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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • kabhi us shahar kabhi is shahar
    कविताएँ

    कभी उस शहर कभी इस शहर | kabhi us shahar kabhi is shahar

    ByAdmin May 25, 2022

    कभी उस शहर कभी इस शहर ( Kabhi us shahar kabhi is shahar )   कभी उस शहर कभी इस शहर गरजते, बरसते आखिर कुछ बादल मेरे शहर भी आकर छा ही गये कुछ देर ही सही गरज कर बरस भी गये हवा कि चलो कुछ तल्खी कम हुई खुश्की नम हुई मौसम के बिगड़े…

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  • Nyaya harayeko desh
    विवेचना

    न्याय हराएको देश | Nepali Sahityik Rachana

    ByAdmin May 25, 2022May 25, 2022

    न्याय हराएको देश ( Nyaya harayeko desh )     यो आमा बुवा ले दिएको संकार को हार हो, यो व्यक्ति को मात्रै हार हैन, सम्पूर्ण मानव सभ्यता, यो सत्य को, यो विश्व व्यापी न्याय को, समय को, जिवन दर्शनका साथ साथै शास्वत नियम को पनि हार हो। यो एउटा निर्मला, एउटा सुष्मिता को मात्रै…

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  • Mehnat ek sadhana
    कविताएँ

    मेहनत एक साधना | Mehnat ek sadhana | kavita

    ByAdmin May 24, 2022

    मेहनत एक साधना ( Mehnat ek sadhana )   साधना और तपस्या है मेहनत खून पसीना है। कड़ा परिश्रम हौसलों से श्रम से खाना पीना है।   मेहनत एक साधना प्यारे मेहनत ही रंग लाती है। मंजिले मिलती मनोहर मुस्कान लबों पर छाती है।   हर आंधी तूफानों को जो सहज पार कर जाते हैं।…

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  • Ghazal mushkilon mein
    शेरो-शायरी

    मुश्किलों में | Ghazal mushkilon mein

    ByAdmin May 24, 2022May 24, 2022

    मुश्किलों में हर पल ही ये वुजूद रहता है ( Mushkilon mein har pal hai ye wajood rahata hai )     मुश्किलों में हर पल ही ये वुजूद रहता है दर्द शाइरी में दिल का नूमूद रहता है   रास्ता नहीं आता है नजर ख़ुशी कोई सच कहूँ यहाँ ग़म का ख़ूब  दूद रहता…

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  • Pyaas bujhe to bujhe kaise
    कविताएँ

    प्यास बुझे तो बुझे कैसे | Pyaas bujhe to bujhe kaise | Kavita

    ByAdmin May 23, 2022

    प्यास बुझे तो बुझे कैसे ( Pyaas bujhe to bujhe kaise )     प्यास बुझे तो बुझे कैसे , जो आग लगी है पानी से।   मर  रहा  इंसानियत  यहां, धर्म मजहब की कहानी से।   रो-रो  के  जिंदा  है  परिंदा, अपनी आंखों के पानी से।   घर  का  बुजुर्ग  शर्मिंदा  है, अपने बच्चों…

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  • Budhape ki dehri
    छंद

    बुढ़ापे की देहरी | Budhape ki dehri | Chhand

    ByAdmin May 23, 2022October 12, 2022

    बुढ़ापे की देहरी ( Budhape ki dehri ) मनहरण घनाक्षरी बुढ़ापे की देहरी पे, पग जब रख दिया। हाथों में लकड़ी आई, समय का खेल है।   बचपन याद आया, गुजरा जमाना सारा। बालपन की वो यादे, सुहानी सी रेल है।   भागदौड़ जिंदगी की, वक्त की मार सहते। लो आया बुढ़ापा देखो, नज़रो का…

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  • किया था प्यार
    शेरो-शायरी

    किया था प्यार | Ghazal kiya tha pyar

    ByAdmin May 22, 2022June 4, 2022

    किया था प्यार ( Kiya tha pyar )   किया था प्यार मगर हमनें जताया ही नही। वो कैसे जानती जो हमने बताया ही नही। रहा अफसोस हमेशा ही से ये दिल मे मेरे, क्यों ये जज्बात मेरे दिल के दिखाया ही नही।   2. नयन आँधी और तुफान बसा है, दो नयनों के अन्दर।…

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  • हृदयांगन संस्था मुंबई का पूर्वांचल उत्तर प्रदेश का दौरा
    साहित्यिक गतिविधि

    हृदयांगन संस्था मुंबई का पूर्वांचल उत्तर प्रदेश का दौरा

    ByAdmin May 22, 2022May 22, 2022

    हृदयांगन साहित्यिक संस्था की पूर्वांचल यात्रा जौनपुर, भदोही, वाराणसी, अयोध्याधाम होते हुये वाया लखनऊ कानपुर वापस।। यह यात्रा दिनांक 17 मई 2022 से 21 मई 2022 तक रही। कई विशिष्ट गणमान्य लोगो से मुलाकाते हुयी ।।सुप्रसिद्ध मंदिरो के दर्शन हुये ।। पतित पावनी गंगा जी की आरती तथा स्नान और सरयु नदी मे स्नान हुये।।…

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  • Jo chala gaya
    कविताएँ

    जो चला गया | Jo chala gaya | Poem in Hindi

    ByAdmin May 22, 2022

    1. जो चला गया   जो चला गया हैं छोड़ तुझे,उस मोह में अब क्या पड़ना हैं। जीवन सूखी बगिया में,  सब रंग तुम्हे ही भरना हैं। आसूं का संचय करो हृदय में, जिष्णु सा सम्मान भरो, इतिहास अलग ही लिखना है, अवनि को तुमको छूना है।   2. हमीं से मोहब्बत    हमीं से…

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  • Geet hai tujhe bhi ijazat
    कविताएँ

    है तुझे भी इजाजत | Geet hai tujhe bhi ijazat

    ByAdmin May 22, 2022May 22, 2022

    है तुझे भी इजाजत ( Hai tujhe bhi ijazat )   उतर आओ चांदनी सी मिल जाए जब भी फुर्सत। महकती वादियों में मिलना, है तुझे भी इजाजत। है तुझे भी इजाजत,है तुझे भी इजाजत   रुप का श्रंगार हो तुम, गुल गुलशन बहार हो तुम। कुदरत का कोई अजूबा, प्यार का इजहार हो तुम।…

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