप आए वृक्ष विहीन धरा पे बारिश कहीं नजर ना आए   ज़र्रा ज़र्रा करें चित्कार सुनो सुनो धरती की पुकार सागर व्योम तारे सुन लो सारे जग के सुनो करतार   अनाचार अत्याचार पापाचार का बढ़े पारावार संस्कार…

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  • Aadi tirchi raah zindagi
    कविताएँ

    आड़ी तिरछी राह जिंदगी | Aadi tirchi raah zindagi | Kavita

    ByAdmin May 27, 2022

    आड़ी तिरछी राह जिंदगी ( Aadi tirchi raah zindagi )   हो रही गुमराह जिंदगी आड़ी तिरछी राह जिंदगी बदल रही जीने की राहें ढूंढ रही पनाह जिंदगी   सद्भावों के मेले लगते प्रेम प्यार दिलों में सजते कहां गया वो वक्त सलोना भाई भाई मन में बसते   स्वार्थ के मारे सब घूमे सारे…

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  • Bargad laghu katha
    कहानियां

    बरगद | Bargad laghu katha

    ByAdmin May 27, 2022

    बरगद ( Bargad ) डॉ अलका अरोडा जी की मानवीय मूल्यों को जीवन्त करती लघुकथा   सुबह सुबह प्रेम की एसी झडी मैं पतिदेव से पूछ ही बैठी – प्रेम की यह छुअन स्वाभाविक नहीं जी !! स्त्री का मन प्रेम के बनावटीपन को पहचानने की शक्ति रखता है । बताओ क्या बात है क्यूं…

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  • Mhari nakhrali sali
    कविताएँ

    म्हारी नखराळी साळी | Marwadi Rachna

    ByAdmin May 27, 2022

    म्हारी नखराळी साळी ( Mhari nakhrali sali )   सुण म्हारी नखराळी साळी,गोरी ए मतवाळी मेळो देखण चालां आज्या,लारै म्हारै भोळी भाळी   बळखाती इतराती चालै,बहती पून सी कयां हालै देख चांदणी शरमावै,थारो रूप सहयो नहीं जावै   सावण सी रिमझिम बरसै, थारै सागै बादळिया आओ मेळो देखण चालां,मत चढ़ज्यों डागळिया   चाल चलै मतवाळी…

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  • Hindi katha
    कहानियां

    अनोखा रिश्ता | Hindi katha

    ByAdmin May 26, 2022May 26, 2022

    अनोखा रिश्ता ( Anokha rista : Hindi kahani )   कुर्सी पर बैठी 50 वर्षीय निता आग बबूला थी और गुस्से में बडबडा़ रही थी – ” इतनी मजाल कि मेरी बेटी पर हाथ उठाया? क्या समझता है अपने आप को?  मैंने कभी हाथ नहीं उठाया और ये दो साल में ही मेरी फूल सी…

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  • Kahin kisi roz
    कविताएँ

    कहीं किसी रोज | Kahin kisi roz | Kavita

    ByAdmin May 26, 2022

    कहीं किसी रोज ( Kahin kisi roz )   आओ हम चले कहीं मिले कभी किसी रोज। महफिल जमाकर बैठे मौज से करेंगे भोज। पिकनिक भ्रमण करें घूमे हसी वादियो में। झूमे नाचे गाए हम जा बेगानी शादियों में। सैर सपाटा मौज मस्ती आनंद के पल जीये। खुशियों के मोती वांटे जीवन का रस पीये।…

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  • Marwadi sahitya
    कविताएँ

    साळी दैव ओळमो | Marwadi sahitya

    ByAdmin May 26, 2022May 27, 2022

    साळी दैव ओळमो   कदे जलेबी ल्यायो ना हंस हंस क बतलायो ना वार त्योहारां आयो ना हेतु घणों बरसायो ना   मैळो कदे दिखायो ना गाड़ी म घुमायो ना घूमर घालैण आयो ना गीत सुरीला गायों ना   साळी बोली हां र जीजा आव ओळमो तन दयू जीजी रा भरतार बता दें क्यां पै…

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  • Chahe tumse bhi batiyana
    कविताएँ

    चाहें तुमसे भी बतियाना | Chahe tumse bhi batiyana | Kavita

    ByAdmin May 25, 2022

    चाहें तुमसे भी बतियाना ( Chahe tumse bhi batiyana )   नये पौधों को पानी देकर, बूढ़े बरगद को भी जाना । बूढ़े है वो अपने घर के, चाहें तुमसे भी बतियाना ।।   माना कि अब फल ना देंगे,पर अनुभव की खान है बूढ़े तेरी जो हस्ती है आज, उसकी ही पहचान है बूढ़े…

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  • Payal kavita
    कविताएँ

    पायल | Payal kavita

    ByAdmin May 25, 2022May 25, 2022

    पायल ( Payal )   कहीं सीमा का बंधन देखो कहीं रात अलबेली है पैरों की पायल है मेरी या जंजीर की बेडी है   रुके रुके कदमों से देखो अठखेली ये करती है रुनझुन रुनझुन करते करते सांझ सलोनी कटती है   छम छम करता बचपन बीता झनक झनक करते यौवन छनक छनक सी…

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