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TheSahitya – द साहित्य
  • Essay on Indian secularism model
    निबंध

    निबंध : धर्मनिरपेक्षता का भारतीय मॉडल पश्चिमी मॉडल से कैसे भिन्न है | Essay in Hindi

    ByAdmin January 31, 2022

      निबंध : धर्मनिरपेक्षता का भारतीय मॉडल पश्चिमी मॉडल से कैसे भिन्न है ( How is the Indian model of secularism different from the western model Essay in Hindi )   पश्चिमी मॉडल में धर्मनिरपेक्षता से आशा एक ऐसी व्यवस्था से है जहां पर धर्म और राज्य एक दूसरे की माला मामले में हस्तक्षेप नहीं…

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  • बेवफ़ा | Bewafai par shayari
    शेरो-शायरी

    बेवफ़ा | Bewafai par shayari

    ByAdmin January 31, 2022

    बेवफ़ा ( Bewafa )     नहीं राहें वो वफ़ा से भरी बेवफ़ा है मुहब्बत की राहें यारों सभी बेवफ़ा है   ग़मो की आहें निकलती यहाँ तो दिल से हुई मेरी जिंदगी से ख़ुशी बेवफ़ा है   वफ़ा नहीं देगा इजहार मत करना उससे उसकी सांसों से महक आ रही बेवफ़ा है   की…

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  • अकड़ अमीरी का
    शेरो-शायरी

    अकड़ अमीरी का | Poem on akad ameeri ka

    ByAdmin January 30, 2022

    अकड़ अमीरी का ( Akad ameeri ka )     दिखाता है अकड़ वो ख़ूब ही मुझको अमीरी की! वही उडाता मजाक मेरी बहुत यारों ग़रीबी की   मगर फ़िर भी नहीं तक़दीर बदली बदनसीबी से इबादत की बहुत ही  रोज़ मैंनें तो इलाही की   ख़ुशी के पल नहीं है जिंदगी में ही  भरे…

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  • Poem on hey gagan ke chandrama
    कविताएँ

    हे गगन के चंद्रमा | Poem on hey gagan ke chandrama

    ByAdmin January 30, 2022October 5, 2023

    हे गगन के चंद्रमा ( Hey gagan ke chandrama )   तुम हो गगन के चन्द्रमा, मै हूँ जँमी की धूल। मुझको तुमसे प्रीत है, जो  बन गयी  है शूल।   तेरे  बिन ना कटती राते, दिल  से  मैं मजबूर, हे  गगन  के  चन्द्रमा, तू आ जा बनके फूल।   रात अरू दिन के मिलन…

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  • Mitti ki mahak
    कविताएँ

    मिट्टी की महक | जलहरण घनाक्षरी

    ByAdmin January 30, 2022November 1, 2022

    मिट्टी की महक ( Mitti ki mahak )     सोंधी सोंधी मीठी मीठी भीनी भीनी पुरवाई लहलहाती धरती मिट्टी की महक आई   खुशहाली हर्ष भरा मेरे देश की माटी में उमंग उल्लास खुशी सबके दिलों में छाई   दूर-दूर फैली कीर्ति यश पताका देश की माटी की खुशबूओं ने जहां में धूम मचाई…

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  • Gam ghazal
    शेरो-शायरी

    ग़म यार हजार ज़ीस्त में है | Gam ghazal

    ByAdmin January 30, 2022

    ग़म यार हजार ज़ीस्त में है ( Gam yaar hajaar zeest mein hai )   ग़म यार हजार जीस्त में है इक पल न क़रार जीस्त में है   रूठी है यहां प्यार की खुशबू कोई न बहार जीस्त में है   कटती जीस्त जा रही है तन्हा कोई  नहीं  यार जीस्त में है  …

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  • Kab aaoge poem in Hindi
    कविताएँ

    कब आओगे | Kab aaoge poem in Hindi

    ByAdmin January 29, 2022

    कब आओगे ( Kab aaoge )   वृन्दावन जस धाम जहाँ पर, जमुना जी का घाट। वहाँ  पे  राधा  देखे  आस , साँवरे  कब आओगे॥ …. शाम  से  हो गई  रात,  मुरलिया  की  ना  छेडी तान। विकल हो राधा ढूँढे आज, श्याम तुम कब आओगे॥ …. नयना  सिन्धु  समान ,  छलकता  आँखो  से  है  प्यार।…

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  • Poem on Subhash Chandra Bose in Hindi
    कविताएँ

    क्रान्ति वीर सुभाष | Poem on Subhash Chandra Bose in Hindi

    ByAdmin January 29, 2022

    क्रान्ति वीर सुभाष ( Krantiveer subhash )     जो लाखों सिंह सपूत जननि,भारत माता ने जाए हैं ! आख्यानअनगिनत रोमांचक,जगइतिहासों ने गाए हैं !   उनसब में वीसुभाष श्रेष्ठतम, क्रान्तिवीर कहलाए हैं ! उन जैसे कठिन पराक्रम तो,कोई भी ना कर पाए हैं !   साधारण बीज धरा से उठ, साधारण पौधा बन पाया…

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  • Kavita muft ki salah
    कविताएँ

    मुफ्त की सलाह | Poem on muft ki salah

    ByAdmin January 29, 2022

    मुफ्त की सलाह ( Muft ki salah )     फ्री फ्री फ्री मुफ्त की सलाह मिल रही सबको फ्री हर मुश्किल समस्या का कोई इलाज लीजिए फ्री   सब हथकंडे सारे नुस्खे कई फार्मूले मिल जाएंगे मुफ्त की सलाह देने कई माहिर विद्वान आएंगे   चुनावी चक्कर में पड़ गए आओ सलाह लीजिए जीत…

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  • Poem anjaan raahen
    कविताएँ

    अनजान राहें | Poem anjaan raahen

    ByAdmin January 28, 2022November 1, 2022

    अनजान राहें ( Anjaan raahen )   वीरान सी अनजान राहें दुर्गम पथ बियाबान राहें। मंजिलों तक ले जाती हर मुश्किल सुनसान राहें।   उबड़ खाबड़ पथरीली गर्म मरुस्थल रेतीली। पर्वतों की डगर सुहानी हिम खंडों में बर्फीली।   घने वनों से होकर गुजरे लंबी चौड़ी सुगम राही। गांवों शहरों को जोड़ें कच्ची पक्की दुर्गम…

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