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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Holi kavita 2022
    कविताएँ

    होली खेलां श्याम फागणियो आयो | Holi Geet Rajsthani 2023

    ByAdmin March 12, 2022March 5, 2023

    होली खेलां श्याम फागणियो आयो ( Holi khelan shyam fagniyo aayo )   आओ प्यारा घनश्याम खेलंगा होळी फागण मं भर ल्याओ पिचकारी रंगा की थोड़ी फागण में   मस्तानों फागण आयो, मोहन मीठी तान सुणायो। गीत धमालां गावे रसिया, रंग खुशी को छायो।   राधा झुमै कान्हो झूमै, दुनिया नाचै आंगणं मं। आओ गोरी…

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  • Ghazal chaman mein
    कविताएँ

    चमन में खूबसूरत गुल कोई जब मुस्कुराता है | Ghazal chaman mein

    ByAdmin March 12, 2022

    चमन में खूबसूरत गुल कोई जब मुस्कुराता है ( Chaman mein khoobsurat gul koi jab muskurata hai )   चमन में खूबसूरत गुल कोई जब मुस्कुराता है ! मुझे उनका हसीं चेहरा सुहाना याद आता है !!   थीं आंखों में मेरी जिंदा बहारें उनकी सूरत में बना दिल मेरा उनका था निशाना यादआता है…

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  • Hunkar kavita
    कविताएँ

    हुंकार | Hunkar kavita

    ByAdmin March 12, 2022March 12, 2022

    हुंकार ( Hunkar )   मातृभूमि  से ब ढ़कर कोई, बात नही होती हैं। हम हिन्दू हैं हिन्दू की कोई, जाति नही होती हैं।   संगम तट पर ढूंढ के देखो, छठ पूजा के घाटों पे, हर हिन्दू में राम मिलेगे,चाहे चौखट या चौबारो पे।   गंगा  गाय  राम  तुलसी  बिन, बात  नही होती है।…

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  • Dhokha kavita
    कविताएँ

    धोखा | Dhokha kavita

    ByAdmin March 12, 2022

    धोखा ( Dhokha )   दे गये धोखा मुझे वो, बीच राह में छोड़कर। प्रीत का रस्ता दिखा, चले गए मुंह मोड़कर।   महकती वादियां सारी, फूल भी सारे शर्माने लगे। उनकी बेरुखी को हमें, अक्सर यूं बतलाने लगे।   मन में उठती लहरें सारी, अब हो चली उदास सी। कल तक वो बातें मीठी,…

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  • Chand mein chand
    कविताएँ

    चांद में चांद | Chand Kavita

    ByAdmin March 12, 2022July 27, 2023

    चांद में चांद  ( Chand mein chand )   दोषारोपण चाँद को स्वयं बनी चकोर है अवसर की तलाश में ताकति चहुओर है   प्रियतम रिझाने को सजने-संवरने लगी आभा लखि आपनी हुई आत्मविभोर है।   पायजेब की घुघरू छनकाती छन-छन चूड़ियाँ कलाईयों की खनक बेजोर है।   बिंदिया ललाट की चमकती सितारों सी गुलाबी…

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  • Kashmir par kavita
    कविताएँ

    दहकता कश्मीर | Kashmir par kavita

    ByAdmin March 11, 2022

    दहकता कश्मीर ( Dahakata kashmir )   कभी फूलों का गुलशन था,दहकता आग बन गया। कभी धरती का जन्नत था, जो अब विरान बन गया।   कभी वो साज फूलों का, लो अब श्मशान बन गया। जो बसता है मेरे दिल में, वो नश्ल ए खास बन गया।   वो घाटी देवदारों की, जहां केसर…

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  • Kavita kalamkar mastana
    कविताएँ

    कलमकार मस्ताना | Kavita kalamkar mastana

    ByAdmin March 11, 2022

    कलमकार मस्ताना ( Kalamkar mastana )   मैं देशप्रेम दीवाना हूं मैं कलमकार मस्ताना हूं रंगों की लेकर छटा गीतों का मधुर तराना हूं   केसरिया ले निकला माटी का तिलक किया मैंने देशप्रेम में झूम पड़ा मैं कागज कलम मेरे गहने   सद्भावौ की धारा में जब गीत सुहाने गाता हूं राष्ट्रधारा अलख जगाते…

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  • Kavita parikalpana
    कविताएँ

    परिकल्पना | Kavita parikalpana

    ByAdmin March 11, 2022

    परिकल्पना ( Parikalpana )   बाइस  में  योगी आए हैं, चौबीस में मोदी आएगे। भारत फिर हो विश्व गुरू,हम ऐसा अलख जगाएगे।   सदियों की अभिलाषा हैं, हर मन में दीप जगाएगे, हूंक नही हुंकार लिए हम, भगवा ध्वज लहराएगे।   सुप्त हो रहे हिन्दू मन में, फिर से रिद्धम जगाएगे। जाति पंथ का भेद…

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  • Poem on maa
    शेरो-शायरी

    जिंदगी की ही हर ख़ुशी है मां | Poem on maa

    ByAdmin March 10, 2022

    जिंदगी की ही हर ख़ुशी है मां ! ( Zindagi ki har khushi hai maa )     आपसे दूर जब से गया हूँ मैं आ रही याद आपकी है मां   किस तरह आपकी दवा लूं मैं ख़ूब घर में ही मुफ़लिसी है मां   आपकी बात याद है दिल में राह सच की…

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  • Yahan wahan bikhre pannon per
    कविताएँ

    यहाँ वहाँ बिखरे पन्नों पर | Hunkar poetry

    ByAdmin March 9, 2022

    यहाँ वहाँ बिखरे पन्नों पर ( Yahan wahan bikhre pannon per )   1. यहाँ वहाँ बिखरे पन्नों पर, नाम लिखा हैं मेरा। धुधंली सी यादों में शायद, नाम लिखा हैं तेरा। शब्द शब्द को जोड़ रहा हूँ, मन मंथन बाकी है, याद नही कि कौन था दिल पे,नाम लिख दिया तेरा।   2. उड़ा…

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