• राम तेरी लीला न्यारी | Geet Ram Teri Leela Nyari

    राम तेरी लीला न्यारी ( Ram Teri Leela Nyari )   तिर जाते पत्थर पानी में, नाम की महिमा भारी है। राम तेरी लीला न्यारी है, राम तेरी लीला न्यारी है।   ताड़क वन ताड़का मारी, मर्यादा पुरुष अवतारी। लखन भरत शत्रुघ्न भ्राता, सीता जनकदुलारी।   दशरथ नंदन नयनतारे, माँ कौशल्या बलिहारी है। राम तेरी…

  • ऐ जिंदगी | Poem ai zindagi

    ऐ जिंदगी ( Ai zindagi )   ऐ जिंदगी… कुछ देर ठहर जा बैठ जा कुछ कह जा कुछ सुन जा वक्त का तकाज़ा है कभी तू गुम है कभी मैं…   हाँफती भागती सी तुझे छूने की होड़ में थकी मांदी सी सुस्ताने के बहाने ढूँढ तलाशती तुझको ही बोझिल कमज़ोर नज़रें मेरी ऐ…

  • शोहरतों का परचम | Poem shohraton ka parcham

    शोहरतों का परचम ( Shohraton ka parcham )   कीर्ति पताका यशस्वी हो जीवन संवार लीजिए। अपनापन अनमोल बांटकर सबको प्यार कीजिए।   शोहरतों का परचम लहरे शुभ काम हमारा हो। मुस्कानों के मोती सबको बहती नेह की धारा हो।   प्रीत बगिया खिल जाए सद्भावों से जी लीजिए। दिलों में चर्चा आपकी अहमियत सबको…

  • सुकून की जिंदगी | Chhand sukoon ki zindagi

    सुकून की जिंदगी ( Sukoon ki zindagi ) मनहरण घनाक्षरी   दो घड़ी पल सुहाने, सुकून से जीना जरा। गमों का भी दौरा आये, हंस हंस पीजिए।   सुख से जियो जिंदगी, चैन आए जीवन में। राहत भरी सांस ले, खूब मजा लीजिए।   भागदौड़ सब छोड़, होठों से मुस्कुराइये। सुकून की सांस मिले, जियो…

  • मानव धर्म | Ek laghu katha

    हर हर गंगे जय राधे कृष्ण आदि उच्चारणों के सत्तो मौसी हमेशा ही सब सुगह मन्दिर जाती उनकी पूजा टोकरी हमेशा ही सामग्री से भरी रहती वह अपनी पूजा की टोकरी का ध्यान से ज्यादा रखती कोई उनकी टोकरी के पास से भी जाये यह उन्हें मन्जूर नहीं था। खासकर वह छोटी वालो से हमेशा…

  • बेखबर जिंदगी | Kavita bekhabar zindagi

    बेखबर जिंदगी ( Bekhabar zindagi )   आंधी तूफां तम छाया है ईश्वर की कैसी माया है जाने क्या है होने वाला कैसा यह दौर आया है   धुआं धुआं हुई जिंदगी काले घने मेंघ छाए हैं रस्ता भूल रहा कोई बादल संकट के मंडराये हैं   मुश्किलों का दोर कठिन दिनोंदिन गहराता आया खुद…

  • चंद्रघंटा | Kavita chandraghanta

    चंद्रघंटा ( Chandraghanta )   नवशक्ति नव दुर्गा मां, चंद्रघंटा मस्तक सोहे। अभयदान देने वाली, चंद्र रूप अति सुंदर मोहे।   दस भुजधारी सिंह सवारी, दुष्टों का संहार करे। सबके संकट हरने वाली, काज सारे सिद्ध करें।   बुद्धि दात्री वैभव दाता, उर आनंद मोद भरे। शक्तिस्वरूपा मात भवानी, साधक रणविजय धरे।   चमका दे…

  • कठपुतली | Kavita kathputli

    कठपुतली ( Kathputli)   ताल तलैया भरे हुए है, भरे है नयन हमार। आए ना क्यों प्रेम पथिक, लगता है भूले द्वार।   उमड घुमड़ कर मेघ घिरे है, डर लागे मोहे हाय। बरखा जल की बूंदें तन मे, प्रीत का आग लगाय।   बार बार करवट लेती हूँ,मन हर पल घबराये। आ जाओ इस…

  • बीज नियत करता है | Ghazal

    बीज नियत करता है  ( Beej niyat karta hai )     बीज नियत करता है जैसे, वृक्ष स्वभावऔर विस्तार! विगत कर्म निश्चय करते हैं वर्तमान जीवन आधार !   जिसका गत में सत्कर्मों का,अपना लेखा उचित रहा वह पा लेता अनायास ही,सुख सुविधाओं के आगार !   उसे जन्म से ही मिल जाते,सुख यश…

  • चामुण्डा बरस पड़ी | Hasya kavita

    चामुण्डा बरस पड़ी ( Hasya kavita )   बहुत बड़ा कवि नहीं हूं मामूली कलमकार हूं अंगारों की सड़क पर बहती ठंडी बयार हूं   कविता करते-करते श्रीमती ने मुझे रोका अनजाने में बिफरकर बार बार मुझे टोका   कविता में बाधा देख कर मुझे गुस्सा आ गया मैं श्रीमती को एक जोरदार तमाचा लगा…