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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Tyohar kavita
    कविताएँ

    कहां अब पहले से त्यौहार | Tyohar kavita

    ByAdmin November 8, 2021

    कहां अब पहले से त्यौहार ( Kahan ab pehle se tyohar )     कहां अब पहले से त्यौहार रहा ना अपनापन प्यार बड़ों का होता सम्मान लुप्त हो रहे सभी संस्कार   सद्भावों की बहती गंगा घट घट उमड़ता प्यार बहन बेटी बुजुर्गों का होता तब आदर सत्कार   अतिथि को देव मानते पत्थर…

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  • Khwab ghazal
    शेरो-शायरी

    ख़्वाबों का तेरी सदा पहरा रहा | Khwab ghazal

    ByAdmin November 8, 2021

    ख़्वाबों का तेरी सदा पहरा रहा ( Khwabon ka teri sada pahara raha )   ख़्वाबों का तेरी सदा पहरा रहा सिलसिला नींदो में ही चलता रहा   दूर तुझसे हम चले जाये कहीं हम मिलेंगे तुझसे ये वादा रहा   तन्हा होने का लगे अहसास नहीं जिंदगी भर तू यूँ ही मिलता रहा  …

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  • Chahiye poetry
    शेरो-शायरी

    चाहिये | Chahiye poetry

    ByAdmin November 8, 2021

    चाहिये ( Chahiye )   तेरे मेरे बीच की अब धुन्ध छटनी चाहिये । आग की दीवार दरिया में बदलनी चाहिये ।।   जमाना कठपुतलियों का बहुत पीछे रह गया । उनको सीधे उंगलियों से ही उलझना चाहिये ।।   मेरी मेहनत तुम्हारी दौलत का झगड़ा बात से । नहीं सुलझा , सड़क पर उसको…

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  • Manbhavan kavita
    कविताएँ

    मनभावन कविता | Manbhavan kavita

    ByAdmin November 8, 2021

    मनभावन कविता ( Manbhavan kavita )     साहित्य विधाएं मधुरम कवि की कविताएं मधुरम उर पटल आनंद भरती मनभावन रचनाएं मधुरम   शब्द सुरीले मीठे-मीठे बहती भाव सरितायें मधुरम छंद सोरठा गीत गजल में सजे नई उपमायें मधुरम   कल्पनायें साकार होती सृजन भरी रचनाएं मधुरम भाव सिंधु से मोती बहते काव्य की धाराएं…

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  • Kumhar kavita
    कविताएँ

    कुम्हार | Kumhar kavita

    ByAdmin November 7, 2021

    कुम्हार ( Kumhar )   बाबू ले लो ना दिए घर तेरा रोशन हो जाएगा। एक वक्त की रोटी के लिए मेरा चूल्हा भी जल जाएगा। मेरी भूख तब मिटेगी जब तेरा हर कोना जगमग आएगा। ले लो ना बाबू जी कुछ दिए मेरा चूल्हा भी जल जाएगा। छोटे बड़े दीपक से अंधकार मिट जाएगा…

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  • Poem on rishtey in Hindi
    कविताएँ

    रिश्तो का मेला | Poem on rishtey in Hindi

    ByAdmin November 7, 2021

    रिश्तो का मेला ( Rishton ka mela )     सद्भाव का संगम अनूठा  रिश्तो का मेला जहां उमड़ता सागर है अपनापन अलबेला   एक दूजे के दर्द बांटते सुखों में रहते शामिल तीज त्योहार होली दिवाली सब मनाते हिलमिल   खुशियों का संसार हमारा प्यारा रिश्तो का मेला धागा है यह अटूट प्रेम का…

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  • Dr. Kaushal Kishore Srivastava Poetry
    शेरो-शायरी

    लगे | Dr. Kaushal Kishore Srivastava Poetry

    ByAdmin November 6, 2021

    लगे ( Lage )   जड़ जगाने में जिनको जमाना लगा । उन दरख्तों को पल में गिराने लगे ।।   उनकी इतनी हवस कि खुदा क्या करे ? सारे दुनिया के भी कम खजाने लगे ।।   दफन खुद में ही अब शख्श होने लगे । ताले  खुद  ही  जुवा  पे लगाने लगे ।।…

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  • Heart touching ghazal
    शेरो-शायरी

    एक मुद्दा हम उठा के रह गये | Heart touching ghazal

    ByAdmin November 6, 2021November 1, 2022

    एक मुद्दा हम उठा के रह गये ( Ek mudda hum utha ke rah gaye )     एक मुद्दा हम उठा के रह गये लोग सारे कसमसा के रह गये   वो बना भी तो नहीं है हम सफ़र प्यार दिल में ही बसा के रह गये   दोस्त मेरा वो नहीं फ़िर भी…

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  • Is artificial intelligence a boon or a curse
    निबंध

    निबंध : कृत्रिम बुद्धिमत्ता वरदान है या अभिशाप | Essay in Hindi

    ByAdmin November 5, 2021November 28, 2022

    निबंध : कृत्रिम बुद्धिमत्ता वरदान है या अभिशाप   ( Is artificial intelligence a boon or a curse? : Essay in Hindi ) प्रस्तावना :- इन दिनों दुनिया भर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की चर्चा हो रही है। महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंस ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता की संभावनाओं के साथ-साथ इसकी चुनौतियों के बारे में कहा था…

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  • Kavita
    कविताएँ

    रख | Kavita

    ByAdmin November 5, 2021

    रख ( Rakh : Hindi Kavita  )   खुशियो भरा पिटारा रख । दिल मे जज्बा प्यारा रख ।। तुझे अकेले चलना है । आगे एक सितारा रख ।। मन मे हो मझधार अगर । अपने साथ किनारा रख ।। धुन्धले पन के भी अंदर । सुंदर एक नजारा रख ।। दुनिया से जो भिड़ना…

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