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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Journalism Day Kavi Sammelan
    साहित्यिक गतिविधि

    पत्रकारिता दिवस के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन

    ByAdmin May 31, 2022October 27, 2022

    ” पत्रकारिता दिवस के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन “   हिन्दी पत्रकारिता दिवस की पूर्व संध्या पर “अंतरराष्ट्रीय साहित्य संगम” (साहित्यिक सांस्कृतिक संस्था) के तत्वावधान में डॉ. ओमप्रकाश पांडेय की अध्यक्षता एवं डॉ. मुन्ना लाल प्रसाद के संचालन में गूगल मीट के माध्यम से पहले सत्र में एक ऑनलाइन “हिन्दी पत्रकारिता: दिशा एवं दशा”…

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  • Ghazal gali uski
    शेरो-शायरी

    गली उसकी बहुत पहरा रहा है | Ghazal gali uski

    ByAdmin May 30, 2022May 31, 2022

    गली उसकी बहुत पहरा रहा है ( Gali uski bahot pahra raha hai )     गली उसकी बहुत पहरा रहा है यहाँ माहौल कुछ ऐसा रहा है   बढ़ी है  इसलिए दूरी उसी से उसी का नर्म कब लहज़ा रहा है   दवाई ले नहीं पाया मगर यूं नहीं कल जेब में पैसा रहा…

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  • Kare kajrare naina
    कविताएँ

    कारें कजरारे नैना | Kare kajrare naina | Kavita

    ByAdmin May 30, 2022

    कारें कजरारे नैना ( Kare kajrare naina )   काली आंखें तिरछे नैना दमक रहा आनन सारा प्रीत भरी इन आंखों में झलक रही प्रेम रसधारा   झील सी आंखें गहरी गहरी डूब न जाना नैनों में मादकता भरे ये लोचन अंदाज मस्ताना नैनों में   नैन कटीले काले कजरारे चले नैना तीर कटार मृगनयनी…

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  • Ghazal kami dil mein
    शेरो-शायरी

    कमी दिल में | Ghazal kami dil mein

    ByAdmin May 29, 2022May 29, 2022

    कमी दिल में ( Kami dil mein )     कमी दिल में तुम्हारी ही यहाँ हो सनम मेरे चले आओ जहाँ हो   ख़ुशी के फूल क्या मुझपर बरसेंगे यहाँ  तो रोज़ ग़म की ही ख़िज़ाँ हो   ख़फ़ा होकर वही बैठा बहुत है यहाँ जिसकी यादें दिल में रवाँ हो   तुम्हारे बिन…

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  • Mere mann ka shor
    कविताएँ

    मेरे मन का शोर | Mere mann ka shor | Kavita

    ByAdmin May 29, 2022

    मेरे मन का शोर ( Mere mann ka shor )   विचारों की उथल-पुथल उमड़ा मेरे मन का शोर कल्पनाओं ने उड़ान भरी आया भावों का दौर   भावो का ज्वार हिलोरे ले रहा हलचल मची मन में उमंगे उठ रही नित नई साहस भर रहा नस-नस में   प्रचंड भाव प्रवाह मन का तूफान…

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  • Manav tan
    छंद

    मानव तन | Manav tan | Chhand

    ByAdmin May 28, 2022October 12, 2022

    मानव तन ( Manav tan ) मनहरण घनाक्षरी     नश्वर सी यह काया, तन को हमने पाया। देह गात स्वरूप को, दाग ना लगाइए।   कंचन सी काया मिली, पंचतत्वों का शरीर। मानव तन भाग्य से, हरि कृपा पाइए।   चंद सांसों का खेल है, आत्मा का जुड़ा है तार। मानुष जन्म में मिला,…

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  • Poem bas wo biki nahi
    कविताएँ

    बस वो बिकी नहीं | Poem bas wo biki nahi

    ByAdmin May 28, 2022

    बस वो बिकी नहीं ( Bas wo biki nahi )   श्रृंगार की गजल कोई, हमने लिखी नहीं। सूरत हुजूरे दिल की, जबसे दिखी नहीं ॥   बिक गई थी लाखो में, इक तस्वीर बेहया, जिसमें लिखा था मां, बस वो बिकी नहीं ॥   हंसते रहे तमाम उम्र, जिसको छिपाके हम, हमसे वो बातें…

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  • Divya anubhuti
    छंद

    दिव्य अनुभूति | Divya anubhuti | Chhand

    ByAdmin May 28, 2022October 12, 2022

    दिव्य अनुभूति ( Divya anubhuti ) मनहरण घनाक्षरी   साधना आराधना से, दिव्य अनुभूति पाई। त्याग तप ध्यान योग, नित्य किया कीजिए‌।   हरि नाम सुमिरन, जपो नित अविराम। राम राम राम राम, भज लिया कीजिए।   मंदिर में दीप कोई, जलाता ले भक्तिभाव। रोशन यह जग सारा, ध्यान किया कीजिए।   घट घट वासी…

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  • Dharti ki pukar
    कविताएँ

    धरती की पुकार | Kavita dharti ki pukar

    ByAdmin May 28, 2022

    धरती की पुकार ( Dharti ki pukar )   जब धरती पे काल पड़ जाए हिमपात भूकंप आए वृक्ष विहीन धरा पे बारिश कहीं नजर ना आए   ज़र्रा ज़र्रा करें चित्कार सुनो सुनो धरती की पुकार सागर व्योम तारे सुन लो सारे जग के सुनो करतार   अनाचार अत्याचार पापाचार का बढ़े पारावार संस्कार…

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  • Aadi tirchi raah zindagi
    कविताएँ

    आड़ी तिरछी राह जिंदगी | Aadi tirchi raah zindagi | Kavita

    ByAdmin May 27, 2022

    आड़ी तिरछी राह जिंदगी ( Aadi tirchi raah zindagi )   हो रही गुमराह जिंदगी आड़ी तिरछी राह जिंदगी बदल रही जीने की राहें ढूंढ रही पनाह जिंदगी   सद्भावों के मेले लगते प्रेम प्यार दिलों में सजते कहां गया वो वक्त सलोना भाई भाई मन में बसते   स्वार्थ के मारे सब घूमे सारे…

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