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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Suneet Sood Grover Poetry
    शेरो-शायरी

    सुना है | Suneet Sood Grover Poetry

    ByAdmin March 28, 2022March 28, 2022

    सुना है ( Suna hai )   कभी कभी खंडहर भी बोल उठते हैं   वीराने भी खुद ब खुद सज जाते हैं   झींगुरों की ताल पर बेताल भी नाच उठतें हैं   सहरा में भी आब’शार मिल जाते हैं   कभी तो मुर्दा जिस्मों में बसती रूह भी कराह उठेगी   सोई ज़मीर…

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  • Ghazal Sehra ko
    शेरो-शायरी

    सहरा को गुलशनों का सिलसिला बना दिया | Ghazal

    ByAdmin March 28, 2022

    सहरा को गुलशनों का सिलसिला बना दिया ( Sehra ko gulshano ka silsila bana diya )     सहरा को गुलशनों का सिलसिला बना दिया ! कमजोरियों को उसने हौसला बना दिया !!   हर  दिल  में तरसती जमीं की प्यास बुझाने चाहत का और सुकून का दरिया बना दिया !!   कुछ ऐसा हर‌…

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  • kavita mehakti baharain
    कविताएँ

    महकती बहारें | kavita mehakti baharain

    ByAdmin March 28, 2022

    महकती बहारें ( Mehakti baharain )     फिजाओं में खुशबू फैली खिल गए चमन सारे। झूम-झूम लगे नाचने लो आई महकती बहारें।   वादियों में रौनक आई लबों पे मुस्कानें छाई। प्रीत भरे तराने उमड़े मस्त मस्त चली पुरवाई।   वृक्ष लताएं डाली डाली पत्ता पत्ता लहराने लगा। मस्त बहारें चली सुहानी दिल दीवाना…

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  • Chhoti hindi kahani
    कहानियां

    आज की कीमत | Chhoti hindi kahani

    ByAdmin March 28, 2022March 28, 2022

    आज की कीमत ( Aaj ki kimat )   एक व्यक्ति था। बड़ा ही गरीब। दीन हीन।सब तरफ से दुखों से घिरा हुआ। एक रात वह सोया हुआ था कि सपने में उसने देखा कि वह भगवान के दरबार मे पहुंच गया है। दरबार सजा हुआ है। भगवान एक बहुत ही भव्य सिंहासन में आलीशान…

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  • Bhagat singh par kavita
    कविताएँ

    शहीदे आजम भगत सिंह | Bhagat Singh par kavita

    ByAdmin March 27, 2022December 7, 2022

    शहीदे आजम भगत सिंह ( Shaheed-E-Azam Bhagat Singh )     राजगुरु सुखदेव भगतसिंह हमको आजाद चाहिए वतनपरस्ती दिलों में जोशीले जज्बात चाहिए   भारत मां को वीर सपूत धरा को बलिदान चाहिए आजादी का दीवाना हमें भगतसिंह जवान चाहिए   सरजमी पर मिटने वालों का दौर फिर लाना होगा वतन की पुकार फिर से…

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  • Essay Criminalization of politics a threat to Indian democracy
    निबंध

    निबंध – राजनीति का अपराधीकरण भारतीय लोकतंत्र के लिए एक खतरा

    ByAdmin March 27, 2022October 31, 2022

    राजनीति का अपराधीकरण भारतीय लोकतंत्र के लिए एक खतरा : निबंध ( Criminalization of politics a threat to Indian democracy : Essay in HIndi)   देश की राजनीति को स्वच्छ बनाने का अभियान तभी सफल बन सकता है जब हमारे राजनीतिक दल दागदार लोगों को चुनाव में प्रत्याशी के रूप में न उतारे। यह तभी…

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  • Geet chukar mere man ko
    कविताएँ

    छूकर मेरे मन को | Geet chukar mere man ko

    ByAdmin March 27, 2022December 11, 2022

    छूकर मेरे मन को ( Chukar mere man ko )   छूकर मेरे मन को हलचल मचा दी रे। आया सुहाना मंजर  प्रीत जगा  दी रे।   भावों का भंवर उमड़ा गीत तेरे प्यार के। मीठे मीठे शब्द सुरीले प्रेम के इजहार के।   खुशियों के खजाने खुले दिल के बजे तार। संगीत साज सजे…

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  • Rajasthani geet
    कविताएँ

    पधारो प्यारा राजस्थान | Rajasthani geet

    ByAdmin March 27, 2022

    पधारो प्यारा राजस्थान ( Padharo pyara rajasthan )   थानै पलकां प बिठाल्यां, थानै हिवड़ा म बसाल्यां। थारी घणी करां मनुवार, पधारो म्हारा राजस्थान। पधारो प्यारा राजस्थान, रंगीलो म्हारो राजस्थान।   रणवीरां री धाक घणीं, तलवारा रो गुमान घणो। राणा प्रताप री यशगाथा, माटी रो गौरवगाण घणो। मोतीड़ा मीठी बोल्यां रा, हेत बरसै हिवड़ै माही।…

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  • Hunkar ki kavitayen
    कविताएँ

    हुंकार की कवितायेँ | Hunkar ki Kavitayen

    ByAdmin March 26, 2022December 21, 2024

    हुंकार की कवितायेँ 23. रिश्ते बहुत मजबूत रिश्ते थे, कि कुछ कमजोर लोगो से। निभाते तो भला कैसे, कि कुछ मजबूर लोगो से। कशक थी दिल मे जो मेरे ,बताते तो भला कैसे। बडे बेबस थे हम जुड के, कुछ मशहूर लोगो से। बडे ही सख्त लहजे मे, हमे इल्जाम दे कर के। मोहब्बत को…

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  • Aaj wo inquilab
    कविताएँ

    आज वो इंकलाब लिख दूँगा | Ghazal

    ByAdmin March 26, 2022

    आज वो इंकलाब लिख दूँगा! ( Aaj wo inquilab likh dunga )     आज वो इंकलाब लिख दूँगा! हर अदू का हिसाब लिख दूँगा   हो  महक हर पन्ने उसी की ही ख़ून से वो  क़िताब लिख दूँगा   साथ जो पल उसके  बिताए है हर किस्सा लाज़वाब लिख दूँगा   शक्ल से जो…

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