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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Poem abhi aur sadhna hoga
    कविताएँ

    अभी और सधना होगा | Poem abhi aur sadhna hoga

    ByAdmin April 25, 2022April 25, 2022

    अभी और सधना होगा ( Abhi aur sadhna hoga )   नहीं  साधना  पूरी  हुई है, अभी और  सधना होगा। अभी कहाँ कुंदन बन पाये, अभी और तपना होगा।।   अभी निशा का पहर शेष है, शेष अभी दिनकर आना अभी भाग्य में छिपा हुआ है, खिलना या मुरझा जाना अभी  और  कंटक  आना  है,…

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  • Essay in Hindi on urban pollution a crisis in India
    निबंध

    निबंध : भारत मे शहरी प्रदूषण एक संकट | Essay in Hindi on urban pollution a crisis in India

    ByAdmin April 25, 2022October 31, 2022

    निबंध : भारत मे शहरी प्रदूषण एक संकट ( Urban pollution a crisis in India : Essay in Hindi ) प्रस्तवना – आज पूरी दुनिया शहरी प्रदूषण की समस्या से परेशान है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के अनुसार लगभग 80% जनसंख्या शहरी आबादी के प्रदूषित हवा में सांस लेती है। यह समस्या निम्न…

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  • Poem hari ki maya
    कविताएँ

    हरि की माया | Poem hari ki maya

    ByAdmin April 25, 2022December 23, 2024

    हरि की माया ( Hari ki maya ) धुंध रहा ना बचा कोहरा,पर शक का साया गहरा है। अपनों पर विश्वास बचा ना,मन पे किसका पहरा हैं। बार बार उलझा रहता हैं, मन उसका हर आहट पे, जाने कब विश्वास को छल दे,संसय का पल गहरा है। मन स्थिर कैसे होगा जब, चौकन्ना हरदम रहते।…

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  • Poem na A/C na car
    कविताएँ

    मुझे ए .सी. न बंगला न कार चाहिए | Poem na A/C na car

    ByAdmin April 25, 2022

    मुझे ए .सी. न बंगला न कार चाहिए ( Mujhe A/C na bangla na car chahiye )     मुझे ए .सी. न बंगला न कार चाहिए,  दहेज में बीवी का बस प्यार चाहिए।    माता पिता सब का जो सम्मान करें पांव पुजी में  ऐसा  संस्कार  चाहिए।   कोई भूखा न जाए   मेरे   द्वार …

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  • Chhand milan ki chah
    कविताएँ

    मिलन की चाह | Chhand milan ki chah

    ByAdmin April 25, 2022

    मिलन की चाह ( Milan ki chah )   मनमीत आओ मेरे, मिलन की घड़ी आई। चाहत की शुभवेला, दौड़े चले आइए।   मौसम सुहाना आया, रूत ने ली अंगड़ाई। मिलन को प्रियतम, प्रेम गीत गाइए।   खुशबू ने डाला डेरा, महका दिल हमारा। लबों पे तराने प्यारे, मधुर सुनाइए।   दिल में उमंगे छाई,…

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  • Muktak Maa
    मुक्तक

    मुक्तक मां | Muktak Maa

    ByAdmin April 25, 2022December 3, 2022

    मुक्तक मां ( Muktak Maa)   मां की तरफ़ से सुन लो ये पैगाम आया है उसी पैग़ाम पर यारों हमारा नाम आया है, लिखूंगा मैं वतन ख़ातिर वतन पर जान दे दूंगा, वतन के ही हिफ़ाजत का मुझे ये काम आया है।   झूठ का मै दम दिखाना चाहता हूं, सबके दिल का गम…

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  • Poem oj bhari lalkar
    कविताएँ

    ओज भरी ललकार | Poem oj bhari lalkar

    ByAdmin April 24, 2022

    ओज भरी ललकार (Oj bhari lalkar )   ढूंढता रहा हूं सारी दुनिया क्या मेरा वजूद है। आग का दरिया दहकता धधकती बारूद है।   ओज भरी हुंकार कहूं या जलती हुई मशाल। देशभक्त मतवाला कह दो लेखक बेमिसाल।   लेखनी दीपक ले अंधकार मिटाया करता हूं। राष्ट्रधारा में रणवीरों के गीत गाया करता हूं।…

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  • Chhand jeth ki garmi
    छंद

    जेठ की गर्मी | Chhand jeth ki garmi

    ByAdmin April 24, 2022October 12, 2022

    जेठ की गर्मी ( Jeth ki garmi ) मनहरण घनाक्षरी     चिलचिलाती धूप में, अंगारे बरस रहे। जेठ की दुपहरी में, बाहर ना जाइये।   गर्मी से बेहाल सब, सूरज उगले आग। तप रही धरा सारी, खुद को बचाइये।   त्राहि-त्राहि मच रही, प्रचंड गर्मी की मार। नींबू पानी शरबत, सबको पिलाइये।   ठंडी…

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  • Poem jeete jee mar jana
    कविताएँ

    जीते जी मर जाना | Poem jeete jee mar jana

    ByAdmin April 24, 2022

    जीते जी मर जाना ( Jeete jee mar jana )   मजबूरियों में ना जीना साहस तो दिखलाना। जिंदगी के सफर में प्यारे एक मुकाम बनाना।   मेहनत के दम से बढ़ना हाथ ना फैलाना। मांगन मरण समान है जीते जी मर जाना।   सेवा संस्कार बड़े सबका आदर सत्कार करो। बड़ों की सेवा करके…

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  • Poem pustake gyan ka bhandar
    कविताएँ

    पुस्तके ज्ञान का भंडार | Poem pustake gyan ka bhandar

    ByAdmin April 24, 2022

    पुस्तके ज्ञान का भंडार ( Pustake gyan ka bhandar )   बुद्धि दायिनी पुस्तकें सन्मार्ग दिखलाती है। अथाह ज्ञान सागर है दिव्य ज्योत जगाती है।   प्रगति पथ को ले जाती सफलता दिलाती। कला कौशल हूनर मानव को सीखलाती।   ज्ञान गुणों की खान है ग्रंथों का सुंदर रूप। आलोकित जीवन हो मंजिल मिले सरूप।…

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