Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • Sant Kabir Das
    कविताएँ

    संत कबीर दास | Sant Kabir Das par kavita

    ByAdmin June 15, 2022

    संत कबीर दास ( Sant Kabir Das )     आडंबर दिखावे का, करते सदा विरोध। कबीर दास के दोहे, जनचेतना ला रहे।   अल्लाह के बंदे बने, राम के आराधक भी। संप्रदाय सद्भाव के, प्रसून खिलाते रहे।   उपदेश मन भाए, वचन राह दिखाएं। संत कबीर के दोहे, सबके मन भाते रहे।   सभी…

    Read More संत कबीर दास | Sant Kabir Das par kavitaContinue

  • Purwa bayar bahe
    कविताएँ

    पुरवा बयार बहे | Purwa bayar bahe

    ByAdmin June 15, 2022

    पुरवा बयार बहे ( Purwa bayar bahe )   केतकी गुलाब जूही चम्पा चमेली, मालती लता की बेली बडी अलबेली। कली कचनार लागे नार तू नवेली, मन अनुराग जगे प्रीत सी पहेली।   पुरवा बयार बहे तेज कभी धीमीं, बगियाँ में पपीहे की पीप रंगीली। बारिशों की बूँदे बनी काम की सहेली, रागवृत रति संग…

    Read More पुरवा बयार बहे | Purwa bayar baheContinue

  • Hain kal ke hi janaze
    शेरो-शायरी

    हैं कल के ही जनाजे, कान्धे बदल गये हैं | Hain kal ke hi janaze | Ghazal

    ByAdmin June 15, 2022

    हैं कल के ही जनाजे, कान्धे बदल गये हैं! ( Hain kal ke hi janaze,kandhe badal gaye hain )     हैं कल के ही जनाजे, कान्धे बदल गये हैं! चेहरे बदल गये ‌ हैं , मातम बहल गये हैं!   तूफान जैसा आया, लगता है आजकल तो खामोश कातिलों से , सीने  दहल  गये…

    Read More हैं कल के ही जनाजे, कान्धे बदल गये हैं | Hain kal ke hi janaze | GhazalContinue

  • Phoolon ki kali
    छंद

    फूलों की कली | Phoolon ki kali | Chhand

    ByAdmin June 14, 2022October 12, 2022

    फूलों की कली ( Phoolon ki kali ) मनहरण घनाक्षरी   महक गई वादियां, महका चमन सारा। फूलों की कलियां खिली, मधुर चली बहार।   मधुबन में बहारें, झौंका मस्त पवन का। कलियों ने महकाया, लो आने लगी बहार।   विविध भांति पुष्पो ने, सुगंधित कलियों ने। मदमस्त किया समां, सुहानी लगी बयार।   महकते…

    Read More फूलों की कली | Phoolon ki kali | ChhandContinue

  • Raktdan par kavita
    छंद

    रक्तदान | Raktdan par chhand

    ByAdmin June 14, 2022October 12, 2022

    रक्तदान ( Raktdan ) मनहरण घनाक्षरी   रक्तदान महादान, देता है जीवन दान। जीवन बचाएं हम, रक्तदान कीजिए।   आओ बचाएं सबका, जीवन अनमोल है। मानव धर्म हमारा, पुण्य कार्य कीजिए।   सांसो की डोर बचाले, जोड़े रक्त का नाता भी। जरूरतमंद कोई, रक्त दान दीजिए।   किस्मत संवर जाती, भाग्य के खुलते द्वार। परोपकार…

    Read More रक्तदान | Raktdan par chhandContinue

  • Dil shayari in Hindi
    शेरो-शायरी

    पास में वो आजकल चेहरा नहीं | Dil shayari in Hindi

    ByAdmin June 14, 2022

    पास में वो आजकल चेहरा नहीं! ( Paas mein wo aajkal chehra nahi )     पास में वो आजकल चेहरा नहीं! इसलिए दिल अब यहाँ लगता नहीं   याद आये तू नहीं जो रात दिन जीस्त में ऐसा मगर लम्हा नहीं   हो गया किस बात का इतना गरूर वो ख़ुशी से अब मगर…

    Read More पास में वो आजकल चेहरा नहीं | Dil shayari in HindiContinue

  • Hawa ka jhonka
    कविताएँ

    हवा का झोंका | Hawa ka jhonka

    ByAdmin June 14, 2022July 16, 2023

    हवा का झोंका ( Hawa ka jhonka )   मधुर मधुर बहती पुरवाई मधुर हवा का झोंका आंगन में बहारें आई आया मनमीत अनोखा   खिल उठा मधुबन सारा महक गई वादियां सभी खुशबू फैली मोहक बन चहक गई कलियां तभी   उनके आ जाने से आया मस्त हवा का झोंका बहारों को मिल गया…

    Read More हवा का झोंका | Hawa ka jhonkaContinue

  • Mera bachpan kavita
    कविताएँ

    मेरा बचपन | Mera bachpan kavita

    ByAdmin June 13, 2022

    मेरा बचपन ( Mera Bachpan )     वो रह रह कर क्यों याद आता है मुझे वो मेरा बचपन जो शायद भूल मुझे कहीं खो गया है दूर वो मेरा बचपन… वो पापा की बातें मम्मी का झिड़कना इम्तिहान के दिनों में मेरा टीवी देखने को ज़िद करना…. कितना मासूम था भोला था वो…

    Read More मेरा बचपन | Mera bachpan kavitaContinue

  • Patni gai mayke
    कविताएँ

    पत्नी गई मायके | Patni gai mayke

    ByAdmin June 13, 2022June 13, 2022

    पत्नी गई मायके ( Patni gai mayke )   पत्नी गई मायके ,बेटवा बिटिया लईके छोड़ के पति को, ताला कूंजी दईके ।।   दस दिन पहले से, कर रही थी तैयारी लड़िकन के कपड़ा चाहे, हमें चाहे सारी।।   रुपया चाहे हमके, खर्चा बा अबकी भारी टूटा बा पायल कुछ और करब खरीदारी।।  …

    Read More पत्नी गई मायके | Patni gai maykeContinue

  • Kanghi par kavita
    कविताएँ

    कंघी का महत्व | Kanghi par kavita

    ByAdmin June 13, 2022

    कंघी का महत्व ( Kanghi ka mahatva )   फैशन के दीवानों को, मन के अरमानों को। सजने सवरने का, मौका जरा दीजिए।   गंजे को भी बेच सके, चीज वो कमाल की। केसों को भी संवारिए, कंघी कर लीजिए।   सजने का शौक हमें, संवरने का चाव भी। चार चांद चेहरे पे, कंघी जरा…

    Read More कंघी का महत्व | Kanghi par kavitaContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 595 596 597 598 599 … 837 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search