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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Geet sang hamen rahana hai
    कविताएँ

    संग हमें रहना है | Geet sang hamen rahana hai

    ByAdmin May 13, 2022

    संग हमें रहना है ( Sang hamen rahana hai )   हर मुश्किल संघर्षों को मिलकर हमें सहना है। कुछ भी हो जाए जीवन में संग हमें रहना है। संग हमें रहना है   प्रीत की धारा बह जाए प्रेम सुधारस हम बहाये। प्यार के मोती लुटाए अपनापन अनमोल बढ़ाए। हमारी हर खुशियों का दिल…

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  • Kavita bachpan aangan mein khela
    कविताएँ

    बचपन आंगन में खेला | Kavita bachpan aangan mein khela

    ByAdmin May 12, 2022

    बचपन आंगन में खेला ( Bachpan aangan mein khela )   नन्हे नन्हे पाँवों से जब,बचपन आँगन में खेला। मेरे घर फिर से लगता है,गुड्डे गुड़ियों का मेला।। खाली शीशी और ढक्कन में, पकवान भी खूब सजें डिब्बों पीपों में लकड़ी संग, रोज ढोल भी खूब बजें खिड़की के पीछे जा जाकर, टेर लगाना छिप…

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  • Kavita aankhe hansdi dil roya
    कविताएँ

    आंखे हंस दी दिल रोया | Kavita aankhe hansdi dil roya

    ByAdmin May 12, 2022

    आंखे हंस दी दिल रोया ( Aankhe hansdi dil roya )   आंधी तूफां पतझड़ आए मुश्किलों ने डाला डेरा दर्द दिल में दबाए मचल रहा मन मतवाला मेरा   रख दिया हाथ उसने पूछा प्यारे क्यों खोया खोया प्यार भरी बातें सुनकर आंखें हंस दी दिल रोया   अनकहे अल्फाज मन के बहुत दिल…

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  • Zindagi poetry
    शेरो-शायरी

    जिंदगी में यहाँ बेबसी है बहुत | Zindagi poetry

    ByAdmin May 12, 2022May 12, 2022

    जिंदगी में यहाँ बेबसी है बहुत ( Zindagi mein yahan bebasi hai bahut )     जिंदगी में यहाँ बेबसी है बहुत इसलिए दूर मुझसे ख़ुशी है बहुत   प्यार का फूल ही कब मिला है मुझे रोज़ मुझको  मिली बेरुख़ी है बहुत   कल तलक दोस्ती थी जिससे ही यहाँ आज उससे मगर दुश्मनी…

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  • Kavita kuch tum badlo kuchh ham badle
    कविताएँ

    कुछ तुम बदलो कुछ हम बदलें | Kavita kuch tum badlo kuchh ham badle

    ByAdmin May 11, 2022

    कुछ तुम बदलो कुछ हम बदलें ( Kuch tum badlo kuchh ham badle )   परिवेश हो गया कैसा क्या चलन चल आया है बदलावों की बयार चली ये नया जमाना आया है   कुछ तुम बदलो कुछ हम बदले दुनिया बदल रही छोड़ो बीती बातें अबतो देखो नई कहानी बन रही   नए दौर…

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  • Kavita toofan
    कविताएँ

    तूफान | Kavita toofan

    ByAdmin May 11, 2022

    तूफान ( Toofan )   सर पे आसमां रखता दिल में समाए तूफां रखता। शमशीरो का आगार हूं हृदय में हिंदुस्तान रखता।   तूफान उठे उठने दो चाहे बिजलिया गिरे अविरत। बुलंद हौसला रखे दिल में रहती माँ भारती मूरत।   हम आंधी तूफानों को भी मोड़ नया दिखा देंगे। काली अंधियारी रातों में हम…

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  • Bewafa shayari for gf
    शेरो-शायरी

    ऐ सनम तूने क्यों प्यार ये बेवफ़ा कर दिया | Bewafa shayari for gf

    ByAdmin May 11, 2022

    ऐ सनम तूने क्यों प्यार ये बेवफ़ा कर दिया ( Ae sanam tune kyon pyar ye bewafa kar diya )     ऐ सनम तूने क्यों प्यार ये बेवफ़ा कर दिया! उम्रभर के लिए क्यों मुझे यूं जुदा कर दिया   बेवफ़ा से बहुत दिल ख़फ़ा है यहाँ इसलिए तोड़कर प्यार से ही भरा दिल…

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  • कवि सम्मेलन
    साहित्यिक गतिविधि

    हृदयांगन संस्था द्वारा हनुमान जन्मोत्सव पर आयोजित कवि सम्मेलन संपन्न

    ByAdmin May 10, 2022May 22, 2022

    17 अप्रैल को सायंकाल 7 बजे सुप्रसिद्ध संस्था हृदयांगन साहित्यिक सामाजिक सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संस्था (पंजीकृत) मुंबई द्वारा हनुमान जन्मोत्सव पर यादगार कवि सम्मेलन सम्मेलन आनलाइन संपन्न हुआ, जिसमे देश के कई प्रान्तों के कवियों ने अपनी उपस्थित दर्ज की। सर्वप्रथम मंच संचालक मुंबई से श्री उमेश चंद्र मिश्र प्रभाकर जी ने हनुमान जन्मोत्सव की…

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  • Ghazal yaad ki
    शेरो-शायरी

    याद की दिल में किसी की रोज़ ख़लिश है बहुत | Ghazal yaad ki

    ByAdmin May 10, 2022May 10, 2022

    याद की दिल में किसी की रोज़ ख़लिश है बहुत! ( Yaad ki dil mein kisi ki roz khalish hai bahut )     याद की दिल में किसी की रोज़ ख़लिश है बहुत! रोज़ जिसको ही भुलाने की की कोशिश है बहुत   वो बनेगा ही नहीं मेरा हक़ीक़त में कभी उठ रही दिल…

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  • Poem dev bhoomi ki sair
    कविताएँ

    देव भूमि की सैर | Poem dev bhoomi ki sair

    ByAdmin May 10, 2022May 10, 2022

    देव भूमि की सैर ( Dev bhoomi ki sair )   यूं ही नहीं बसती जिंदगानी यहां, यूं ही नहीं समाती बर्फ की आगोश में वादियां। यूं ही नहीं लुभाती सैलानियों को जन्नत की घाटियां। कुदरत भी सफेद चादर सी बिछा देता है उनके आगमन में, कुछ तो बात है मेरे उत्तराखंड में, कुछ तो…

    Read More देव भूमि की सैर | Poem dev bhoomi ki sairContinue

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