Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • Marwadi poem
    कविताएँ

    म्हारो गांव अलबेलो | Marwadi poem

    ByAdmin May 19, 2022

    म्हारो गांव अलबेलो ( Mharo gaon albelo )   ठंडी ठंडी भाळ चालै चालो म्हारा खेत म काकड़िया मतीरा खास्यां बैठ बालू रेत म   पगडंडी उबड़ खाबड़ थोड़ा सा मत हालज्यो गांव री गुवाड़ घूमो म्हारा चोपालां म चालज्यो   अलबेला है लोग अठै सगळो मस्तानो काम मस्ती में सगळा झूमै नाचै खेजड़ली री…

    Read More म्हारो गांव अलबेलो | Marwadi poemContinue

  • Bhajan Rakhware Ram Dulare
    कविताएँ

    रखवारे राम दुलारे | Bhajan Rakhware Ram Dulare

    ByAdmin May 18, 2022

    रखवारे राम दुलारे ( Rakhware Ram Dulare )     रखवारे रखवारे, हे हनुमत राम दुलारे। अंजनी के लाला आजा, आजा हनुमान प्यारे। रखवारे रखवारे -2   गिरि द्रोण संजीवनी लाए, लक्ष्मण प्राण बचाए। सिंधु पार सीता माता को, ले मुद्रिका दे आए। आग लगा पूंछ को सीधे, जला दिए घर द्वारे। दहक उठी लंका…

    Read More रखवारे राम दुलारे | Bhajan Rakhware Ram DulareContinue

  • Kavita Taj Mahal
    कविताएँ

    ताजमहल | Kavita Taj Mahal

    ByAdmin May 18, 2022

    ताजमहल ( Taj Mahal ) बेगम मुमताज की याद में ताजमहल बनवाया। शाहजहां बादशाह ने दुनिया को प्रेम दिखाया।   आगरा में आकर देखो संगमरमर का महल। कलाकृतियां बेमिसाल प्रसिद्ध हो गया शहर।   प्रेम का प्रतीक हो गया सुंदर सा ताजमहल। पर्यटक स्थल बना जवां दिलों का कौतूहल।   सुंदर से नजारे सारे महकती…

    Read More ताजमहल | Kavita Taj MahalContinue

  • Poem itna bhi mat shor machao
    कविताएँ

    इतना भी मत शोर मचाओ | Poem itna bhi mat shor machao

    ByAdmin May 18, 2022

    इतना भी मत शोर मचाओ ( Itna bhi mat shor machao )   इतना भी मत शोर मचाओ, शहरों में। सच दब कर रह जाये न यूँ, कहरों में।।   ये बातें ईमान धरम की होती हैं, वरना चोरी हो जाती है, पहरों में।।   गर आवाज न सुन पाओगे तुम दिल की, समझो तुम…

    Read More इतना भी मत शोर मचाओ | Poem itna bhi mat shor machaoContinue

  • Geet chale aao mere gaon mein
    कविताएँ

    चले आओ मेरे गांव में | Geet chale aao mere gaon mein

    ByAdmin May 17, 2022May 17, 2022

    चले आओ मेरे गांव में ( chale aao mere gaon mein )     ठंडी ठंडी मस्त बहारे मदमस्त बहती मेरे गांव में चौपालों पर लोग मिलते बरगद की ठंडी छांव में चले आओ मेरे गांव में   सुख दुख के हाल पूछे मिल दुख दर्द सब बांटते मिलजुल कर खेती करते मिलकर फसल काटते…

    Read More चले आओ मेरे गांव में | Geet chale aao mere gaon meinContinue

  • Poem khoj
    कविताएँ

    खोज | Poem khoj

    ByAdmin May 17, 2022October 27, 2022

    खोज ( Khoj )   जिस सूरत को खोजने,दर दर भटके पाँव । किन्तु नहीं पाया उसे,कहीं किसी भी ठाँव ।।   शहर गाँव में हरतरफ, देख लिया सबओर । जाने पहचाने सभी ,पाया ओर न छोर ।।   चहल पहल का हरजगह,था विस्तृत संसार । शायद कोई बता दे , मेरा वांछित द्वार ।।…

    Read More खोज | Poem khojContinue

  • शब्दों का सफर
    कविताएँ

    शब्दों का सफर | अहमियत

    ByAdmin May 17, 2022

    शब्दों का सफर ( Shabdon ka safar )   अहमियत अहमियत उनको दो जो सच खातिर लड़ सके बात कहने का हौसला हो सच्चाई पे अड़ सके सच कहता हूं साथ देकर कभी नहीं पछताओगे जान की परवाह ना करें जो कीर्तिमान गढ़ सके जवाब ईट का जवाब हम पत्थर से देना जानते हैं। मेहमां…

    Read More शब्दों का सफर | अहमियतContinue

  • marwadi fatkaro
    कविताएँ

    ताती ताती लूंवा चालै | मारवाड़ी फटकारो

    ByAdmin May 17, 2022

    ताती ताती लूंवा चालै     धोळै दोपारां लाय बरसै आंधड़लो छा ज्यावै है ताती ताती लूंवा चालै आग उगळती आवै है   बळै जेठ महीनो तातो सड़का तपरी होकै लाल पंछीड़ा तिसायां मररया डांडा होरया है बेहाल   मिनख घूमै छांया ढूंढतो पड़रयो तावड़ो बेशूमार आवै पसीनो खूब ठाडो चक्कर खावै कितणी बार  …

    Read More ताती ताती लूंवा चालै | मारवाड़ी फटकारोContinue

  • Ghazal nibhaye saath jo
    शेरो-शायरी

    निभाए साथ जो | Ghazal nibhaye saath jo

    ByAdmin May 16, 2022May 16, 2022

    निभाए साथ जो  ( Nibhaye saath jo )     निभाए साथ जो वो हम सफ़र ऐसा कहाँ मिलता वफ़ाओ का मगर ऐसा यारों  रस्ता कहाँ मिलता   निभाए जो  हमेशा दोस्ती मुझसे  वफ़ा बनकर मुझे कोई यहाँ ऐसा  मगर  चेहरा कहाँ मिलता   तन्हाई दूर हों जाये  यहाँ  तो जीस्त की मेरी कहीं भी…

    Read More निभाए साथ जो | Ghazal nibhaye saath joContinue

  • Kavita man ka vishwas
    कविताएँ

    मन का विश्वास | Kavita man ka vishwas

    ByAdmin May 16, 2022

    मन का विश्वास (  Man ka vishwas )   बवाल बड़ा होता बोले तो हंगामा खडा हो जाता सहता रहा दर्द ए दिल को कब वक्त बदल जाता   वो मुश्किलें आंधियां रोकना चाहे मेरे होसलो को अल मस्त रहा मै सदा खुद को बुलंदियों पे पाता   अड़चनो को रास ना आया राहों पे…

    Read More मन का विश्वास | Kavita man ka vishwasContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 600 601 602 603 604 … 834 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search