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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Rochak kahani
    कहानियां

    बेबफाई का दर्द | Rochak kahani

    ByAdmin March 9, 2022March 9, 2022

    बाबुजी, क्या आप मेरी कहानी मैगजीन में छपवा देगें? तभी मेरे कानों में ये आवाज आयी। मैने चौंक कर चारो तरफ देखा, सामने मेहदी की बाड़ के पास एक सहमी सी लड़की खड़ी थी, वो बड़ी हसरतों से मेरी तरफ देख रही थी। उसकी बड़ी-बड़ी झील सी आँखें मानो मूक भाषा में मुझसे कुछ कह…

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  • Kavita nari
    कविताएँ

    नारी है अभिमान | Nari par dohe

    ByAdmin March 9, 2022March 9, 2022

    नारी है अभिमान ( Naari hai abhimaan )   नारायण की शक्ति का, नारी है अभिमान ! नारी है साक्षात इस, प्रकृति का अभियान !!   नारी का तप ही करे , पंच तत्व आव्हान कर प्राणों की सर्जना, जीवन का संधान !!   प्रकृति का साकार है , नारी ही उपमान उसमें होते समादृत,…

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  • Kavi Sammelan held on the eve of Women's Day
    साहित्यिक गतिविधि

    महिला दिवस की पूर्व संध्या पर हुआ विशाल कवि सम्मेलन

    ByAdmin March 8, 2022

    नवलगढ़, कस्बे में स्थित अंगिरा गेस्ट हाऊस में महिला दिवस की पूर्व संध्या को विशाल हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया । कवि सम्मेलन से पूर्व विशाल साहित्य सम्मेलन हुआ। जिसमें देश की 51 कवयित्रियों ने भाग लिया, कार्यक्रम संयोजक मुकेश मारवाड़ी एवं आयोजक रमाकान्त सोनी ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुवात कवि श्रीकांत…

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  • Poem on nari
    कविताएँ

    नारी | Poem on nari

    ByAdmin March 8, 2022

    नारी ( Nari )   घर सुघर होता है जिससे पल्लवित है प्रकृति सारी। जन्मदात्री  होकर  अबला ही कही जाती बेचारी।। सूर्य चांद  सितारे ग्रह  नक्षत्र  सब  जन्मे हुये हैं। थे  अदृश्य  जीव  सारे  नारी  से  तन में हुये है। ब्रह्मा  विष्णु  महेश  नारी  साधना  में रत रहे हैं। जगत की अम्बा है नारी आगम…

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  • Role of women in society Hindi essay
    निबंध

    निबंध – महिलाओं की समाज मे भूमिका | Essay in Hindi on role of women in society

    ByAdmin March 8, 2022November 1, 2022

    निबंध – महिलाओं की समाज मे भूमिका ( Role of women in society : Hindi essay)   प्रस्तावना – हमारे समाज में महिलाएं जन्म से लेकर अपनी मृत्यु तक अपने सम्पूर्ण जीवन मे कई किरदार निभाती हैं। वह अपने सभी किरदारों में अपने कर्तव्य को बखूबी निभाने के लिए जानी जाती हैं। आज के आधुनिक…

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  • Kavita main aurat hoon
    कविताएँ

    मैं औरत हूँ | Kavita main aurat hoon

    ByAdmin March 7, 2022

    मैं औरत हूँ ( Main aurat hoon )   मैं औरत हूँ मैं नारी हूँ मैं न चाहूँ मंदिरों में ग्रंथों में मैं पूजी जाऊँ   मैं तो बस इतना चाहूँ दिलों में सबके मैं बस जाऊँ   माधुर्य, ममता की मूरत कहलाऊँ धरती समान ‘गर जननी हूँ तो उसकी तरह न मैं रौंधी जाऊँ…

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  • 51 कवयित्रियों का सम्मान
    साहित्यिक गतिविधि

    अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व दिवस पर हुआ 51 कवयित्रियों का सम्मान

    ByAdmin March 7, 2022March 7, 2022

    नवलगढ़ – कस्बे में स्थित अंगिरा सेवा समिति के विशाल सभागार में राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था शब्दाक्षर शाखा झुंझुनू, राष्ट्रीय कवि चौपाल प्रकाशन, एवं राईज समूह के संयुक्त तत्वावधान से देश के विभिन्न क्षेत्रों से पधारी 51 कवयित्रियों का सम्मान हुआ । सम्मान समारोह में केरल, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, पश्चिमी बंगाल, गुजरात, कर्नाटक, बिहार, उत्तराखण्ड, महाराष्ट्र सहित…

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  • Kavita Ishwar Ki Marzi
    कविताएँ

    ईश्वर की मर्जी | Kavita Ishwar Ki Marzi

    ByAdmin March 7, 2022March 6, 2024

    ईश्वर की मर्जी ( Ishwar Ki Marzi )     ईश्वर  की  मर्जी  के आगे, कहाँ  किसी  की चलती है। विधि मिटे ना भाग्य बदलता, होनी  तो होकर रहती हैं।   सीता हरण हुआ राघव का,वधू वियोग पहले से तय था, दश आनन को मारा जाना, राम के हाथों ही निश्चय था।   श्रवण मरे…

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  • Ghazal mehak
    शेरो-शायरी

    आज वो इंकलाब लिख दूँगा | Ghazal Aaj Wo Inqalab Likh Dunga

    ByAdmin March 7, 2022January 29, 2023

    आज वो इंकलाब लिख दूँगा! ( Aaj wo inqalab likh dunga)     आज वो इंकलाब लिख दूँगा! हर अदू का हिसाब लिख दूँगा   हो महक हर पन्ने उसी की ही ख़ून से वो  क़िताब लिख दूँगा   साथ जो पल उसके  बिताए है हर किस्सा लाज़वाब लिख दूँगा   शक्ल से जो कभी…

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  • Poem phoolon se komal nari
    कविताएँ

    फूलों सी कोमल नारी | Poem nari

    ByAdmin March 6, 2022March 6, 2022

    फूलों सी कोमल नारी ( Phoolon se komal nari ) अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की विशेष प्रस्तुति     सोनू!फूलों सी मासूम हो फूलों में सिक्त शबनम की बूंदे हो देखूँ तुम्हें जी भरके भी जी भरता नहीं बस तेरी तस्वीरों को ही देखता रहता हूँ     पूरी कायनात जैसी हो तुम तुम्हें देख खुदा…

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