Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • Geet pyasa man
    कविताएँ

    प्यासा मन | Geet pyasa man

    ByAdmin May 15, 2022

    प्यासा मन ( Pyasa man )   उमड़ घुमड़ बदरिया बरसे बरसाओ प्रेम जरा सा सावन की झड़ी लग रही मन मेरा फिर भी प्यासा मन मेरा फिर भी प्यासा   महकी मन की बगिया फूलों की मुस्कानों सी देखता हूं जब भी तुझको झूमती दीवानों सी इक आहट से दिल धड़कता प्रेम गीत भरा…

    Read More प्यासा मन | Geet pyasa manContinue

  • Chhand chhav ki talaash
    कविताएँ

    छांव की तलाश | Chhand chhav ki talaash

    ByAdmin May 15, 2022

    छांव की तलाश ( Chhav ki talaash )   चिलचिलाती धूप में, पंछी पानी को तरसे। गर्मी से व्याकुल फिरे, छांव की तलाश में।   सूख गये नदी नाले, छाया सब ढूंढ रहे। गर्म तवे सी धरती, तप रही आग में।   झुलस रहे हैं सारे, जलती हुई धूप में। ठंडी छांव मिले कहीं, चल…

    Read More छांव की तलाश | Chhand chhav ki talaashContinue

  • Chhand Mahatma Buddha
    कविताएँ

    महात्मा बुध | Chhand Mahatma Buddha

    ByAdmin May 15, 2022

    महात्मा बुध ( Mahatma Buddha )   राजा शुद्धोधन सुत, सिद्धार्थ जिनका नाम। सत्य ज्ञान की खोज में, चल पड़े निष्काम।   पुत्र पत्नी त्याग के, तज दिया राजपाट। योग साधना सीख ली, पहुंचे गंगा घाट।   बोध गया बोधिवृक्ष, मिल गया सच्चा बोध। गौतम बुध हो गए, सिद्धार्थ कर शोध।   वीणा के बजते…

    Read More महात्मा बुध | Chhand Mahatma BuddhaContinue

  • Kavita internet ki duniya
    कविताएँ

    इंटरनेट की दुनिया | Kavita internet ki duniya

    ByAdmin May 14, 2022

    इंटरनेट की दुनिया ( Internet ki duniya )   इंटरनेट का आया जमाना मोबाइल चलन हुआ कर लो दुनिया मुट्ठी में लाइव चैटिंग फैशन हुआ   मोबाइल में जान तोते की भांति मन में बसने लगा साइबर अपराध बढ़ गए ठग नेट पर ही ठगने लगा   ऑनलाइन क्लासे चलती गुरुकुल विद्या आए कैसे बैंकिंग…

    Read More इंटरनेट की दुनिया | Kavita internet ki duniyaContinue

  • Ghazal tere bina
    शेरो-शायरी

    तेरे बिना ख़ुशी उदास है जिंदगी | Ghazal tere bina

    ByAdmin May 14, 2022May 14, 2022

    तेरे बिना ख़ुशी उदास है जिंदगी ( Tere bina khushi udaas hai zindagi )   तेरे बिना ख़ुशी उदास है जिंदगी तुझे क्या ख़बर हूँ कितना बेचैन हूँ ख़ुशी तू मेरी  हम सफ़र तू मेरी जिंदगी   तेरे बिना है  जीना मुश्किल ख़ुशी तू कहाँ लौट आ तू ख़ुशी जिंदगी में भर रहा आहें दिल…

    Read More तेरे बिना ख़ुशी उदास है जिंदगी | Ghazal tere binaContinue

  • Kavita wajah
    कविताएँ

    वजह | Kavita wajah

    ByAdmin May 14, 2022

    वजह ( Wajah )   बेवजह परेशान हो रहे खूब बढ़ गई महंगाई। इसी वजह से घूस बढ़ रही बढ़ रही है तन्हाई।   मजदूरी की रेट बढ़ गई झूठा रोना रोते क्यों। कहो वजह सड़कों पे जा धरनो में सोते क्यों।   हर चीजों के दाम बढ़े तो वेतन बढ़ा हुआ पाया। आमदनी अनुकूल…

    Read More वजह | Kavita wajahContinue

  • Ghazal zindagi mein roz teri hi kami hai
    कविताएँ

    जिंदगी में रोज़ तेरी ही कमी है | Ghazal zindagi mein roz teri hi kami hai

    ByAdmin May 13, 2022

    जिंदगी में रोज़ तेरी ही कमी है ( Zindagi mein roz teri hi kami hai )     लौट आ तू जिंदगी तन्हा कहां तू रोज़ तन्हाई भरी ही जिंदगी है   हो गयी है इम्तिहां अब राह की देखकर रस्ता तेरा आँखें थकी है   टूट जाते जो रिश्तें जुड़ते नहीं दूर कर जो…

    Read More जिंदगी में रोज़ तेरी ही कमी है | Ghazal zindagi mein roz teri hi kami haiContinue

  • Kavita tumse hi himmat
    कविताएँ

    तुमसे ही हिम्मत | Kavita tumse hi himmat

    ByAdmin May 13, 2022May 14, 2022

    तुमसे ही हिम्मत ( Tumse hi himmat )   तुम से ही हौसला हमारा तुमसे ही हिम्मत हमारी तुम दिल का करार हो मनमीत दिल की हो प्यारी   जीवन के इस सफर में हमसफ़र हो तुम हमारी कदम कदम पे साथ देती महके आंगन फुलवारी   उन्नति आशा की किरणें प्रगति पथ पे प्रेरणा…

    Read More तुमसे ही हिम्मत | Kavita tumse hi himmatContinue

  • Geet sang hamen rahana hai
    कविताएँ

    संग हमें रहना है | Geet sang hamen rahana hai

    ByAdmin May 13, 2022

    संग हमें रहना है ( Sang hamen rahana hai )   हर मुश्किल संघर्षों को मिलकर हमें सहना है। कुछ भी हो जाए जीवन में संग हमें रहना है। संग हमें रहना है   प्रीत की धारा बह जाए प्रेम सुधारस हम बहाये। प्यार के मोती लुटाए अपनापन अनमोल बढ़ाए। हमारी हर खुशियों का दिल…

    Read More संग हमें रहना है | Geet sang hamen rahana haiContinue

  • Kavita bachpan aangan mein khela
    कविताएँ

    बचपन आंगन में खेला | Kavita bachpan aangan mein khela

    ByAdmin May 12, 2022

    बचपन आंगन में खेला ( Bachpan aangan mein khela )   नन्हे नन्हे पाँवों से जब,बचपन आँगन में खेला। मेरे घर फिर से लगता है,गुड्डे गुड़ियों का मेला।। खाली शीशी और ढक्कन में, पकवान भी खूब सजें डिब्बों पीपों में लकड़ी संग, रोज ढोल भी खूब बजें खिड़की के पीछे जा जाकर, टेर लगाना छिप…

    Read More बचपन आंगन में खेला | Kavita bachpan aangan mein khelaContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 599 600 601 602 603 … 832 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search