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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • braj bhoomi sahitya manch
    साहित्यिक गतिविधि

    ब्रजभूमि साहित्यिक मंच मथुरा पर श्रीपरशुराम जन्मोत्सव पर वीर रस की भव्य काव्य गोष्ठी

    ByAdmin May 4, 2022

    ब्रजभूमि साहित्यिक मंच मथुरा पर श्रीपरशुराम जन्मोत्सव पर वीर रस की भव्य काव्य गोष्ठी दि.०३/०५/२०२२ दिन मंगलवार को अक्षय तृतीया पर्व पर,ईद का त्यौहार भी मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आ.कुसुम सिंह “अविचल”जी कानपुर (उ.प्र.) तथा आ.सुवोध सुलभ जी टूण्डला-फिरोजाबाद(उ.प्र.) ने किया। मुख्य अतिथि आ.दिनेश व्यास “ललकार” जी चित्तौड़गढ़ (राज.) तथा संचालन ओज के सशक्त…

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  • Bal kavita
    बाल साहित्य

    बाल कविता | Bal kavita

    ByAdmin May 3, 2022November 14, 2023

    चिड़िया रानी ( Chidiya rani ) चिड़िया रानी हमारे घर पर आई सब बच्चों के मन में खुशियां लाई। दूब फूंस इकट्ठा कर बनाया घोंसला, देख घोंसला खुशियां अपार है लाई। छत के अन्दर डाल घास और तिनके सुन्दर सुन्दर बना दिया करी चतुराई। अण्डे देती दो तीन देख रहे थे नजरभर, हाथ लगा कर…

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  • Kavita koi mujhse rooth raha hai
    कविताएँ

    कोई मुझसे रूठ रहा है | Kavita koi mujhse rooth raha hai

    ByAdmin May 3, 2022

    कोई मुझसे रूठ रहा है ( Koi mujhse rooth raha hai )   कोई मुझसे रूठ रहा है वो प्रेम पुराना टूट रहा है। वक्त की कैसी आंधी आई कोई अपना छूट रहा है।   टांगे खींच रहे हैं मिलकर रिश्ता नाता टूट रहा है। सद्भावों की धारा में जहर नफरत का फूट रहा है।…

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  • Geet pathak tum kab aaoge
    कविताएँ

    पाठक तुम कब आओगे | Geet pathak tum kab aaoge

    ByAdmin May 3, 2022

    पाठक तुम कब आओगे ( Pathak tum kab aaoge )   पड़ी किताबें पूछ रही है पाठक तुम कब आओगे पुस्तकालय सूना लगता कब पुस्तक पढ़ पाओगे   कब होगी हाथों में पुस्तक पन्ने पलट पढ़ो जरा शब्द शब्द मोती संजोये पोथियों में ज्ञान भरा   आखर आखर पढ़ देखो किस्मत बदल पाओगे पुस्तकों से…

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  • Poem dekhiye jo jadon se
    कविताएँ

    देखिये जो जड़ों से | Poem dekhiye jo jadon se

    ByAdmin May 2, 2022

    देखिये जो जड़ों से ( Dekhiye jo jadon se )   पेड़ बस वो ही सारे, सूखे हैं। देखिये जो जड़ों से, रुखे हैं।।   कितना मायूस हो के लौटे हैं, जो परिंदे शहर से, छूटे हैं।।   उनको मालूम है हवा का असर, जिनके पर रास्तों में, टूटे हैं।।   मत लगा मुझ पर…

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  • Poem chaahat
    कविताएँ

    चाहत | Poem chaahat

    ByAdmin May 2, 2022May 2, 2022

    चाहत ( Chaahat )   हम हैं तेरे चाहने वाले, मन के भोले भाले। रखते है बस प्रेम हृदय में, प्रेम ही चाहने वाले।   माँगे ना अधिकार कोई,ना माँगे धन और दौलत। प्रेम के संग सम्मान चाहने, वाले हम मतवाले।   हम राधा के विरह गीत है, हम मीरा के भजनों में। हम शबरी…

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  • Geet pustakon ke peer
    कविताएँ

    पुस्तकों की पीर | Geet pustakon ke peer

    ByAdmin May 2, 2022

    पुस्तकों की पीर ( Pustakon ke peer )   कंप्यूटर क्या कहर ढा रहा मोबाइल मुस्काता है। अलमारी में पड़ी किताबों को बहुत धमकाता है। इतने सारे चैनल हुये पाठक सारे दर्शक हो गए। टीवी परोसता सीरियल पुस्तक प्रेमी कहीं खो गए। कलमकार लाइव चले ऑनलाइन हुआ चलन है। पुस्तकों का दम घुट रहा किताबे…

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  • Kavita bindu
    कविताएँ

    बिन्दु | Kavita bindu

    ByAdmin May 2, 2022

    बिन्दु ( Bindu )   ग्रह नक्षत्र योग कला विकला दिग्दिगन्त हैं। बिन्दु मे विलीन होते आदि और अंत हैं।। अण्डज पिण्डज स्वेदज उद्भिज्ज सृजाया है, बिंदु में नित रमण करें ब्रह्म जीव माया है। सकल महाद्वीप महासिंन्धु श्रृंग गर्त न्यारे, अपरिमित निराकार चिन्मय स्वरूप प्यारे।। त्रिगुणी प्रकृति ग्रीष्म शीत पावस बसंत हैं।। बिन्दु में०।।…

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  • Poem mujhko koi fikar nahi hai
    शेरो-शायरी

    मुझको कोई फ़िक्र नहीं है | Poem mujhko koi fikar nahi hai

    ByAdmin May 2, 2022

    मुझको कोई फ़िक्र नहीं है ( Mujhko koi fikar nahi hai )     मुझको कोई फ़िक्र नहीं है , रंजो गम से दूर हूँ नींदें  भी  हैं  कनीज  मेरी , मैं मस्ती में चूर हूँ   देखके मुझको , दुनिया वाले , हौले से मुस्काते हैं राज नहीं मैं जान सका , बदनाम हूँ…

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  • Kavita main majdoor hun
    कविताएँ

    मैं मजदूर हूं | Kavita main majdoor hun

    ByAdmin May 1, 2022

    मैं मजदूर हूं ( Main majdoor hun )   मैं मजदूर हूं ,मैं मजदूर हूं रोटी रोजी के खातिर घर से कितनी दूर हूं   मेहनत करना मेरा काम भाग्य में लिखा कहां आराम सेवाश्रम में चूर हूं ,मैं मजदूर हूं   पेट की भूख मिटाने को घर का काम चलाने को पैसे से मजबूर…

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