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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • ब्रह्मचारिणी
    कविताएँ

    ब्रह्मचारिणी | Brahmacharini Navratri Kavita

    ByAdmin October 8, 2021

    ब्रह्मचारिणी ( Brahmacharini Navratri )   हे ब्रह्मचारिणी तपस्विनी सदाचरण की देवी करो कृपा हे जगदंबे मत करो अब देरी   आचरण को विमल कर दो निर्मल कर दो भाव शब्दों में तुम शक्ति भर दो मां दे दो चरणों की छांव   भरा रहे दरबार तुम्हारा सुख समृद्धि यश कीर्ति सृष्टि की करतार माता…

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  • प्यार का दिल में अपने ही आशिकाना कीजिए
    शेरो-शायरी

    प्यार का दिल में अपने ही आशिकाना कीजिए | Ghazal

    ByAdmin October 8, 2021October 8, 2021

    प्यार का दिल में अपने ही आशिकाना कीजिए ( Pyar ka dil mein apne hi aashiqana kijiye )   प्यार का दिल में अपनें ही आशिकाना कीजिए छोड़  नफ़रत  को  शुरु  ये मुस्कुराना कीजिए   छोड़ दो दिल से ख़फ़ा होना मगर अब तो ज़रा देखिए  भी  घर  शुरु  मेरे  ही  आना  कीजिए   नफ़रतों…

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  • Navratri poem in Hindi
    कविताएँ

    जय मां दुर्गा भवानी | Navratri poem in Hindi

    ByAdmin October 7, 2021October 22, 2022

    जय मां दुर्गा भवानी ( Jai Maa Durga Bhavani )   हे खडग खप्पर धारिणी हे रक्तबीज संहारिणी करो कृपा हे मात भवानी सर्व दुख निवारिणी   सिंह आरूढ़ होकर आओ माता मुश्किल हल कर जाओ छाया है घनघोर अंधेरा जीवन में उजियारा लाओ   हे मां शक्ति स्वरूपा मंगलकारिणी सिद्धि अनूपा जग जननी मां…

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  • तुम्हारी खुशी की खातिर
    कहानियां

    तुम्हारी खुशी की खातिर | (अंतिम भाग ) | Hindi Story

    ByAdmin October 7, 2021

    तुम्हारी खुशी की खातिर ( Tumhari khushi ke khatir ) अदनान जल्दी से शरणार्थी कैम्प में पहुंचा लेकिन रुकय्या का कही। अता-पता नहीं था, उसकी निगाहें चारों तरफ रुकय्या को ढूढ़ती रही। वह हर रोज समुद्र के किनारे पर जाकर बैठता, उसका इन्तजार करता कि शायद कभी न कभी तो वह उसे नज़र आयेगी लेकिन…

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  • दिल की ज़मीं पर
    शेरो-शायरी

    दिल की ज़मीं पर | Ghazal Dil ki Zameen par

    ByAdmin October 7, 2021February 6, 2023

    दिल की ज़मीं पर ( Dil ki zameen par )     दिल की ज़मीं पर अरमानों की छत डाल ख्वाबों का बिछौना दिया तो था  तुम्हें बादलों सा उड़ना हवाओं सा रवां पानियों सा बहना रास था मैं बाँध न पाई बोटी बोटी सी जो कट चुकी थी तिनका तिनका जुटाने में   लेखिका…

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  • उनकी समझ में थे बहुत से
    शेरो-शायरी

    उनकी समझ में थे बहुत से | Ghazal

    ByAdmin October 6, 2021October 6, 2021

    उनकी समझ में थे बहुत से ( Unki samajh mein the bahut se )   उनकी समझ में थे  बहुत से  दोस्त और यार अब गिन रहे  कितने बचे हैं  और गमगुसार !!   कासिद ने खत के साथ ही मजमून भी दिया जैसे कि  म्यान से  अलग  से दे  कोई कटार !!   उस …

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  • महालया
    निबंध

    महालया | Mahalaya Essay in Hindi

    ByAdmin October 6, 2021

    महालया ( Mahalaya :  Essay in Hindi )   पश्चिम बंगाल की ऐतिहासिक दुर्गा पूजा का आरंभ महालय के बाद ही होता है। महालया, बंगाल में दुर्गा पूजा में महालया का विशेष महत्व होता है, महालया के दिन से ही दुर्गा पूजा की शुरुआत हो जाती है। मां दुर्गा में आस्था रखने वाले बंगाल के…

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  • अग्नि शेखर के काव्य संग्रह "जलता हुआ पुल" पर परिचर्चा
    साहित्यिक गतिविधि

    अग्नि शेखर के काव्य संग्रह “जलता हुआ पुल” पर परिचर्चा

    ByAdmin October 5, 2021September 24, 2024

    छिंदवाड़ा – साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद की जिला इकाई पाठक मंच बुक क्लब छिंदवाड़ा द्वारा कवि अग्नि शेखर के “जलता हुआ पुल” ज्योतिपर्व प्रकाशन से प्रकाशित काव्य संग्रह पर परिचर्चा कराई गई परिचर्चा के दौरान काव्य कृति पर वरिष्ठ पाठकों सहित युवा पाठक ने अपने विचार व्यक्त किए ! विशाल शुक्ल छिदवाड़ा – “जलता…

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  • वक्त की आवाज
    कविताएँ

    वक्त की आवाज | Samay Geet

    ByAdmin October 5, 2021

    वक्त की आवाज ( Waqt ki awaz hai ye : Geet )   वक्त  की  आवाज है ये, समय की पुकार भी। तोड़े नियम सृष्टि के, नर कर लो स्वीकार भी।   चीरकर पर्वत सुरंगे, सड़के बिछा दी सारी। वृक्ष विहिन धरा हुई, बरसी भीषण बीमारी।   कहर कुदरत का बरसा, तिरोहित हुआ प्यार भी।…

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  • मनोज सिंह के उपन्यास "मैं आर्यपुत्र हूँ" पर परिचर्चा
    साहित्यिक गतिविधि

    साहित्यिक गतिविधि | मनोज सिंह के उपन्यास “मैं आर्यपुत्र हूँ” पर परिचर्चा

    ByAdmin October 5, 2021

    छिंदवाड़ा – साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद की जिला इकाई पाठक मंच बुक क्लब छिंदवाड़ा द्वारा लेखक मनोज सिंह प्रभात लोग प्रकाशन से प्रकाशित उपन्यास मैं आर्यपुत्र हूं पर परिचर्चा कराई गई परिचर्चा के दौरान कृति पर वरिष्ठ पाठकों सहित युवा पाठक ने भी अपने विचार व्यक्त किए ! हरिओम माहोरे छिंदवाड़ा – “मैं आर्यपुत्र…

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