Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • Man Pawan Ki Nauka Book Review
    पुस्तक समीक्षा

    भारतीय संस्कृति के तत्कालीन वैभव और विस्तार को प्रमाणित करती है “मन पवन की नौका”

    ByAdmin March 21, 2022

    भारतीय संस्कृति के तत्कालीन वैभव और विस्तार को प्रमाणित करती है “मन पवन की नौका” ( Man Pawan Ki Nauka : Book Review )   कुबेरनाथ राय द्वारा रचित ललित निबंध संग्रह का शीर्षक “मन पवन की नौका” सार्थक सिद्ध होता जान पड़ता है।पुस्तक के सम्पूर्ण दस निबंधों में रचनाकार अपने मन की गति से…

    Read More भारतीय संस्कृति के तत्कालीन वैभव और विस्तार को प्रमाणित करती है “मन पवन की नौका”Continue

  • Holi ne aakar kar dala
    कविताएँ

    होली ने आकर कर डाला | Ghazal

    ByAdmin March 20, 2022

    होली ने आकर कर डाला ( Holi ne aakar kar dala )     होली ने आकर कर डाला,सब कुछ गड़बड़ घोटाला है !  चेहरों के अंदर का चेहरा, धो-धो कर नया निकाला है !!    जो गले मिला  आकर उसने, कर डाला  खूब हरा नीला  यदिअधिकप्यारउमड़ातोफिर,करदियापकड़मुंहकालाहै !!    घर के पीछे कीगलियों से,छुप-छुपकर भागोगे…

    Read More होली ने आकर कर डाला | GhazalContinue

  • Poem aao jalaye nafrat ki holi
    कविताएँ

    आओ जलाएं नफरत की होली | Holi Shayari 2023 in Hindi

    ByAdmin March 20, 2022March 7, 2023

    आओ जलाएं नफरत की होली ( Aao jalaye nafrat ki holi )     सद्भावों की लेकर बहारें, रंगों की हो फुहार। भाई भाई में प्रेम सलोना, बरसे मधुर बयार।   आओ जलाए नफरत की होली, मनाये त्योहार। खुशियों के हम रंग बिखेरे, उमड़े दिलों में प्यार।   हंसी खुशी सबको बांटे, गीत सुहाने गाये।…

    Read More आओ जलाएं नफरत की होली | Holi Shayari 2023 in HindiContinue

  • Ghazal wafa kar chale
    शेरो-शायरी

    किसी से यहाँ हम वफ़ा कर चले | Ghazal wafa kar chale

    ByAdmin March 20, 2022

    किसी से यहाँ हम वफ़ा कर चले ( Kisi se yahan hum wafa kar chale )     किसी से यहाँ हम वफ़ा कर चले वफ़ा प्यार की हम सदा कर चले   चले फ़ासिली फेरकर रोज़ मुंह वही कल निगाहें मिला कर चले   छुड़ाकर मगर हाथ मुझसे वही मुझे आज वो ही रुला…

    Read More किसी से यहाँ हम वफ़ा कर चले | Ghazal wafa kar chaleContinue

  • Poem darakht ka dard
    कविताएँ

    दरख़्त का दर्द | Poem darakht ka dard

    ByAdmin March 19, 2022

    दरख़्त का दर्द ( Darakht ka dard )   मैंने पूछा पेड़ प्यारे तुम हमें शीतल छाया देते हो प्राणवायु जीवनदायिनी जीवन रक्षा कर लेते हो   बोला पेड़ पीढ़ियों से हम परोपकार करते आए दर्द सहा जाने कितना किंतु बोल नहीं हम पाए   अंधाधुंध कटाई कर दी नर को लालच ने मारा है…

    Read More दरख़्त का दर्द | Poem darakht ka dardContinue

  • Laghu Natika
    नाटक

    टीन का चश्मा | लघु नाटिका

    ByAdmin March 19, 2022

    टीन का चश्मा ( Laghu Natika ) ( पति कुर्सी पर बैठे किताब पढ़ रहे हैं , पत्नि चाय लेकर आती है , चाय रखकर साड़ी के पल्लू से पसीना पोंछते हुए कुर्सी पर बैठती है ) पति – ( किताब में नज़र गड़ाए चाय का कप उठाते हुए ) कितना लिया ? पत्नि –…

    Read More टीन का चश्मा | लघु नाटिकाContinue

  • Poem bete ka farz
    कविताएँ

    बेटे का फर्ज | Poem bete ka farz

    ByAdmin March 19, 2022

    बेटे का फर्ज ( Bete ka farz )   मां-बाप तीर्थ समान श्रद्धा से सेवा पूरी कीजिए पाल पोसकर योग्य बनाया दुख ना कभी दीजिए   बुढ़ापे की लाठी बन बेटे का फर्ज निभा लेना आशीषों से झोली भर पुण्य जरा कमा लेना   श्रवणकुमार सुकुमार पुत्र लेकर अंधे मां-बाप चारों धाम तीर्थ कराया सह…

    Read More बेटे का फर्ज | Poem bete ka farzContinue

  • Poem paschatap
    कविताएँ

    पश्चाताप | Poem paschatap

    ByAdmin March 19, 2022

    पश्चाताप ( Paschatap )   पश्चाताप सम्राट अशोक किया, कलिंग युद्ध बाद। भीषण नरसंहार हुआ, उन्नति मूल्य हो गये बर्बाद।   राम को बनवास भेज, दशरथ ने किया परिताप। राम राम रटते मर गए, हुआ पुत्र वियोग संताप।   पछतावा फिर होता जब, चिड़िया चुग जाये खेत। सोना उगले धरती मांँ, मोती निपजे ठंडी बालू…

    Read More पश्चाताप | Poem paschatapContinue

  • Kavita piya sang kheli holi
    कविताएँ

    पिया संग खेली होली | Kavita piya sang kheli holi

    ByAdmin March 19, 2022

    पिया संग खेली होली ( Piya sang kheli holi )   भंग जब हमने पीली थी पिया संग खेली होली थी मस्ती में झूम गए सारे भीगी रंग में चूनर चोली थी तन-मन सारो हर्षायो रे रंगीलो फागुन आयो रे   बलम पिचकारी ले आयो खुशी को रंग मन छायो गाल पर रंग गुलाल लगायो…

    Read More पिया संग खेली होली | Kavita piya sang kheli holiContinue

  • Holi poetry
    शेरो-शायरी

    प्यारी होली | Holi poetry

    ByAdmin March 18, 2022March 7, 2023

    होली ( Holi )   रंगों से फिर भीगी होली उल्फ़त लेकर आयी होली   सब मिल जुलकर जिसको खेलें वो ही यारो प्यारी होली   झूम उठे हैं दिल खुशियों से जब भी देखो आती होली   आओ मिल ले इस होली में किसने देखी अगली होली   हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई है लोगों…

    Read More प्यारी होली | Holi poetryContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 621 622 623 624 625 … 836 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search