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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • sahitya kirti
    साहित्यिक गतिविधि

    मध्यप्रदेश की छः बोलियों के साहित्यिक कृति पुरस्कार वर्ष 2018 एवं 2019 के पुरस्कारों की घोषणा

    ByAdmin January 26, 2022

    भोपाल। साहित्य अकादमी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद्, मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग, भोपाल द्वारा कैलेण्डर वर्ष 2018 एवं 2019 के मध्यप्रदेश की छः बोलियों के साहित्यिक कृति पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। प्रति पुरस्कार रुपये 51,000/- (रुपये इक्यावन हजार) दिया जाता है। वर्ष 2018 हेतु- (1)- ‘मालवी’ के लिए संत पीपा स्मृति पुरस्कार श्रीमती हेमलता शर्मा-इंदौर,…

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  • Aparajit yayavar hoon main
    कविताएँ

    अपराजित यायावर हूँ मै | Kavita

    ByAdmin January 25, 2022February 22, 2022

    अपराजित यायावर हूँ मै ( Aparajit yayavar hoon main )   1. अपराजित यायावर हूँ मै, जिसे चाह नही है मंजिल की। सारी दुनिया ही अपनी है, जहाँ रूका वही है मंजिल सी।   2. जितना मैं चाहता, उतना ही दूर तू जाती। लम्हा लम्हा खत्म होकर के खड़ी मुस्काती। वाह रे जिन्दगी….. भरोसा तेरा…

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  • Kavita veeron ka shahar jhunjhunu
    कविताएँ

    वीरों का शहर झुंझुनू | Kavita veeron ka shahar jhunjhunu

    ByAdmin January 25, 2022January 25, 2022

    वीरों का शहर झुंझुनू ( Veeron ka shahar jhunjhunu )   बलिदानों की परिपाटी में जिला झुंझुनू प्यारा है देश सेवा को आगे रहता दमकता एक सितारा है   मरुभूमि का शहर पुरातन अरावली की पर्वतमाला हरी-भरी सुंदर घाटियां मनोरम दृश्य बड़ा निराला   भित्ति चित्र सुंदर हवेलियां पर्यटक को लुभाती है राव शेखाजी ने…

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  • Dhoop ka tukda
    कविताएँ

    धूप का टुकड़ा | Dhoop ka tukda

    ByAdmin January 25, 2022

    “धूप का टुकड़ा” ( Dhoop ka tukda )     अलसाई सी सुस्ताई सी सर्दी में दुबकती सी मुरझाई सी कमरे के इक कोने में अपने में ही खुद से उलझती सी मैं…… और मुझमें मुझको ही ढूँढता सा आ गया कहीं से छिपता छिपाता सा मुझको मेरे हिस्से की गरमी तपिश देने वो ….

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  • Kavita Krishna
    कविताएँ

    कृष्ण | Kavita Krishna

    ByAdmin January 24, 2022

    कृष्ण ( Krishna )     नयन भर पी लेने दे, प्रेम सुधा की साँवली सूरत। जनम तर जाएगा हुंकार,श्याम की मोहनी मूरत।   ठुमक  कर  चले  पाँव  पैजनी, कमर करधनियाँ बाँधे, लकुटी ले कमलनयन कजराजे,मोरध्वंज सिर पे बाँधे।   करत लीलाधर लीला मार पुतना, हँसत बिहारी। सुदर्शन चक्रधारी बालक बन,दानव दंत निखारी।   जगत…

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  • Gulshan mein kali jawan hui hai
    शेरो-शायरी

    गुलशन में कली जवां हुई है | Ghazal

    ByAdmin January 24, 2022

    गुलशन में कली जवां हुई है ( Gulshan mein kali jawan hui hai )     गुलशन में कली जवां हुई है ख़ुशबू अब रवां यहां हुआ है   सबके कल मकां बहे यहां तो बरसात  बहुत  यहां  हुई  है   दूँ फ़ूल  तुझे कहां से लाकर फ़ूलों की सभी ख़िज़ां हुई है   नफ़रत…

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  • Ganatantra divas kavita
    कविताएँ

    गणतंत्र दिवस हमारा | Ganatantra divas kavita

    ByAdmin January 24, 2022

    गणतंत्र दिवस हमारा ( Ganatantra divas hamara )     देश भक्ति में झूमे सारे, मनाए उत्सव मिलकर। गणतंत्र दिवस हमारा, मुस्काए हम खिलकर।   हाथों में तिरंगा लेकर, गीत वतन के गाए। आओ आज मिलकर, महोत्सव हम मनाएं।   सीमा पर अटल सेनानी, वंदे मातरम गा रहे। राष्ट्रप्रेम की ज्योत जला, देशप्रेम जगा रहे।…

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  • Baal mazdoori kavita
    कविताएँ

    बाल मजदूरी बचपन छीने | Baal mazdoori kavita

    ByAdmin January 23, 2022

    बाल मजदूरी बचपन छीने ( Baal mazdoori bachpan cheene )     सीधे-साधे बच्चों का भगवान रखवाला होता है बालश्रम करवाते उनका निकले दीवाला होता है बच्चों का भविष्य उजाड़े उनको कैसे माफ करें कानून की नजरों में वो तो सलाखों वाला होता है   दुष्ट प्रवृत्ति होते हैं वो लोग जो बालश्रम करवाते भोले…

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  • Sad wali ghazal
    शेरो-शायरी

    दिल दुखा ख़ूब रहा वो मेरा | Sad wali ghazal

    ByAdmin January 23, 2022

    दिल दुखा ख़ूब रहा वो मेरा ( Dil dukha khoob raha wo mera )     दिल दुखा ख़ूब रहा वो मेरा ! दोस्त सच्चा न हुआ वो मेरा   हर घड़ी करके सितम वो मुझ पर दिल रहा रोज़ दुखा वो मेरा   रास्ता कैसे मिले मंज़िल का रहनुमा  ही न  बना वो मेरा…

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  • जख्म | Zakhm par Kavita
    कविताएँ

    जख्म | Zakhm par Kavita

    ByAdmin January 23, 2022January 30, 2023

    जख्म ( Zakhm )     दुखती रग पे हाथ रखा घाव हरे हो गये कल तक जो अपने थे बैरी हमारे हो गए   घाव भरते नहीं कभी जो मिले कड़वे बोल से नासूर भांति दुख देते रह रहकर मखोल से   जख्म वो भर जाएंगे वक्त की मरहम पाकर आह मत लेना कभी…

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