• रामनवमी | Ram navmi kavita

    रामनवमी ( Ram navmi )   रघु कुल में उत्पन्न दशरथ लाल राम कोशल्या की कोख से दशरथ लाल राम सनातन में शुभ दिवस नवमी राम जन्म अवध नगरी जगमग हुआ राम का जन्म घर में हर्ष अपार सजी आंगन रंगोली नगर में ख़ुशी छाई ढोल बजाता ढोली थाल भर मोतियों दासियां कर रही दान…

  • बाल अपराध | Kavita bal apradh

    बाल अपराध ( Bal apradh )   क्या लिखूं मैं उस मासूमियत के लिए , जिसे सुन हाथों से कलम छूट जाती है। हृदय मेरा सहम जाता है। उनकी चीखें गूंज रही मेरे इन कानों में क्योंकि हर बच्चे के अश्रु ये कहते हैं यूं ही नहीं होता कोई बच्चा बाल अपराध का शिकार, कुछ…

  • दर्द ए दास्तां | Hunkar ki dard -e- dastan

    दर्द – ए – दास्तां ( Dard -e- dastan )     1. दर्द – ए – दास्तां दर्द ए दास्तां लिख करके भी, दर्द बता ना पाया मैं। वो उलझा था अपने ग़म में, अपना कहाँ दिखाया मैं। दुनियादारी में उलझा वो, मेरा मन उलझा उसमे, बालसखा सी दर्द हमारी,दूर ना उससे जा पाया…

  • राम तेरी लीला न्यारी | Geet Ram Teri Leela Nyari

    राम तेरी लीला न्यारी ( Ram Teri Leela Nyari )   तिर जाते पत्थर पानी में, नाम की महिमा भारी है। राम तेरी लीला न्यारी है, राम तेरी लीला न्यारी है।   ताड़क वन ताड़का मारी, मर्यादा पुरुष अवतारी। लखन भरत शत्रुघ्न भ्राता, सीता जनकदुलारी।   दशरथ नंदन नयनतारे, माँ कौशल्या बलिहारी है। राम तेरी…

  • ऐ जिंदगी | Poem ai zindagi

    ऐ जिंदगी ( Ai zindagi )   ऐ जिंदगी… कुछ देर ठहर जा बैठ जा कुछ कह जा कुछ सुन जा वक्त का तकाज़ा है कभी तू गुम है कभी मैं…   हाँफती भागती सी तुझे छूने की होड़ में थकी मांदी सी सुस्ताने के बहाने ढूँढ तलाशती तुझको ही बोझिल कमज़ोर नज़रें मेरी ऐ…

  • शोहरतों का परचम | Poem shohraton ka parcham

    शोहरतों का परचम ( Shohraton ka parcham )   कीर्ति पताका यशस्वी हो जीवन संवार लीजिए। अपनापन अनमोल बांटकर सबको प्यार कीजिए।   शोहरतों का परचम लहरे शुभ काम हमारा हो। मुस्कानों के मोती सबको बहती नेह की धारा हो।   प्रीत बगिया खिल जाए सद्भावों से जी लीजिए। दिलों में चर्चा आपकी अहमियत सबको…

  • सुकून की जिंदगी | Chhand sukoon ki zindagi

    सुकून की जिंदगी ( Sukoon ki zindagi ) मनहरण घनाक्षरी   दो घड़ी पल सुहाने, सुकून से जीना जरा। गमों का भी दौरा आये, हंस हंस पीजिए।   सुख से जियो जिंदगी, चैन आए जीवन में। राहत भरी सांस ले, खूब मजा लीजिए।   भागदौड़ सब छोड़, होठों से मुस्कुराइये। सुकून की सांस मिले, जियो…

  • मानव धर्म | Ek laghu katha

    हर हर गंगे जय राधे कृष्ण आदि उच्चारणों के सत्तो मौसी हमेशा ही सब सुगह मन्दिर जाती उनकी पूजा टोकरी हमेशा ही सामग्री से भरी रहती वह अपनी पूजा की टोकरी का ध्यान से ज्यादा रखती कोई उनकी टोकरी के पास से भी जाये यह उन्हें मन्जूर नहीं था। खासकर वह छोटी वालो से हमेशा…

  • बेखबर जिंदगी | Kavita bekhabar zindagi

    बेखबर जिंदगी ( Bekhabar zindagi )   आंधी तूफां तम छाया है ईश्वर की कैसी माया है जाने क्या है होने वाला कैसा यह दौर आया है   धुआं धुआं हुई जिंदगी काले घने मेंघ छाए हैं रस्ता भूल रहा कोई बादल संकट के मंडराये हैं   मुश्किलों का दोर कठिन दिनोंदिन गहराता आया खुद…

  • चंद्रघंटा | Kavita chandraghanta

    चंद्रघंटा ( Chandraghanta )   नवशक्ति नव दुर्गा मां, चंद्रघंटा मस्तक सोहे। अभयदान देने वाली, चंद्र रूप अति सुंदर मोहे।   दस भुजधारी सिंह सवारी, दुष्टों का संहार करे। सबके संकट हरने वाली, काज सारे सिद्ध करें।   बुद्धि दात्री वैभव दाता, उर आनंद मोद भरे। शक्तिस्वरूपा मात भवानी, साधक रणविजय धरे।   चमका दे…