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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Kavita mehngai
    कविताएँ

    महंगाई | Kavita mehngai

    ByAdmin March 25, 2022

    महंगाई ( Mehngai )   महंगाई ने पांव पसारे कमर तोड़ दी जनता की सुरसा सी विस्तार कर रही बढ़ रही दानवता सी   आटा दाल आसमान छूते भुगत रहे तंगहाली को निर्धन का रखवाला राम जो सह रहे बदहाली को   दो जून की रोटी को भागदौड़ भारी-भरकम होती स्वप्न सलोने सारे धराशाई मजबूरियां…

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  • न दिल के छेड़ तू | Romantic love ghazal
    शेरो-शायरी

    न दिल के छेड़ तू | Romantic love ghazal

    ByAdmin March 25, 2022

    न दिल के छेड़ तू ( Na dil ke chhed tu )     न दिल के छेड़ तू नग्मात प्यारे ! समझ दिल के मगर ज़ज्बात प्यारे   यहाँ तो बारिशें बरसी नफ़रत की हुई कब प्यार की बरसात प्यारे   नहीं आना यहाँ तू गांव में ही नहीं अच्छे यहाँ हालात प्यारे  …

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  • Geet man ke nayan hajaar
    कविताएँ

    मन के नयन हजार | Geet man ke nayan hajaar

    ByAdmin March 24, 2022

    मन के नयन हजार ( Man ke nayan hajaar )   चंचल मन ले रहा हिलोरे, उमड़े भाव विचार। मन की अखियां खोलिए, मन के नयन हजार। मन के नयन हजार,मन के नयन हजार।   निर्मल मन में बह रही, भाव भरी रसधार। चंचल चितवन उठ रही, उमंगों की भरमार। प्रेम भरे मोती लिए, मन…

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  • Poem sheetla mata
    कविताएँ

    शीतला माता | Poem sheetla mata

    ByAdmin March 24, 2022

    शीतला माता ( Sheetla Mata )   शीतलता दात्री शीतला, शीतल करे हरे सब पीरा। जा पर कृपा करें माँ भवानी सहाय करे रघुवीरा।   गर्दभ हो विराजित माता, कलश मर्जनी कर सोहे। ठंडा बासी आपको भाता, श्वेतांबर माता मन मोहे।   चेचक रोग नाशिनी मैया, पीत ज्वर हर संताप हरे। आरोग्य  सुखदाता  माता,  हर्ष …

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  • Nazron ka dhokha
    कविताएँ

    नजरों का धोखा | Doha nazron ka dhokha

    ByAdmin March 23, 2022

    नजरों का धोखा ( Nazron ka dhokha )   नजरें  धोखा  खा  गई, कैसी  चली  बयार। अपनापन भी खो गया, गायब सब संस्कार।   नजरों का धोखा हुआ, चकाचौंध सब देख। भूल गए प्रीत पुरानी, खोया ज्ञान विवेक।   नजरों का धोखा हमें, पग पग मिला अपार। धूल  झोंके  नयनों  में, वादों  की  भरमार।  …

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  • Poem chakra sudarshan dhari
    कविताएँ

    चक्र सुदर्शन धारी | Poem chakra sudarshan dhari

    ByAdmin March 23, 2022

    चक्र सुदर्शन धारी ( Chakra sudarshan dhari )   चक्र सुदर्शन धारी केशव लीला अपरंपार तेरी मंझधार में डूबी नैया आकर करना पार मेरी   मुरली मोहन माधव तेरी मधुर मनोहर शान है सकल चराचर के रखवाले जन करे गुणगान है   संकट मोचन मोहिनी मूरत मुरली अधर सुहानी कृष्ण कन्हैया दीनदयाला भजन करते सुरज्ञानी…

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  • Poem tukadon mei bati zindagi
    कविताएँ

    टुकड़ों में बटी ज़िंदगी | Poem tukadon mei bati zindagi

    ByAdmin March 23, 2022

    टुकड़ों में बटी ज़िंदगी ( Tukadon mein bati zindagi )   टुकड़ों में बटी ज़िंदगी जोड़ूँ कैसे सुलझाती इस ज़िंदगी को उलझ जाती हूँ कभी मैं सुलझाऊँ ‘गर खुद को तो उलझ कर रह जाये ज़िंदगी टुकड़ों का कोना तुड़ा मुड़ा जुड़े न इक दूजे से मसला – ए – ज़ीस्त हल करते करते खुद…

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  • "होली के रंग भोजपुरी के संग" काव्यमय होली मिलनोत्सव
    साहित्यिक गतिविधि

    “होली के रंग भोजपुरी के संग” काव्यमय होली मिलनोत्सव

    ByAdmin March 22, 2022

    “होली के रंग भोजपुरी के संग” काव्यमय होली मिलनोत्सव होली और ‘अंतरराष्ट्रीय खुशी दिवस’ के पावन पर्व का स्वागत करने के लिए “अंतरराष्ट्रीय साहित्य संगम” (साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था) की ओर से 20 मार्च, रविवार को सायं 5 बजे से एक काव्यमय होली मिलनोत्सव का आयोजन किया गया। विश्व स्तर पर भोजपुरी की महत्ता को…

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  • Essay in Hindi on Sustainable Development Goals and India
    निबंध

    निबंध : सतत विकास का लक्ष्य और भारत | Essay in Hindi on Sustainable Development Goals and India

    ByAdmin March 22, 2022October 31, 2022

    निबंध : सतत विकास का लक्ष्य और भारत ( Sustainable Development Goals and India : Essay in Hindi ) प्रस्तावना – सतत विकास सिद्धांत का संबंध एक ऐसे विचार से हैं जो हमारी भावी पीढ़ी की अपनी जरूरतों को पूरा करने की योग्यता को प्रभावित करें बिना वर्तमान समय की आवश्यकता को पूरा करता है।…

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  • Poem on sparrow in Hindi
    कविताएँ

    गोरैया | Poem on sparrow in Hindi

    ByAdmin March 22, 2022

    गोरैया ( Goraya )   चहचहाती गोरैया फुदकती सबके मन को हर्षाती रंग बिरंगी डाल डाल पे जब पंख पसारे उड़ जाती   नील गगन में उड़ाने भर छत पर आकर बैठती सुंदर सी मनभावन लगती मीठी-मीठी चहकती   रौनक आ जाती घर में सब गौरैया को डाले दाना फूरर फूरर उड़ना फिर आकर घर…

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