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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • mausam ki maar
    कविताएँ

    मौसम की मार | kavita mausam ki maar

    ByAdmin January 9, 2022January 9, 2022

    मौसम की मार ( Mausam ki maar )   शीतलहर ढ़ाहत कहर दिखाई न देता डगर है, पग-पग जोखिम भरा मुश्किल हुआ सफ़र है,     सनसन चलती हवा ठंडक से ठिठुरता मानव, कौन किसकी बात सुने सबही हुआ सफ़र है।   कहीं पड़ते बर्फ के फाहे कहीं मूशलाधार वर्षा, चहुँओर से घिरता जीवन जीना…

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  • Rajasthani poem
    कविताएँ

    मिनखपणो पिछाणो | Rajasthani poem

    ByAdmin January 9, 2022

    मिनखपणो पिछाणो ( Rajasthani kavita )     मुंडो देख र टीकों काढै गांठ सारूं मनुवार करै। घर हाळा सूं परै रवै और गांवा रा सत्कार करै।।   मीठी-मीठी मिसरी घोळे बातां सूं रस टपकावै। टोळ गुढ़ावै घणी मोकळी मतळब खातर झूक ज्यावै।।   माळा टूटी अपणेस री भायां री बातां लागै खारी। मेळ जोळ…

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  • Ishq shayari
    शेरो-शायरी

    इश्क में तेरे | Ishq shayari

    ByAdmin January 9, 2022

    इश्क में तेरे ( Ishq Mein Tere )     हम क्या थे  क्या हुये इश्क में तेरे दिल्लगी हुई दिल की लगी इश्क में तेरे   लफ्ज जो तू बोले, अल्फाज़ बने मेरे हम हुये सुखनवर इश्क में तेरे   मैं जो भी लिखूँ नाम करूँ तेरे कागज़ कलम ने दिया साथ इश्क में…

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  • Ghazal chhod diya
    शेरो-शायरी

    छोड़ दिया | Ghazal chhod diya

    ByAdmin January 9, 2022January 9, 2022

    छोड़ दिया ( Chhod diya )   धीरे धीरे ही मगर छोड़ दिया, तेरी आदत सी पड़ गयी थी मुझे। कब तलक बेजती को सहते हम, खुद से नफरत सी हो गयी थी मुझे। मैनें खुद को भूला दी तेरे लिए, फिर भी मै तुझसा बन ना पाया हूँ, कब तलक कशमकश में रहते हम,…

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  • Book review behad muhabbat
    पुस्तक समीक्षा

    युवाओं के लिए बेहद चर्चा का विषय रहा बेहद मोहब्बत | Book review

    ByAdmin January 8, 2022January 8, 2022

    बिहार कई बड़े साहित्यकारों की धरती रही है। निरंतर इस मिट्टी से कोई न कोई कवि और लेखक निकलता ही आ रहा है। इसी कड़ी में युवा साहित्यकार कवि व लेखक आलोक रंजन की दुसरी काव्य संग्रह बेहद मोहब्बत प्रकाशित हो चुकी है। यह किताब आनलाईन बाजार के हर दुकान पर उपलब्ध है। आलोक रंजन…

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  • Khatti meethi yaadein
    कविताएँ

    खट्टी मीठी यादें | Khatti meethi yaadein kavita

    ByAdmin January 8, 2022

    खट्टी मीठी यादें ( Khatti meethi yaadein )     वर्ष बीत गया कुछ कुछ कवड़ी मगर सच्ची यादें सब के जीवन को बदला कुछ अच्छी सच्ची बातें   आहिस्ता आहिस्ता नव वर्ष आ ही गया करें स्वागत नव ऊर्जा नव उमंग नव उत्साह संग आओ करें स्वागत   कुदरत ने ये कैसा कहर बरपाया…

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  • Saanson mein khushboo yar ki
    शेरो-शायरी

    सांसों में खुशबू यार की | Ghazal

    ByAdmin January 8, 2022

    सांसों में खुशबू यार की ( Saanson mein khushboo yar ki )   ऐसी है सांसों में ही ख़ुशबू यार की ! हो रही है बातें इसलिए प्यार की   यादों ने इस क़दर है सताया उसकी रातें मैंनें काटी है बहुत बेदार की   बीच सफ़र में मेरा साथ वो छोड़ गया देखली है…

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  • Jimmedari kavita
    कविताएँ

    जिम्मेदारी | Jimmedari kavita

    ByAdmin January 7, 2022January 8, 2022

    जिम्मेदारी ( Jimmedari )   रिश्तों की डगर पे जिम्मेदारी खूब निभाता हूं जीवन के उतार-चढ़ाव में संभल कर जाता हूं   घर परिवार कुटुंब अपनों में स्नेह लुटाता हूं अपनापन अनमोल है सबसे प्यार पाता हूं   मात पिता की सेवा करें समझे सब जिम्मेदारी तरुणाई चार दिन की फिर आगे अपनी बारी  …

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  • Essay on caste reservation in Hindi
    निबंध

    जातिगत आरक्षण भारतीय समाज के विकास के लिए वरदान या अभिशाप | Essay in Hindi

    ByAdmin January 6, 2022

    निबंध : जातिगत आरक्षण भारतीय समाज के विकास के लिए वरदान या अभिशाप ( Caste reservation is a boon or a curse for the development of Indian society : Essay in Hindi )   प्रस्तावना – भारत में सरकारी सेवाओं तथा संस्थानों में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं रखने वाले पिछड़े समुदाय तथा अनुसूचित जातियों और जनजातियों…

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  • Suhag kavita
    कविताएँ

    सुहाग | Suhag kavita

    ByAdmin January 6, 2022

    सुहाग ( Suhag )     बिंदिया पायल बिछिया कंगन सुहागन श्रृंगार है। सिन्दूर पिया मन भाये बढ़ता आपस में प्यार है।।   मंगलसूत्र सुहाग प्रतीक चेहरा चांद सा दमके। चूड़ियों की खनक में सितारा सौभाग्य चमके।।   सदा सलामत रहे सुहाग अनुराग उमड़ता है। प्रेम भरे पावन रिश्तों में प्यार दिलों में बढ़ता है।।…

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