• संक्रांति | Sankranti kavita

    संक्रांति ( Sankranti )     उत्तरायण भी कहे सूर्य मकर राशि में पर्व मकर संक्रांति दिवस दान पुण्य का   तिल गुड़ बांट बांट बोले मीठा मीठा बोल पुण्य भरा काज करो शुभ दिवस आज का   पूजा वंदना कर लो तीर्थों का फल मिलता आशीष मात-पिता का वरदान उन्नति का   पावन गंगा…

  • हसरतें | Hasratein shayari

    हसरतें ( Hasratein )     हमारी  हसरतें भी थी  गुलों  के बीच  रहने  की, मगर  ताजिन्दगी  काँटों में ही उलझे रहे हरदम।   हम अपनी चाहतों के लाश को काधे पे ले करके, गुजारी  जिन्दगी  को  सामने  हँसते  रहे  हरदम।   जो भी मिला इस  जिन्दगी  में मुझसे आकर के, उसी से प्यार की…

  • बेटा | Beta kavita

    बेटा ( Beta )     बुढ़ापे की लाठी बेटा नयनो का तारा बेटा मां बाप का अरमान राज दुलारा है बेटा   नाम रोशन जहां में करता प्यारा दुलारा शुभ कर्मों से घर की आन बान शान बेटा   यश कीर्ति लहराए पुत्र जन्म जब पाये दुनिया में रोशन हो घर का चिराग बेटा…

  • तोड़ न उल्फ़त का रिश्ता तू | Ghazal

    तोड़ न उल्फ़त का रिश्ता तू ( Tod na ulfat ka rishta too )   तोड़ न उल्फ़त का रिश्ता तू ग़ैर न कर मुझसे चेहरा तू   और नहीं आंखों में सूरत ख्वाबों में है हर लम्हा तू   वरना चेहरे और यहां है रोज़ नहीं कर यूं शिकवा तू   वरना कह दूंगा…

  • जज्बात | Jazbaat poetry

    जज्बात ( Jazbaat )   मचलते दिल में कुछ अरमान मेरे, जग रही ही अब। दबा था दिल जो वो प्यास शायद, जग रही ही अब।   तरन्नुम में कहु तो, हाल ए दिल बेचैन है दिलवर, तुम्ही पे मर मिटू हुंकार ये चाहत, जग रही है अब।   ये रातें नाग बनकर डंस रही…

  • युवा रचनाकारों के लिए अनूठा शुभ समाचार

    युवा रचनाकारों के लिए अनूठा शुभ समाचार   स्वामी विवेकानंद जयंती अर्थात ‘अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस’ पर एक लंबे समय से अपेक्षित शुभ समाचार आप सब तक पहुंचाते हुए आनंद की अनुभूति हो रही है। हम सब जानते हैं स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव के संदर्भ में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश युवा रचनाकारों के लिए एक महत्वपूर्ण…

  • लोहड़ी | lohri kavita

    लोहड़ी ( Lohri ) ( 2 )  लोहड़ी सिख व हिंदू का प्रमुख त्यौहार, मनाते हैं, इस त्यौहार पर बेहद खुशी व उत्साह दिखाते हैं। लोहड़ी से फसलों की कटाई शुरू हो जाती है, इसी वजह से फसल कटाई का जश्न मनाते हैं।। यह त्यौहार हमारे लोककथाओं को बतलाता है, पारिवारिक परंपराओं से इसका गहरा…

  • जाने दो | Jaane do kavita

    जाने दो ( Jaane do )   हे प्रिय प्रकाश को बन्द करो, अन्धियारे को तुम आने दो। कोई देख ना ले हम दोनो को, जरा चाँद को तुम छुप जाने दो।   तब तक नयनों से बात करो, कोई हास नही परिहास करो। मन के भावों को रोक प्रिये, घनघोर अन्धेरा छाने दो।  …

  • लड्डू | Laddoo par Chhand

    लड्डू ( Laddoo ) मनहरण घनाक्षरी   गोल मटोल मधुर, मीठे मीठे खाओ लड्डू। गणपति भोग लगा, मोदक भी दीजिए।।   गोंद मोतीचूर के हो, तिल अजवाइन के। मेथी के लड्डू खाकर, पीड़ा दूर कीजिए।।   खुशी के लड्डू मधुर, खूब बांटो भरपूर। खुशियों का चार गुना, मधु रस पीजिए।।   शादी समारोह कोई, पर्व…

  • मुझे उससे बहुत उल्फ़त हुई है | Ulfat shayari

    मुझे उससे बहुत उल्फ़त हुई है ( Mujhe usse bahut ulfat hui hai )     मुझे उससे बहुत उल्फ़त हुई है उसी की रोज़ अब हसरत हुई है   बहुत भेजे उसे गुल प्यार के थे न उसकी दूर वो नफ़रत हुई है   रहूँ कैसे बिना उसके बताओ उसी की मुझको अब आदत…